राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के चुनाव में पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह ने सोमवार को अपने गुट के साथ नामांकन वापस ले लिया। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बेटे पवन दिलावर भी उपाध्यक्ष पद से नाम वापस ले चुके हैं।
'मुख्यमंत्री युवा सुयोग कार्यक्रम' के जरिए प्रदेश के युवा साथियों से हुए संवाद के आत्मीय पल।
प्रदेश में कौशल विकास, डिजिटल साक्षरता, खेल और रोजगार के नए अवसरों से हर युवा आत्मनिर्भर बन रहा है।
#Jaipur#बगरू हाईवे पर दौड़ती कार बनी आग का गोला
कार चालक ने दिखाई तत्परता, भनक लगते ही कार से उतर कर बचाई जान, पुलिस पहुंची मौके पर, कार में आग लगने के कारणों का नहीं चल सका पता, दमकल के पहुंचने से पहले ही कार जलाकर हुई खाक, NH-48 की दहमी बालाजी पुलिया पर हुई घटना
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महात्मा ज्योतिबा फुले जी की जयंती पर, उन्हें कोटि-कोटि नमन। महिला शिक्षा के प्रणेता और सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध, उनका आजीवन संघर्ष हमें एक न्यायपूर्ण और समरस समाज के निर्माण की प्रेरणा देता रहेगा।
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नागपुर के रेशमबाग स्थित डॉ. हेडगेवार स्मारक समिति परिसर में केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय (CSU) एवं मीडिया फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘भारतीय युवा संसद’ का भव्य शुभारंभ माननीय उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन जी के करकमलों से सम्पन्न हुआ। इस गरिमामयी अवसर पर महाराष्ट्र के राज्यपाल श्री जिष्णु देव वर्मा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल, CSU के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी, महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री श्री चंद्रशेखर बावनकुले, भारतीय भाषा समिति के अध्यक्ष श्री चमुकृष्ण शास्त्री, जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मदन मोहन झा सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति रही। देशभर से आए लगभग 800 युवा प्रतिनिधियों ने इस आयोजन को ऊर्जा और विचारों से समृद्ध किया।
अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में माननीय उपराष्ट्रपति जी ने केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के प्रयासों की विशेष सराहना करते हुए कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारत की सभी भाषाओं को जोड़ने वाला एक सशक्त, जीवंत और अक्षय सूत्र है, जो राष्ट्र की सांस्कृतिक अखंडता का आधार है। उन्होंने CSU की ‘अष्टादशी परियोजना’ को संस्कृत के पुनर्जागरण का अभिनव माध्यम बताते हुए कहा कि यह पहल संस्कृत को कक्षाओं से निकालकर जन-जन तक पहुंचा रही है और भारत की आत्मा को पुनर्जीवित करने का महान कार्य कर रही है। उन्होंने भारतीय भाषाओं के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि मातृभाषा हमारी जड़ों और पहचान को सशक्त बनाती है।
उन्होंने युवाओं को राष्ट्र की वास्तविक शक्ति बताते हुए कहा कि भारत की लगभग 65% जनसंख्या 35 वर्ष से कम आयु की है, जो ‘अमृत काल’ के ‘अमृत पुत्र’ हैं। ‘भारतीय युवा संसद’ जैसे मंच संवाद, नेतृत्व और चरित्र निर्माण के माध्यम से राष्ट्रनिर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में सक्रिय भागीदारी निभाएं, क्योंकि संवाद से विचार और विचार से चरित्र का निर्माण होता है।
अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचारों में राष्ट्रबोध, धर्म, सत्य और संवाद की परंपरा पर बल दिया। डॉ. कृष्ण गोपाल जी ने वैदिक काल से चली आ रही विचार-विमर्श की परंपरा का स्मरण कराते हुए ‘सत्यमेव जयते’ और ‘यतो धर्मस्ततो जयः’ के सिद्धांतों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया। राज्यपाल श्री जिष्णु देव वर्मा ने युवाओं को डिजिटल व्यस्तताओं से समय निकालकर ऐसे मंचों से जुड़ने का आग्रह किया और ‘एकं सद्विप्रा बहुधा वदन्ति’ के माध्यम से भारत की विविधता में एकता की सुंदरता को रेखांकित किया।
यह आयोजन न केवल संवाद का मंच है, बल्कि एक सशक्त, संस्कारित और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक सृजनात्मक पहल है, जिसमें युवा ही भविष्य के पथप्रदर्शक हैं।
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पिछले कुछ दिनों से राजपाल यादव को लेकर लोग कुछ ज़्यादा ही भावुक होते दिखाई दे रहे हैं—कि कोई काम नहीं आता, कोई दोस्त साथ नहीं देता।
लेकिन एक प्रश्न स्वयं से भी पूछिए—
जब हम सफलता के शिखर पर होते हैं, क्या हम हमेशा अपने धरातल को याद रखते हैं?
अक्सर ऐसा होता है कि ऊँचाइयाँ मिलते ही व्यक्ति उड़ने लगता है, ज़मीन से जुड़ाव कम हो जाता है। और जब परिस्थितियाँ बदलती हैं, तो उसका कारण भी कहीं न कहीं हमारी अपनी गलतियाँ होती हैं।
दुनिया को दोष देना आसान है, पर सच्चाई यह है कि जीवन उतार–चढ़ाव से भरा है।
अमिताभ बच्चन का कठिन दौर भी सबने देखा। आर्थिक संकट आया, करियर डगमगाया—लेकिन उन्होंने सहानुभूति नहीं माँगी। कहा जाता है कि धीरूभाई अंबानी सहायता के लिए तैयार थे, फिर भी उन्होंने संघर्ष का रास्ता चुना। मेहनत की, धैर्य रखा और स्वयं को फिर से खड़ा किया।
जीवन में परिस्थितियाँ बदलेंगी—यह निश्चित है।
पर अपनी जिम्मेदारी से भागना सबसे बड़ी भूल है।
गिरने पर दूसरों को दोष देने से बेहतर है कि अपनी कमियों को पहचाना जाए।
सहानुभूति से क्षणिक दिलासा मिल सकता है,
लेकिन स्थायी सफलता केवल आत्मविश्वास, परिश्रम और आत्मनिर्भरता से मिलती है।
आखिरकार—
आपको खुद को ही खड़ा करना होगा।
दुनिया तालियाँ भी बजाती है और आलोचना भी करती है,
लेकिन चलना आपको अपने पैरों पर ही होता है
डॉ धीर सिंह धाभाई
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#Jhalawar#डग नशे के खिलाफ डग थाना पुलिस की बड़ी कार्रवाई
घाटाखेड़ी के एक रिहायशी मकान में दी दबिश, नशा तस्कर आरोपी पिता-पुत्र को पुलिस ने गिरफ्तार किया, आरोपी अयाज खान और अनस खान निवासी बसई मप्र को किया गिरफ्तार, कब्जे से 87.22 ग्राम एमडी ड्रग, 148.90 ग्राम एमडी बनाने का केमिकल, एमडी मिश्रित 13 गुटका पाउच, 2 मोबाइल व 2140 रुपए नगदी की बरामद, फरार मकान मालिक लियाकत खान की की जा रही तलाश
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हनुमानगढ़ से बुरी खबर आ रही है। यहां पानी की डिग्गी में डूबने से पिता और दो बेटों की मौत हो गई। कहा जा रहा है कि बेटों की जान पिता को बचाने की कोशिश में गई।
झुके नही वह मुगलों से, अनुबंधों को ठुकरा डाला
मातृ भूमि की भक्ति का, नया प्रतिमान बना डाला।
शूरवीर सूर्योदय क्षत्रिय कुल सम्राट ,स्वाभिमान के प्रतीक वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन ॥
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