@janardanspeaks भले ही दिल्ली की कायर पुलिस प्रसाशन शांति पूर्ण प्रदर्शन कर रहीं आपकी लड़की के सिर पर लट्ठों से हमला करे बेटे को एस सी एससी-एसटी एक्ट का झूठ केश लगा कर जिंदगी बर्बाद करे, आरक्षण रूपी साँप योग्यता को दंशित करे??????
आरक्षण के नाम पर सालों से मेरिट को कुचला जा रहा है।
जो नेता आरक्षण का पूरा फायदा उठा चुके वही आरक्षण का समर्थन कर रहे।
सवर्ण नेता भी मौन है लेकिन अब समाज खुद जागा है।
आरक्षण सुधार या फिर मेरिट आधारित व्यवस्था — यही मांग है।
जंतर मंतर पर सवर्णों की उठ रही आवाज़ को अब और नहीं दबाया जा सकता ✊
दीपक गौड़ जी और मैं, शत्रुघ्न पाण्डेय, सहित हजारों कार्यकर्ताओं और आंदोलनकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। हमें कहाँ ले जाया जाएगा, यह भी पता नहीं है। लोकतंत्र में अपने अधिकारों की आवाज उठाने पर इस तरह गिरफ्तार करना क्या तानाशाही नहीं है?
#दिल्लीआंदोलन#जंतरमंतर
‼️ प्यारे सवर्ण समाज के बंधुओं , माताओं , बहनों ,बच्चों ‼️
सवर्ण आंदोलन की आवाज़ अब पक्ष और विपक्ष दोनों जगह जानें लगी है पक्ष के लोग इसको रोकने , बदनाम करने , कमजोर करने में लगा है तो वहीं विपक्ष में अखिलेश यादव का के “पी” का पंडित अब पतित हो गया है और पुनः पिछड़ा बन गया है , चंद्रशेखर रावण ने अपने पुराने अंदाज में धमकी देने वाले दलितों की तरह सरकार को धमकाया है कि आरक्षण समाप्त हुआ तो खून की नदियाँ बह जाएंगी , अठावले ने कहा जो आरक्षण की समाप्ति की बात कर रहा है वो देश द्रोही है , चिराग पासवान ने कहा आरक्षण पर बात करना भी ग़लत है , मायावती ने भी कड़ा ऐतराज जताते हुवे कहा है की जंतर मंतर पर जो आंदोलन आरक्षण समाप्त करने का हुआ वो ग़लत है और किसी पार्टी को इसका समर्थन नहीं करना चाहिए , वग़ैरह-वग़ैरह ।
आपको बताना ज़रूरी है कि अखिलेश यादव ओबीसी नहीं हैं केवल उनकी जाति ओबीसी में है चुकी वो सांसद हैं और क्रिमिलेयर में आते हैं और ऐसे ही 75 % यादव जाति के लोग क्रिमिलेयर में है जो जबरदस्ती अपने को ओबीसी कह रह है जबकी वो सामान्य श्रेणी में है , अखिलेश यादव केवल वोट लेने के लिए ये ओबीसी एससी एसटी का गेम खेल रहे हैं कभी पंडितों को रिझाने के लिए पीडीए के पी को पंडित बता देते हैं लेकिन आज जब पंडित समानता के संवैधानिक अधिकार की मांग कर रहा है तो उसका विरोध कर रहे हैं ऐसे तो एक भी पंडित का वोट नहीं मिलेगा आपको ।
चंद्रशेखर रावण एक एक अगले दलित हैं जिनकी सामाजिक आर्थिक स्थिति ब्राह्मण क्षत्रियों से अच्छी है लेकिन उनके समाज के जो दबे कुचले लोग हैं जिनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति दयनीय है उनका हक खा रहे हैं , बाल्मीकि , मतंग , सोनकर , खटिक , पासी जब वर्गीकरण की माँग कर रहे हैं तो ये अगड़े दलित जिसमें मायावती भी सम्मिलित हैं उन बेचारे दलितों का विरोध करते हैं यही हाल अठावले और चिराग पासवान का है , आरक्षण जब आर्थिक आधार पर होगा तब इन बेचारे असली दलितों को न्याय मिलेगा और यही हमारे सवर्ण समाज की माँग है जो ये अगड़े दलित नहीं होने देना चाहते ।
हमारे सवर्ण समाज के नेता इस अन्याय के विरुद्ध बोल नहीं पाते जो हमारे समाज के आईएएस आईपीएस , जज आदि जो प्रबुद्ध जन हैं इस आंदोलन में सम्मिलित हों और देश के आम लोगो को बतायें की यह जो व्यवस्था है वो असंवैधानिक है अमानवीय है ।
जो आंदोलन कर रहे हैं और जो पार्टी के नेताओं के साथ बिना मांग के आंदोलन समाप्ति की घोषणा कर रहे वो अपना आंदोलन वापस ले रहे हैं सवर्ण समाज के लोग अब इस आंदोलन को इन तीनों काले कानूनों को समाप्त करा कर ही वापस होंगे ये विश्वास रखिए ।
जल्द ही एक मीडिया टीम , सरकार से वार्ता की टीम और आरक्षण पर रिसर्च टीम की घोषणा करेंगे यदि आप भी इन किसी में हिस्सा लेना चाहते हैं तो हमसे संपर्क कीजिए ।
आप सबका आभार यह आंदोलन किसी व्यक्ति का नहीं ये भीड़ किसी व्यक्ति के लिए नहीं है यह सवर्णों की सामूहिक पीड़ा है जो अब आकार ले रही है एक बड़े राष्ट्रव्यापी आंदोलन की जो किसी वर्ग के ख़िलाफ़ नहीं जो किसी जाति के ख़िलाफ़ नहीं किसी वर्ण के ख़िलाफ़ नहीं यह आंदोलन सरकार की ग़लत नीतियों के ख़िलाफ़ है ।
आंदोलन से जुड़े रहने के लिए हमें लिखते रहें , आज के आंदोलन के बाद जल्द आपको अगले रणनीति के बारे में बता दिया जाएगा ।
जय हिन्द !
पानी भोजन ऑडोमास छाता हर वो समान जंतर मंतर भेजो जो कॉकरोच आंदोलन में पहुँचा था
बाद में गालिया मत देना, जंतर मंतर गए थे कुछ नहीं बदला
साथ देने का समय है अब साथ दो अपनों का
#jantarmantar
मोदी के सपनों पर अवैध जामा मस्जिद
मा. प्रधानमंत्री झुग्गीवासियों को घर दे रहे हैं
लेकिन दूसरी तरफ़ राजधानी दिल्ली के नांगलोई में झुग्गी के बदले गरीबो को दिए गए
34 प्लॉट्स घरों और गली पर क़ब्ज़ा कर बना दी अवैध जामा मस्जिद
200 मीटर पर ही है SDM कार्यालय और 100 मीटर पर पुलिस स्टेशन नांगलोई कोई पूछने तक नहीं गया
हैरानी की बात ये भी है कि अवैध मस्जिद लगातार निर्माणाधीन है
20/08/2025 दिल्ली हाईकोर्ट से ऑर्डर हो गया
फिर भी ना तो अवैध मस्जिद गिरी और ना ही गरीबो को उन के घर वापस दिए गए
@dusibdelhi विभाग ने स्वीकार कर लिया ज़मीन उन्ही की है
लेकिन अवैध निर्माण और अतिक्रमण रोकने हटाने का काम @MCD_Delhi का है
@DmcNarela
अवैध अतिक्रमण के ख़िलाफ़ लड़ाई जारी रहेगी जब तक गरीबों को उनका घर वापस नहीं मिल जाता
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