आदरणीय जब तक विभाग में भर्ती नियमों में संशोधन नीति नही लायेंगे तब तक प���रदेश में मछुआ उत्पादन स्वप्न मात्र है।मत्स्य विभाग में तकनीकी शिक्षा का प्रसार देश का लगभग हर राज्य कर रहा सिवाय मध्य प्रदेश के पता नहीं मंत्री जी और विभाग तकनीकी शिक्षित छात्रों से क्यों घृणा करती है?
@fisheries_mp@tulsi_silawat@FisheriesGoI@Min_FAHD आदरणीय जब तक विभाग में भर्ती नियमों में संशोधन नीति नही लायेंगे तब तक प्रदेश में मछुआ उत्पादन स्वप्न मात्र है।मत्स्य विभाग में तकनीकी शिक्षा का प्रसार देश का लगभग हर राज्य कर रहा सिवाय मध्य प्रदेश के पता नहीं मंत्री जी और विभाग तकनीकी शिक्षित छात्रों से क्यों घृणा करती है?
@tulsi_silawat आदरणीय जी आपसे अनुरोध है, एवं विनम्र निवेदन है, कि मत्स्य विज्ञान विषय से जुड़े छात्रों की समस्या को तुरंत संज्ञान में लेकर उचित कार्यवाही करें,,, अन्यथा विवश होकर हमें यह विषय राष्ट्रीय स्तर पर ले जाना पड़ सकता है, और हम इस कार्य में बेहतर और सक्षम है,
@tarunkantpatel@tulsi_silawat@CMMadhyaPradesh@ChouhanShivraj आदरणीय जरूर हम तो कबसे विभाग से यही कह रहे की परीक्षा में मत्स्य विज्ञान को शामिल करे वहीं से शुरुआत होगी ज्ञान की..और रही बात प्रायोगिक ज्ञान, कल्चर तो इस संबंध में भी जब आप कहें मगर परीक्षा आप सभी लेने के हकदार होंगे जब आप स्वयं हमारी फील्ड से होंगे🙏
@Surendr50882042 आदरणीय अपमानित भाषा अलग होती है और दूसरी बात ���ही क्वालिफिकेशन और परीक्षा उत्तीर्ण करने की तो मत्स्य विज्ञान के परिपेक्ष्य में बात करिए। जुलोजी से क्या नाता जब मत्स्य विज्ञान खुद में एक अलग विषय है तो जूलोजी क्यों?शिक्षा पर बात करिए आप खुद बताइए जूलोजी में कितना मत्स्य विज्ञान है?
माननीय @tulsi_silawat जी आप प्रदेश के मत्स्य विभाग के मंत्री है,महोदय जी आप अपने विभाग में कार्यरत अधिकारीगण की शैक्षणिक योग्यता क्या है आपको सच जान कर हैरानी होगी की विभाग में एक भी व्यक्ति को मत्स्य विज्ञान का ज्ञान नही है फिर भी वह कार्यरत हैं । एक बार निरीक्षण कराइए।
माननीय @tulsi_silawat जी प्रदेश में एक मात्र मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय उपस्थित है जिसके अंतर्गत (4 वर्षीय BFSc ) पाठ��यक्रम चलाया जाता हैं जिसमे icar का पाठ्यक्रम चलाया जाता हैं इसके बावजूद मत्स्य विभाग में कार्य भार सामान्य BSc वालो को दिया जा रहा है