आज देश में जेन ज़ियाने का मौसम है। जेन ज़ी has done Gandhi ji proud. प्रधानमंत्री ने रील बनाना सीख लिया है। उन्हे एक ईमानदार सलाह दे रहा हूँ। गोदी मीडिया को विज्ञापन देना बंद कर दें। उस पैसे को महाराष्ट्र की महिलाओं के खाते में भेज दें।
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इस व्यक्ति ने नागार्जुन गौड़ा और अन्य IAS अफ़सरों की पोल खोली थी…
अब ये नागार्जुन गौड़ा इस व्यक्ति को मानहानि के नोटिस भेजकर धमकी रहा है…
मतलब चोरी और उपर से सीनाज़ोरी….
काम एक टके का नहीं किया…
AI से बनी हुई फ़ोटो जल संचय पोर्टल पर चिपका दी..
और जिस व्यक्ति ने आपकी पोल खोली..
अब उसे ही धमका रहे हो…
ग़ज़ब की प्रशासनिक सेवाएँ की जा रही है…
वंदे मातरम् पर फैलाए जा रहे झूठ का ऐतिहासिक सच
कुछ लोग आज कह रहे हैं “नेहरू और कांग्रेस ने वंदे मातरम् पर कैंची चला दी क्योंकि मुस्लिम लीग और जिन्ना को आपत्ति थी।”
सच ये है कि यह बात अर्धसत्य और भ्रामक है।
बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने 1870 के दशक में ‘वंदे मातरम्’ लिखा था। यह गीत भारत की स्वतंत्रता आंदोलन की आत्मा बन गया लेकिन इसके कुछ छंदों में देवी दुर्गा के रूपक थे।
कई मुस्लिम नेताओं ने माना कि यह धार्मिक प्रतीकवाद उन्हें असहज करता है।
1937 का कांग्रेस अधिवेशन (फैज़पुर):
यहां पंडित नेहरू, मौलाना आज़ाद और रवींद्रनाथ टैगोर सहित कई नेताओं ने निर्णय लिया कि
केवल पहले दो छंद (जो राष्ट्रभूमि की प्रशंसा करते हैं, किसी देवी का उल्लेख नहीं करते)
सार्वजनिक रूप से राष्ट्रीय गीत के रूप में गाए जाएंगे।
यह किसी दबाव में नहीं, बल्कि सर्वधर्म समभाव की भावना से लिया गया निर्णय था।
जिन्ना या मुस्लिम लीग का दबाव नहीं राष्ट्रीय एकता का निर्णय था।
कांग्रेस उस समय भारत को एकजुट रखना चाहती थी, जबकि मुस्लिम लीग देश को बांटने की राजनीति कर रही थी।
अगर कांग्रेस उस वक्त संकीर्ण दृष्टि अपनाती, तो शायद आज भारत का स्वरूप ही कुछ और होता।
24 जनवरी 1950 संविधान सभा का ऐतिहासिक निर्णय डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने संविधान सभा में घोषणा की “वंदे मातरम्, जो हमारी स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा रहा है, उसे ‘जन गण मन’ के समान सम्मान प्राप्त होगा।”
यानि एक को राष्ट्रगान, दूसरे को राष्ट्रीय गीत का समान दर्जा दिया गया।
यह भारत की समावेशी भावना की मिसाल है।
“कैंची” नहीं, बल्कि सम्मानपूर्वक संतुलन बनाया गया।
नेहरू या कांग्रेस ने गीत को ‘काटा’ नहीं उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि देश के हर नागरिक को अपने राष्ट्र-प्रतीक से जुड़ने का अधिकार मिले, चाहे उसका धर्म कुछ भी हो।
यही एक सच्चे धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक राष्ट्र की पहचान है।
आज जो लोग झूठ फैला रहे हैं, उन्हें इतिहास पढ़ना चाहिए। ‘वंदे मातरम्’ का सम्मान कांग्रेस ने ही तय किया, ‘जन गण मन’ को राष्ट्रगान घोषित किया,और दोनों को संविधान में समान गरिमा दी।
भारत माता की जय लेकिन सबकी भारत माता, न कि किसी एक धर्म की।
नाथूराम गोडसे: मैने एक झटके में तुम्हारा खेल खत्म कर दिया ,और तुम मेरा कुछ नहीं कर पाए 🔴
महात्मा गांधी: मर्द का बच्चा होता तो बिना हथियारों का मारता, फिर तू देखता कि ये गांधी तेरा कहां कहां से सिस्टम फाड़ता 🔥
#MahatmaGandhijayanti
@MagicianVk18 Bhai....muje samajh nahi aa rha hai...
Ye kon btaa rha hai ki..TEST is alive because of Kohli.
Contribute thik hai pr ALIVE😂
No other than ENG AUS is saving TEST.
Wonderful Crowd. WONDERFUL Stadiums and Mindset.
Air India pilot informed to ATC about technical glitch before take off but ATC ignored
Pilots are required on merit bases but ATC required on reservation.
Prior reserved people killed Indian tax payer but now foreigner have targeted.