क्या आप जानते हैं? इस देश में:-
SC-ST आयोग है!
OBC आयोग है।
अल्पसंख्यक आयोग है।
लेकिन सामान्य वर्ग के लिए सवर्ण आयोग नहीं है।
क्यों ये अन्याय क्यों? ये अत्याचार क्यों?
#सवर्ण_आयोग_बनाओ
लगातार आप सब के विचारों के सुनने के उपरांत, हमने एक सरलीकृत माँग पत्र बनाया है। एक बार आम सहमति बन जाए, फिर डिजिटल से धरातल की योजना बनाई जाएगी। तब तक, नीति निर्धारकों के लिए यह पत्र हम सार्वजनिक कर रहे हैं ताकि उन्हें AI से हिन्दी लिखवा कर, उसमें प्राइवेट में आरक्षण जैसी बकलोली न करनी पड़े।
@JPNadda जी, कॉपी ही करना है, तो ठीक से करो। वैसे, आपको दोबारा झुका देख कर दुख हुआ।
"My father, a Delhi Police officer, was almost lynched by Jantar Mantar rioters. He came home drenched in blood."
Delhi Police has urged SC to quash 13 FIRs of Jantar Mantar rioting. Rioters with no criminal history will be let off. The price of bravery in this country is blood.
बलिया के मनियर ब्लॉक के दिघेड़ा ग्राम सभा के रानीपुर में रहने वाली रागिनी ने एक सड़क हादसे में अपना एक पैर गंवा दिया। लेकिन वह हादसा रागिनी के हौंसले नहीं तोड़ पाया। रागिनी 400 मीटर ऐसे ही चलकर रोज स्कूल जाती हैं। क्या इस हिम्मती लड़की की मदद हो सकती है?
@dmballia
एक आदमी ने V मार्ट से शॉपिंग की थी। साइज में गड़बड़ी की वजह से वो एक्सचेंज करने गए।
तो काउंटर पर एक आदमी बोला जो आपको कूपन मिला था अब वो कैंसिल हो जायेगा।
तो आदमी का सवाल सुनिए।
जिसको भी लगता है कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है वो मुझे ये बताए कि मैं अपने हीं विधानसभा और लोकसभा में चुनाव क्यों नहीं लड़ सकता ?
क्योंकि जबसे मेरा जन्म हुआ है तब से आजतक दोनों हीं सीट आरक्षित है और मुझे नहीं मालूम है कि ये कबतक चलने वाला है।
असल में भेदभाव तो सामान्य वर्ग के लोगों के साथ हो रहा है पिछले 76 सालों से।
मुल्ले शवों के साथ भी रेप करते थे। पाकिस्तान में आज भी वही हो रहा है। इसलिए हिन्दू स्त्रियाँ जौहर करती थीं। किसी दो कौड़ी की मुल्ला प्रेमी, करियर में फुँक चुकी लौंडी के लिए यह समझना कठिन हो सकता है क्योंकि उसके लिए उसकी ‘पुसी फॉर अ रेंट’ ही जीवन का सत्य है।
ऐसी लौंडियाँ सेक्स को स्वतंत्रता मानती हैं, जितनों के साथ सेक्स, उतनी अधिक स्वतंत्र। हर स्त्री ऐसा नहीं मानती। उनके लिए अरब के बाजारों में सेक्स स्लेव बनना उतना अडवेंचरस और फुलफुलिंग नहीं दिखा होगा, जितना आइडेंटिटी क्राइसिस से जूझती, भैया कह कर सैंया बनाने वाली के लिए दिखता हो।
तुम नंगी हो कर एम्सटर्डम के बाजारों के शीशे में नाचों, तुम्हारी मुटल्ली देह भी किसी को पसंद आ जाएगी। हाँ, किसी योनि-केन्द्रित लौंडिया का नारीवाद यह तय नहीं करेगा कि दूसरी स्त्रियाँ रंडी बन कर ही घूमें क्योंकि तुम्हें रंडीपना बहुत पसंद है।
यह पोस्ट मैंने बहुत माइल्ड लिखा है। हिन्दू नारियों पर ऐसे आक्षेप का उत्तर मैं और भी अच्छी शब्दावली के साथ दे सकता हूँ।
बीमारी सिर्फ SC/ST को होती है क्या?
GC/OBC बीमार नहीं होते?
बीमारियों के इलाज में भी जाति देखकर इलाज़ होगा, गरीबी देखकर नहीं???
आखिर हम देश को कहाँ लेकर जा रहे हैं, और ऐसी नीतियों से जातिवाद खत्म होगा क्या?
@ayushstipendinc@dayalugurubjp जब भी मौका मिले प्रेस मीडिया के साथ सड़कों पर भी अपनी बात लगातार रखते रहना होगा
कौन कहता है झुकती नहीं सरकार
झुकाने वाला चाहिए बस झुकेगी भी सुनेगी भी मानेंगी भी
AYUSH एकता जिंदाबाद
जय हिंद 🇮🇳
@ayushstipendinc@dayalugurubjp जब भी मौका मिले प्रेस मीडिया के साथ सड़कों पर भी अपनी बात लगातार रखते रहना होगा
कौन कहता है झुकती नहीं सरकार
झुकाने वाला चाहिए बस झुकेगी भी सुनेगी भी मानेंगी भी
AYUSH एकता जिंदाबाद
जय हिंद 🇮🇳
@ayushstipendinc@dayalugurubjp अच्छी शुरुआत है
सही समय भी है
बराबर का हक लेने के लिए
X प्लेटफॉर्म को सही तरीके से इस्तेमाल करना पड़ेगा
जैसे किसी स्लोगन को #️⃣ में बना कर शाम से रात्री तक फिक्स टाइम् में सब जूनियर-सीनियर आयुर्वेद, यूनानी से होम्योपैथ तक सभी को एक स्लोगन एक जैसा hashtag में ट्वीट डालने होंगे |
@ayushstipendinc@dayalugurubjp अच्छी शुरुआत है
सही समय भी है
बराबर का हक लेने के लिए
X प्लेटफॉर्म को सही तरीके से इस्तेमाल करना पड़ेगा
जैसे किसी स्लोगन को #️⃣ में बना कर शाम से रात्री तक फिक्स टाइम् में सब जूनियर-सीनियर आयुर्वेद, यूनानी से होम्योपैथ तक सभी को एक स्लोगन एक जैसा hashtag में ट्वीट डालने होंगे |