आफ़ताब पूनावाला ने श्रद्धा की हत्या कर उसके शव के 35 टुकड़े किए।
श्रद्धा के शव के टुकड़े फ्रिज में रखकर भी उसने 30 हिंदू लड़कियों से डेटिंग के लिए संपर्क किया।
गिरफ्तार होने के बाद भी वह बेफिक्र होकर सोता रहा।
अब वह एमए कर रहा है और उसका शोध विषय है— "धर्मनिरपेक्षता के लिए हिंदुत्व का खतरा"।
इसी बीच अदालत ने उसकी परीक्षा देने के लिए उसकी सुनवाई की तारीख भी आगे बढ़ा दी।
श्रद्धा की माता का निधन पहले ही हो चुका था और श्रद्धा की हत्या की खबर सुनने के कुछ ही हफ्तों के बाद मानसिक आघात से श्रद्धा के पिता की भी मौत हो गई
और श्रद्धा का कत्ल करने वाला आफताब जेल में मौज कर रहा और श्रद्धा का कत्ल करने वाला आफताब जेल में मौज कर रहा है उसे परीक्षा देने के लिए छूट दे दी गई है
और हां श्रद्धा वालकर दलित समुदाय से थी लेकिन जो दलित नेता खुद को दलितों का सबसे बड़ा रहनुमा बनते हैं एक भी दलित नेता ने दलित एक्टिविस्ट ने श्रद्धा वालकर को न्याय दिलाने की कोशिश नहीं की ना इस हत्याकांड पर कोई आवाज उठाया
सम्राट अशोक के वंशज हैं - जिस दिन दिमाग खराब होगया पूरा इंडिया से ब्राह्मण खत्म हो जाएगा
ये बिहार का रहने वाला - एग्जेक्ट पता नहीं मालूम अभी
सोचिए एक मुख्यमंत्री क्या बन गया इनके जाति का ये हर समाज को धमकाने लगे हैं ब्राह्मणों के नरसंहार को कहा जा रहा है
कभी नागमणि कुशवाहा बयान देता है
कभी रुद्रप्रताप कुशवाहा ब्राह्मणों सवर्णों देवी देवताओं पर टिप्पणी करता है
क्या एक स्वजातीय मुख्यमंत्री बन जाने से इतनी गर्मी और चर्बी इन लोगों चढ़ गई है
झारखंड में दशकों से तथाकथित "आदिवासियों" की सत्ता है, लेकिन उन्होंने आदिवासियों के लिए कुछ नहीं किया, बल्कि अपने परिवार को अरबपति बना दिया।
आज भी झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था चारपाई के सहारे चल रही है, जहां मेडिकल एंबुलेंस मिलना असंभव है। लेकिन क्योंकि यह BJP शासित राज्य नहीं है, इसलिए इन खबरों को कोई हाइलाइट नहीं करता।
जब ब्रह्माण समाज UGC का विरोध कर रहा था,
तब नरोत्तम मिश्रा BJP का पक्ष लेकर UGC का समर्थन कर रहे थे।
आज उसी पार्टी ने लात मारकर भाग दिया, तो उन्हें समाज की याद आ गई।
क्या ब्राह्मण समाज को ऐसे दोगले नेताओं की ज़रूरत है, जिनके लिए समाज से ज़्यादा अपना राजनीतिक भविष्य प्यारा हो?
पेट्रोल पंप पर खड़े मोटरसाइकिल का चालान काट रहे हैं वो भी एक कांस्टेबल होकर ..
इनलोगों को क्या ट्रेनिंग दी जाती है पता नहीं... मतलब पूरे देश में लगता है पुलिस को कोई ब्रिटिश आर्मी वाला ट्रेनिंग दें रहा है....
लगता है जांच के लिए इंडियन आर्मी या एयरफोर्स को बुलाना पड़ेगा ...
📍 छत्तीसगढ़ पुलिस आपकी सेवा में....!!!
"700 साल पहले शोषण हुआ, तो अगले 7000 या 70,000 साल मुझे रिजर्वेशन दो! मैं पढूंगा नहीं साहब, बग़ैर पढ़े डॉक्टर, इंजीनियर बनना है! This is nonsense!"
-मेजर जनरल G.D बक्शी जी
चलिए अब सबको समझ आ रही है आरक्षण की असलियत!
"हम सूखी मछली और हड्डियां तमिल ब्राह्मणों के घर में फेंक देते थे!
ब्राह्मण महिलाओं के नदी की तरफ जाने वाले रास्ते में कांटे बिछा देते थे!"
-ये कहना है तमिल मुरुगन मूवी के लेखक का
और फिर लोग कहते हैं ऊंची जाति वाले शोषक और अत्याचारी होते हैं!
जबकि सच्चाई तो ये है👇
एक दलित जाति वाले सम्पन्न परिवार में तीन भाई हैं। तीनों में से एक भाई की पत्नी पिछड़ी जाति से है, यानी "दलित जाति" से नहीं है ।
भाइयों के बीच संपत्ति को लेकर विवाद शुरू हो गया। इसके बाद दो भाइयों ने अपनी ही भाभी के खिलाफ SCST एक्ट के तहत मामला दर्ज करा दिया। आरोप लगाया कि वह परिवार के भीतर उन्हें उनकी जाति के आधार पर नीचा दिखाती हैं और उनकी जाति के बारे में अपमानजनक शब्द कहती हैं।
"जाति" है, कि जाती ही नहीं😂🤔
घड़े से पानी पीने के कारण दलित युवक भोला गौतम की बेरहमी से पिटाई। कल से में स्ट्रीम से लेकर सोशल मीडिया तक ये खबर वायरल है।
लेकिन ये 2 महत्वपूर्ण तथ्य कोई नहीं बता रहा है कि:-
1. पहला तथ्य जिन पर आरोप लगे हैं उनके नाम सुभाष बिंद और शिवराम बिंद हैं
2. दूसरा ये कि पुलिस का कहना है कि तत्समय वादी मुकदमा मत्तता की अवस्था में था जिस कारण दोनों पक्षों में गाली गलौज और मारपीट की घटना हुई थी। पानी पीने से मना करने के तथ्य/आरोप की पुष्टि नहीं हुई है।
मामला UP के भदोही का।
This was heartbreaking to watch!
A woman in Aligarh died after stepping into electrified water on her way to her husband's shop.
You will never see a politician die like this - it is always the common citizen !
यह आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या है
काले कानून SC/ST एक्ट ने एक बार फिर यूपी ललितपुर के रिटायर शिक्षक राजाराम गोस्वामी की जान ले ली।
सुसाइड नोट के अनुसार 'राजाराम गोस्वामी को SP द्वारा गोबर का गंदा पानी पिलाया गया, बीच सड़क पर लाठियों से पीटा गया और झूठे मुकदमे में जेल भेज दिया।
ये खंडवा मध्यप्रदेश का एक गुंडा है जो भीम आर्मी से जुड़ा है। ये आये दिन ब्राह्मण लड़कों को सड़क पर घेरकर मारपीट करता है और वीडियो बनाकर वायरल करता है। इतना ही नहीं ये पुलिस वालों को भी धमकाता है।
आज तक इसके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हुआ।
झूठी शिकायत, झूठी जांच, झूठी गवाही, झूठी वसीयत, झूठी विरासत और तारीख पर तारीख के कारण प्रतिवर्ष 02 लाख अकाल मौत होती है।
घटिया कानून कब बदलेगा?
@PMOIndia@narendramodi
ये सांसद सिर्फ दलितों के लिए आवाज़ उठाते हैं, उनका प्रतिनिधित्व कर रहे हैं!
ST सांसद भी ST का प्रतिनिधित्व करते हैं!
और OBC सांसद भी OBC का!
तो जनरल कैटेगरी के सांसद किसका प्रतिनिधित्व करने संसद पहुंचे हैं?
ब्राह्मण थी - कपड़े गंदे थे - खाने को पैसे नहीं थे
मां दूसरों के यहां काम करती थी - इसलिए भेद भाव करते थे - डांट के पीछे बैठा देते थे
कोई बता सकता इसे भेद भाव जातीय उत्पीड़न कहा जाए या सिर्फ विशेष लोगों पर मोहर लगाई गयी है