@DrDCSHARMAUPPSS 29 मई को न्यायाधीश दत्ता जी ने जिस प्रकार से आरटीई act 2010 की व्याख्या करते हुए शिक्षकों को अयोग्यता की माला पहनकर सड़क पर खड़ा कर दिये। क्या देश में हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग कानून है ? शायद दत्ता साहब भी 16 वर्ष की वकालत का लाभ लेते हुए बिना किसी परीक्षा के जज बने बैठे हैं।
#इति_सिद्धम
वे अपने लिये संसद के बनाये क़ानून को भी नहीं मानेंगे ,क्योंकि उनको न्यायिक स्वतन्त्रता चाहिये ।
बिना किसी परीक्षा में सम्मिलित हुए केवल अनुभव और सिफारिश के आधार पर नियुक्ति और प्रमोशन लेते रहेंगे ।
आप पर वे नियम थोपे जाएँगे जो संसद ने आपके लिए बनाए ही नहीं हैं
2017 के संशोधन सहित आरटीई में कहीं टेट क��� उल्लेख नहीं है आरटीई के 23(1) के द्वारा प्रदत्त शक्ति से एनसीटीई ने 23 August 2010 को minimum qualification परिभाषित की है जोकि नियुक्ति वर्षों के अनुसार with tet और without tet है लेकिन माननीय जी ने minimum qualification को TET लिख दिया तो लिख दिया ।
आपको नियुक्ति हेतु निर्धारित परीक्षा उत्तीर्ण करने के नियुक्त होने के 20-25 वर्षों बाद भी परीक्षा में बैठायेंगे ।
अनुभव के आधार पर पदोन्नति तो दूर नौकरी (उस नौकरी में जिसमें नियुक्ति की प्रक्रिया में कोई दोष या आपत्ति नहीं है)में भी आप नहीं रहेंगे ।20-25 lakhलाख शिक्षकों की नौकरी जाये तो जाये उन पर कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता।
हमने सदैव कहा कि रास्ता संसद से निकलेगा ।इसलिए अब minimum qualification को parliament से define कराने हेतु आगे बढ़ेंगे ।
@narendramodi
@AmitShah
@dpradhanbjp
@myogiadityanath
प्रधानाध्यापकों के रिक्त पदों पर सहायक अध्यापकों से काम लेने वाले शिक्षकों को प्रधानाध्यापक पद का वेतनमान देने के लिए आंदोलन https://t.co/29pf5GIjRR मांग, शिक्षक संघ #primarykamaster#basicshikshanews#बेसिकशिक्षापरिषद
मा मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी से अनुरोध है कि अपने आदेश के क्रम में अधिकारियों से जानना चाहिये कि क्या केश लेस चिकित्सा का अभिप्राय 18 से 76 हज़ार रु का सालाना प्रीमियम वाला स्वास्थ्य बीमा होता है।
यह शिक्षकों के साथ मज़���क़ है शिक्षक इस पोलिसी को स्वीकार नहीं करते।