सुनो लड़के...!
सुंदर लगने के लिए तुम्हें मेकअप की जरूरत नहीं। श्रम करते समय तुम्हारे माथे पर आई पसीने की हर बूंद तुम्हारा श्रृंगार करती हैं। तुम्हें नायका का सब्सक्रिप्शन नही लेना। ये पसीना तुम्हारा सबसे महंगा ब्यूटी प्रोडक्ट है।
जानते हो जब तुम अपने जीवन की धारा को संघर्ष की कलाई से मोड़ते हो, सबसे सुंदर लगते हो।
सुंदर लगते हो भीड़ का नेतृत्व करते हुए। किसी टीम को लीड करते हुए। अपनी शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक काबिलियत से समाज को नई दिशा देते हुए।
सुंदर लगते हो जब कोई लड़की तुम्हें देखकर अपना दुपट्टा ठीक नही करती। सहज रहती है, तुम्हारे साथ चलते हुए, डरती नहीं तुमसे किसी कमरे में अकेले मिलते हुए।
जानवर तुमसे भागते नही...खौफनाक नही लगती तुम्हारी आंखे किसी मासूम बच्चे को। इतने गम्भीर नही लगते तुम कि कोई अजनबी तुमसे रास्ता न पूछ सके।
प्रिय लड़के, प्रेम करने से पहले प्रेम करने लायक बनना।... और इस बीच भूलना मत कि पुरुषार्थ तुम्हारे हिस्से आया सबसे पहला प्रेम है। कोई स्त्री कितना भी सुंदर हो, कितना भी आकर्षक हो...! तुम्हारे पुरुषार्थ के उद्देश्य से आकर्षक नहीं हो सकती।
इसलिए मत भेजना किसी को लगातार रिक्वेस्ट, लगातार मैसेज, लगातार प्रपोजल...लगातार गिफ़्ट।
फूल, टेडी, चॉकलेट और गिफ्ट देकर जहां प्रभावित करने की बार-बार नौबत आए, वहां प्रभाव बहुत देर तक टिकता नही है। ऐसा प्रेम अपने शुरुवाती दौर में उत्तेजना दे सकता है, लंबे समय की शांति नहीं।
और जिस प्रेम से पुरूष का मानसिक संघर्ष शांत नही होता, वो प्रेम एक दिन मानसिक सज़ा बन जाता है।
सच्चा प्रेम किसी से किसी का पीछा नहीं करवाता। चुपचाप तुम्हारे कदम से कदम मिलाकर जीवन में शामिल हो जाता है। बिल्कुल किसी ग़ज़ल के पीछे बजते वायलिन की तरह।
और ये तब आता है जब तुम किसी लड़की का फिगर नहीं बल्कि उसका इंटेलेक्चुअल- इमोशनल इंटेलीजेंस देखते हो। उसकी अदा पर नहीं, समझ पर रीझते हो। उसके साथ सोने के नहीं, जागने के ख्वाब देखते हो। उसे सैक्सुअल ऑब्जेक्ट नहीं बल्कि बेहतरीन इंसान बनाने के बारे में सोचते हो।
उसके साथ टेडी,चॉकलेट, और महंगे डेट के अलावा किताबें, सिनेमा, संगीत और यात्राओं की बाते करते हो।
प्रिय लड़के, तुम्हारा संघर्ष बहुत बड़ा है। और प्रेम एक ऐसा इमोशनल इन्वेस्टमेंट , जो जीवन भर इस संघर्ष में साथ देने वाला है। इसलिए सोच समझकर इन्वेस्ट करना। याद रखना, घर के बाहर बहुत संघर्ष है..घर के अंदर संघर्ष नही होना चाहिए।
इसलिए कामचलाऊ टाइमपास रिश्ते के चक्कर में न पड़ना..ये वक़्त की बर्बादी के अलावा कुछ भी नहीं है।
आज पैसा कमाने, नाम कमाने के साथ इस इमोशनल इन्वेस्टमेंट का ज्ञान सबसे बड़ी स्किल है।
इसके अभाव में बड़े से बड़े पुरुषार्थ करने वाले सफल लोग आज कोर्ट में तलाक की अर्जियां और बेडरूम में डिप्रेशन की दवाइयां लेकर खड़े हैं।
क्या है कि जवानी चालीस के बाद ढलने लगती है जीवन का असली युद्ध शुरु होने लगता है। तब देह के मिलन से ज्यादा मन के मिलन की जरुरत होती है, पत्नी से ज्यादा साथी की। एक गलत चयन जीवन भर अफ़सोस में डालकर छोड़ सकता है।
हं, कभी-कभार पी-पा लेना बुरा तो नही माना जाता। लेकिन एडिक्ट मत हो जाना।.शराब,गांजा.. पोर्न, बड़ी तुच्छ चीजे हैं, ये दिमाग खराब करती हैं।
मैनें नही देखा उस आदमी को जो बेहद खुश है, हर रात पीकर, चेन स्मोकर बनकर या हर रात नई लड़की के साथ सोकर।
उनका जीवन एक पल को तुम्हारे भीतर बैठे कामातुर पुरुष को आकर्षक लग सकता है। लेकिन उसके करीब जावोगे तो खोखला ही पावोगे।
प्रिय लड़के..स्वाभिमानी बनना, अहंकारी नही। जरूरत से ज्यादा विनम्र भी नहीं। जीवन में आई स्त्रियों का सम्मान करना। गाड़ी,घर या गैजेट्स ही मत खरीदना..खरीदना किताबें भी..और नई-नई यात्राओं के टिकट भी। घूमना और पढ़ना बेहद जरुरी है..ये तुम्हें आजीवन युवा रखेगा।
बस, किसी पावरफुल आदमी का पिछलग्गू न बन जाना। न ही 25 की उम्र में 35 हजार महीने कमाकर कंफर्ट जोन में चले जाना। कंफर्ट जोन खतरनाक है, तुम्हें मार देगा।
ज्यादातर लोग मीडियाकर लाइफ ही जीते रह जाते हैं,क्योंकि कंफर्ट उन्हें रिश्क लेने से रोक देता है। रिश्क लेना...रिस्क तुम्हें वो सिखाएगा जो यूनिवर्सिटी की डिग्रियों ने नहीं सिखाया।
और आखिर में याद रखना.
इस वेलेंटाइन किसी लड़की को प्रेम करना तो सिर्फ उसे ही प्रेम करना, धोखा मत देना। विचलित न हो जाना किसी रील में सरकते सौंदर्य के आगे। इच्छा और कामेच्छा का अनुशासन एक पुरूष को सबसे ज्यादा आकर्षक बनाता है।
और अंत में..प्रिय लड़के... एक दिन चुंबक बनना, लोहा नहीं। 😊
यूँ ही
जीवन को समझने में लगा हुआ तुम्हारा भाई
अतुल
मुम्बई से
This experience is highly disappointing and undermines the trust I place in Decathlon’s service. I expect a prompt response and resolution.
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I'm writing for a serious issue regarding the delivery of my recent subjected order. According to the tracking information, the delivery person marked the status as “attempted delivery – no one available at home.” This information is completely false.
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The University of Delhi grieves the devastating loss of lives in the #AirIndia Boeing 787 crash. We mourn with the families of the deceased. May they find strength in this time of heart-wrenching grief. #InOurThoughts#HeartfeltCondolences
राग खमाज शास्त्रीय रागों में बहुत लोकप्रिय है।इस राग में सेमी क्लासिकल गायकी भी बहुत खिलती है। पंडित वेंकटेश कुमार सिद्ध कलाकार हैं।इन तीनों बातों को मिलाकर ये संगम बनता है -राग खमाज, ठुमरी और पंडित वेंकटेश कुमार।आनंद लीजिए
#Raaggiri
सौ - @darbarfestival@YRDeshmukh@hvgoenka