झारखंड में विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्रों के ख़िलाफ़ बल का इस्तेमाल ग़लत है।
छात्रों को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार है और बातचीत से ही समाधान निकल सकता है।
झारखंड सरकार को इन छात्रों की बात सुननी चाहिए और हर समस्या का तुरंत समाधान करना चाहिए।
The use of force against students protesting in Jharkhand is wrong.
Students have a right to peaceful protest, and only dialogue can yield solutions.
The Jharkhand government must continue to hear these students out and resolve their issues immediately.
लेकिन उनके इस अहिंसक अनशन ने देश के नागरिकों और छात्रों के मन में जो चेतना जगाई है, उसे किसी बल प्रयोग से नहीं हटाया जा सकता। यह आंदोलन साबित करता हकि गांधीजी के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और लोकतंत्र को जीवंत रखने के लिए इस प्रकार के नैतिक सत्याग्रह की देश कोहमेशा जरूरत र
सर्वोच्च न्यायालय के कई फैसले स्पष्ट करते हैं कि राज्य का कर्तव्य अनशनकारी के जीवन की रक्षा करना है, लेकिन इसका मतलब उसके विरोध करने और अपनी बात रखने के संवैधानिक अधिकार को छीनना बिल्कुल नहीं है। सोनम वांगचुक को भले ही शारीरिक रूप से जंतर-मंतर से हटा दिया गया हो,
#हिंदू_नववर्ष,नव संवत्सर विक्रम संवत 2083 एवं चैत्र नवरात्रि की बहुत बहुत शुभकामनाएं🙏🚩
#ईश्वर से प्रार्थना है कि नव संवत्सर का यह मंगल प्रारंभ जीवन में ऊर्जा, आशा और संकल्पों का संचार करे तथा हम सभी के जीवन में उमंग, उपलब्धियाँ और उज्ज्वल संभावनाएँ लेकर आए।*
#चैत्र_नवरात्रि
हर देशभक्त को यह देखना चाहिए
जनरल बख्शी ने #पहलगाम के बाद गुस्से में जो कहा उनका एक एक शब्द सुना जाना चाहिए !
उन्होंने कहा👇🏼
• कोरोना में भर्ती नहीं हुई, सेना घटी !
• सेना में 1.80 लाख पद खाली हैं !
• हम पैसा बचा रहे और ये सब झेल रहे !
• ये Idea किस बुद्धिमान का था ?
• पहाड़, जंगल में लड़ना है तो सेना चाहिए !