हमारे देश में जो सिस्टम में फैक्ट ,प्रूफ से बदलाव की बात करेगा , उसको FIR मिलेगी,
जो अराजकता, गुंडागर्दी और अन्य तरीकों से सरकार को गाली देगा, ये सरकार उसके साथ झुक जायेगी
घंटे का लोकतंत्र
प्रिय छात्र,
>ये आंदोलन वगैरह से कुछ नहीं होगा, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कुछ नहीं होगा, नया बिल आने से भी कुछ नहीं होगा।
>क्योंकि इस देश का सिस्टम सड़ा हुआ है, लोग मुर्दा हैं, नेता भ्रष्ट हैं, अधिकारी सुवर हैं।
>एक छोटी सी बात बताता हूं, अभी कुछ दिन पहले नोएडा में कर्मचारियों, मजदूरों ने कितना बड़ा आंदोलन किया, लाठी खायीं, केस झेले, मुकदमे खाए, कुछ मजदूरों का घर का बजट बिगड़ गया, लेकिन क्या हुआ?
>हरियाणा के बहादुरगढ़ फुटवियर पार्क में जितनी भी कंपनियां हैं वो दीपावाली आने के 4 महीने पहले से ही मजदूरों को निकालती हैं, ताकि बोनस का पैसा न देना पड़े।
>थोड़ा सा भी काम कम होता है तो तुरंत मजदूरों को निकाल दिया जाता है, काम आने पर नए मज़दूर भरे जाते हैं।
>अनस्किल्ड लेबर बोलकर स्किल्ड लेबर का काम लिया जाता है, जिसकी सैलरी 8 घंटे की 12000 रुपए है, औरते शाम को आते आते बुरी तरह थक जाती हैं, इतना काम लिया जाता है।
>किसको फर्क पड़ता है? कौन सी सरकार को फर्क पड़ता है? किस मंत्री को फर्क पड़ता है? कितनो का इस्तीफा मांगोगे, इस्तीफा मांगते मांगते जीवन समाप्त हो जाएगा, लेकिन भ्रष्टाचार खत्म नहीं होगा।
सब के सब चोर हैं साले।
>जो आंदोलन आज बीजेपी के खिलाफ चल रहा है, अगर यही आंदोलन किसी अन्य विपक्ष शासित राज्य में होता तो बिल्कुल सेम टू सेम रिजल्ट होता, कुछ भी फर्क नहीं होता।
>किसी को भी बच्चों की नहीं पड़ी, किसी को भी गरीबों की नहीं पड़ी, किसी को भी मजदूरों की नहीं पड़ी।
>पड़ी है तो खुद के बच्चों की, जितने भी विधायक हैं या सांसद हैं या मंत्री हैं, 95% के बच्चे विदेशों में या तो पढ़ रहे हैं या फिर सेटल हो चुके हैं।
>मैने जो लिखा ये सच्चाई है इस देश की, राजनीत का चश्मा हटाकर पढ़ना, असलियत सामने आ जाएगी।
>इसलिए जिन बच्चों के कुछ अरमान हो, माँ बाप सक्षम न हों, घर की अकेली जिम्मेदारी हो, वो बच्चे फर्जी आंदोलन से दूर रहें।
जय हिंद
This is peak journalism. Indian express has started exposing all the corrupt BJP ministers.
This is what we need from the Indian media. If the media starts working properly, No politician would dare to cheat the public.
🚨 #ExpressInvestigation | The Union Minister of State for Agriculture Bhagirath Choudhary received a ₹99.03 lakh subsidy for a commercial cucumber farming project under a scheme run by the ministry he serves in.
While the final approval was granted by an NHB project approval committee that does not include the minister, Choudhary is the ex-officio Vice-President of the NHB board that oversees its functioning.
The project, worth ₹1.99 crore, was among 467 approved under the scheme in 2025.
Express Investigation by: Harikishan Sharma
सड़क पर नौजवान रात रात भर बैठे हैं.
रोजी के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं.
पर ये सब चीज़ें मुद्दा ना बन पाएं, सरकारें इसकी पूरी कोशिश में हैं. पर ये बात आप समझ पाएं. तब ना.
#MPPSC_PROTEST
📢 इंदौर | MPPSC अभ्यर्थियों का आंदोलन
MPPSC की अनदेखी के खिलाफ अभ्यर्थी कड़ाके की ठंड में भी डटे हैं।
10 सूत्री मांगों को लेकर चल रहा न्याय यात्रा 2.0 हम सभी की आवाज़ है।
✊ सभी छात्रों से अपील है कि अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस शांतिपूर्ण आंदोलन को सफल बनाएं।
आज नहीं बोले, तो कल और देर हो जाएगी।
📍 स्थान: MPPSC कार्यालय, इंदौर
🗓️ आंदोलन जारी है
#MPPSC #NyayYatra2_0 #StudentsUnity #MPPSC_Aspiration #Indore
MPPSC न्याय यात्रा 2.0 🔥
शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से न्याय यात्रा प्रारंभ होने से पहले ही छात्र नेता राधे जाट (@Radhejat1983) सहित कई साथियों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया।
गिरफ्तारी के 8 घंटे बाद भी रिहाई न होना अभ्यर्थियों की आवाज़ को दबाने का प्रयास है, जो संविधान प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ और पूरी तरह अलोकतांत्रिक है।
हम @DrMohanYadav51 जी एवं @IndoreCollector से स्पष्ट रूप से मांग करते हैं कि सभी छात्रों को तत्काल बिना शर्त रिहा किया जाए।
यदि ऐसा नहीं किया गया तो भंवरकुआं थाने के बाहर छात्रों की संख्या हजारों में होगी, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह प्रशासन की होगी।
अपनी न्यायसंगत मांगों को रखना कोई अपराध नहीं है।
सभी साथी भंवरकुआं थाना पहुंचते रहें और इस अन्याय के विरुद्ध फोटो–वीडियो अधिक से अधिक सोशल मीडिया पर साझा करें।
#MPPSC_छात्रों_की_मांगें_पूरी_करो
#संविधान_विरोधी_मोहन_सरकार
#हमारे_साथियों_को_रिहा_करो
लोगों के लगातार संदेश आ रहे हैं कि बीजेपी और कांग्रेस की टॉप लीडरशिप के MPLADS डेटा , जमीन पर हुए काम , पेंडिंग और Completed प्रोजेक्ट्स को सार्वजनिक किया जाए। बहुत से लोग देश के प्रधानमंत्री के कार्यों से जुड़ा पूरा डेटा भी सामने लाने की माँग कर रहे हैं। यह साफ है कि जनता अब दावों से नहीं, रिकॉर्ड और परिणाम से बात करना चाहती है।
स्पष्ट कर दें—घबराने की ज़रूरत नहीं है। एक-एक करके सबकी समीक्षा होगी। कोई पार्टी लाइन नहीं , कोई विशेष रियायत नहीं। जिस नेता का डेटा आप देखना चाहते हैं, उसका नाम कमेंट में टैग/मेंशन करें। टीम खुरपेंच फाइल , भुगतान , फोटो , जियो-टैग और जमीनी हकीकत—सब कुछ मिलान करेगी।
और यह भी साफ रहे—जिन्होंने बेहतर काम किया है , उनकी खुलेआम तारीफ की जाएगी। लेकिन जिन्होंने टैक्स के पैसों से सिर्फ अय्याशी और मक्कारी की है , उनसे सवाल भी होंगे। लोकतंत्र में मालिक जनता है। जनता के पैसे का पूरा हिसाब लिया जाएगा—तारीफ सबूत के साथ , सवाल तथ्य के साथ।
जय हिंद 🇮🇳
This movement isn’t mine.
It’s yours. It’s the people’s.
Born from your pain, your voice, your hope.
Led by the people. For the people. Of the people. 🇮🇳
#YehThikKarKeDikhao is not just a hashtag. It’s a revolution.
And it has just begun. 🔥🙏🇮🇳
To those who habitually threaten India on the “Chicken Neck Corridor”, should note these facts as well:
1️⃣ Bangladesh has two of its own “chicken necks”. Both are far more vulnerable
2️⃣ First is the 80 Km North Bangladesh Corridor- from Dakhin Dinajpur to South West Garo Hills. Any disruption here, can completely isolate the entire Rangpur division from rest of Bangladesh.
3️⃣Second is the 28 km Chittagong Corridor, from South Tripura till the Bay of Bengal. This corridor, smaller than India’s chicken neck, is the only link between Bangladesh’s economic capital and political capital.
I am only presenting geographical facts that some may tend to forget.
Just like India’s Siliguri Corridor, our neighbouring country is also embedded with two narrow corridors of theirs.