सरदार पटेल ने देश बनाने के लिए जमीनें माँगी सवर्णों ने इस देश को बनाने के लिए 548 रियासतें दे दी
सरदार पटेल ने सोना मांगा सवर्णों ने अपने खजाने खोले और RBI को सोने से भर दिया
बदले में जब इन सवर्णों के बच्चे स्कूल गए तो वहाँ उनसे दस गुना ज्यादा फीस बसूली गई
कॉलेज गए तो वहां इन्हें उस सब्जेक्ट में एडमिशन ही नहीं मिला जिसे ये पढ़ने गए थे वजह बताई गई कि इनका सवर्ण होना
हॉस्टल गए तो रहने के लिए रूम नहीं मिला लाइब्रेरी गए तो पढ़ने के लिए पुस्तकें नहीं मिली वजह बताई गई कि इनका सवर्ण होना
नौकरियों के लिए आवेदन करने गए तो फिर से मनमाने पैसें बसूले वजह बताई गई कि इनका सवर्ण होना
400 नंबर लाकर भी इन्हें नौकरी नहीं मिली और वहीं नौकरी -40 नंबर लाने वाले को दे दी गई वजह बताई गई कि इनका सवर्ण होना
धीरे धीरे सरकारों ने अपनी कुर्सियां बचाए रखने के लिए पूरे के पूरे सवर्ण समाज को बाकी समुदाय का दुश्मन बना दिया
उस सवर्ण समाज को जिनकी कुर्बानियों पर ही इस देश की नींव रखी गई थी।
आखिरकार 10 घंटे की दिल्ली पुलिस की ‘काला पानी की सजा’ के बाद रिहाई हो ही गई।
10 घंटे तक थाने में बैठाकर रखा गया, लेकिन हमारी आवाज को दबाया नहीं जा सका। संघर्ष जारी है, आवाज बुलंद है और अपने हक की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।
सत्यमेव जयते। ✊
#दिल्ली_आंदोलन#जंतरमंतर#सवर्ण_समाज
आवाज़ दबाने से तानाशाही नहीं चलती! UGC Rollback की मांग को लेकर शांतिपूर्ण पदयात्रा कर रहे हमारे भाइयों और साथियों को ज़बरदस्ती हिरासत में लेना पूरी तरह गलत है। हम डरने वाले नहीं हैं, हमारी आवाज़ और बुलंद होगी।" #Release Our Youth
आज 23 अगस्त, दिल्ली जंतर-मंतर का यह नजारा देखिए।
दिल्ली पुलिस महिला, युवा और सभी आंदोलनकारियों को लगातार गिरफ्तार कर रही है। शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज़ उठाने वाले आंदोलनकारियों की आवाज़ दबाने का यह प्रयास बेहद चिंताजनक है।
हमारी आवाज़ दबने वाली नहीं है—संघर्ष जारी रहेगा।
Dear bloody indians, if you can afford vandhe bharat train ticket you can afford a diaper bag to dispose your babies poop filled diaper. Or else stay at home
आरक्षण पर लड़की ने कह दी बड़ी सटीक बात
नीले कबूतरों तुम में ज्ञान हे तो लड़ क्यों रहे हो..?
अगर तुम शिक्षित ज्ञानी हो तो 40 क्यों तुम 70 या
90 मार्क लेकर आओ ये इक्विलिटी की बात होगी
कम नंबर वालों से क्या कॉम्पिटीशन हमारा 😅
जब लोग हवाओं को हल्के में लेते हैं,
तब तूफ़ान सब कुछ हिलाकर चला जाता है। 🌪️
उत्तराखंड की सभा में भी “UGC Rollback” की आवाज़ गूंज रही है। 📢
अब समझने का वक्त है—जनता सवाल पूछ रही है, नीतियाँ गलत होंगी तो खुलकर विरोध होगा।
नेता का नहीं, जनता का जोर चलेगा। अब पुराने तरीके नहीं चलेंगे। 🔥🇮🇳