▪️Norway Media
Prime Minister modi why don't u take some questions from the Press?
▪️Australian Media
PM Modi avoids unscripted news conferences
▪️New Zealand Media
Why did PM Modi not do a press conference?
Vishwaguru Ka Danka Baj Raha hai 🤦♀️🤦♀️
काला कोट, टीके का हल्का रंग, तीन की जगह एक मोबाइल फ़ोन, चेहरे पर मुर्दानगी, आँखों में उदासी। उफ़्फ़ यह वही नरोत्तम है जो खुलेआम चौहारों सड़कों पर मुस्लिमों के ख़िलाफ़ जनता का आवाहन करते थे। जिन्होंने मध्य प्रदेश को नफ़रती प्रदेश बनाने की भरपूर कोशिश की और कुछ हद तक सफल भी रहे।
अब सवाल खड़ा होता है कि यह अब करेंगे क्या? भाजपा ने बहुत दिग्गजों का कैरियर खत्म किया उनके सामने तो नरोत्तम की कोई हैसियत भी नहीं है।
अच्छा होगा नरोत्तम जन सेवा के लिए रियल इस्टेट का काम शुरू करें। रियल इस्टेट के काम से जनता को भी फायदा होगा ख़ुद को भी। ट्रेनिंग देने के लिए पार्टी में ही लोग मौजूद हैं। क्योंकि सिर्फ़ विधायक का टिकट नहीं कटा है कैरियर पर फुल स्टॉप लग गया है।
खुशखबरी: अरुण पुरी की नफ़रत की दुकान में भारी मंदी है. इन्हें अब लोग देख नहीं रहे हैं.
गोदी मीडिया ने 12 साल देश में इतनी नफ़रत फैलाई कि कई बेकसूर लोगों की जानें गई.
भविष्य की सरकारों को अरुण पुरी जैसों पर मुकदमा चला कर जेल में डालना चाहिये.
वीडियो क्रेडिट @Memeghnad
ऋषि : दादा प्रणाम, वो पिस्टल वाला लाइसेंस कर देते
नरोत्तम मिश्रा : शर्म नहीं आ रही बहन के लौ*#, ऑफिस बंद हैं, बाजार बंद हैं, लोग मर रहे हैं। कभी ढंग की बात नहीं की तूने जिंदगी में। बस शादी में जाना है रिवॉल्वर टांग के, लुगाई और सालियों को जलवा देना है...
प्रबल प्रताप, आप बहादुर हीरो हो...!!
भारत के भ्रष्ट सिस्टम की मार से परेशान लोग आपको सलाम करते हैं,
आपने पुरानी परंपरा को तोड़कर— "योर ऑनर" (Your Honour) की जगह "मिस्टर ज्यूडिशियल सर्वेंट" (Mr. Judicial Servant) कहकर अपने करियर को दांव पर लगाया
और न्यायपालिका को उसकी असल जगह दिखाई आपने उन्हें याद दिलाया कि वे भारतीय न्यायपालिका और भारत के लोगों के सेवक हैं नाकि राजा....।
आपने सिस्टम के खिलाफ खड़े होने की हिम्मत दिखाई है आप इस देश के 1.4 अरब लोगों की मौजूदा स्थिति और भावनाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं।
धन्यवाद, प्रबल प्रताप। 🙏🏻🫡🇮🇳
ED की छापेमारी के बाद भी शेखर सुमन नहीं मान रहे हैं.
पूरे दिन इनके सहयोगी के यहां रेड पड़ी. और शाम को ये BJP को रगड़ते हुए स्क्रीन पर दिख गए. मतलब, इस आदमी को तनिक भी डर नहीं लग रहा है.
या चंद्रपूरच्या काळ्या बोक्याला बरोबरीला घेऊन स्वतंत्र विदर्भाची मागणी करताना फडणवीस पंताना महाराष्ट्राचा अपमान झाला याची साधी जाणीव झाली नाही याचं आश्चर्य वाटलं...👇
भारत की सबसे बड़ी आतंकव।दी संस्था राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ है
और हम उस पर बिल्कुल चुप नहीं है
भारत में मुस्लिम आतंकवाद नाम की कोई चीज नहीं है
यह सिर्फ भाजपा द्वारा बनाया गया झूठ नॉरेटिव है
भारत का लुटेरा मिडिल क्लास और अपर क्लास भाजपा के साथ मिलकर मजदूर की मजदूरी आदिवासियों की जमीन लूटकर बिना कुछ उत्पादन किये अपनी अय्याशी वाली जिंदगी जीना चाहता है
अपना आतंकवाद छुपाने के लिए वह फर्जी नॉरेटिव खड़ा करके मुसलमानों को आतंकवादी साबित कर रहा है
भाजपा के आतंकवाद का विरोध करने वाले बुद्धिजीवियों को अर्बन नक्सल कह रहा है
भाजपा के फासीवाद का विरोध करने वाले लोगों के बारे में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने कहा है कि हमारी असली दुश्मन सिविल सोसाइटी है
यानी भारत के समझदार लोगों को देश का दुश्मन साबित कर दिया गया है
हमारी पिछली पीढ़ी सांप्रदायिकता जातिवाद और आरएसएस से लड़ती आई है
लोकतंत्र संविधान इंसानियत बचाने की हमारी यह परंपरागत लड़ाई हम कभी नहीं छोड़ेंगे
दादा…
इस भाई ने कागजों को फैंकते हुए कहा, यह काग़ज़ दे देना चादरमोद CJI (सूर्यकांत शर्मा) को,
न्यायपालिका से विश्वास उठ चुका है लोगों का, न्याय नहीं मिल रहा है, कॉलेजियम व्यवस्था ने एक जाति वर्ग का दबदबा बना दिया है,
घटना निंदनीय है 🔥🔥
क्या आप अनुमान लगा सकते हैं कि यह महिला जो जमीन पर बैठी हजारों लाठी लिए लोगों के सामने हाथ जोड़कर भीख़ माँग रही है यह कौन है?
यह महिला जिला मिदनापुर की एडिशनल डीएफओ पुरबी महतो हैं और जिन्होंने कर्त्तव्य पालन के लिए आदिवासियों के सामने हाथ जोड़कर बैठ गयी।
मिदनापुर जिले के लालगंज आदिवासी क्षेत्र में एक परम्परा है जिसमें हाथों में डण्डे-लाठी खुखरी , नुकीले हथियार लिए हजारों आदिवासी शिकार के लिए जंगल में जाते हैं और हज़ारों बेगुनाह मार दिए जाते हैं ,
इस बार भी नियत दिन हजारों आदिवासियों को महा शिकार के लिए निकलना था लेकिन वन विभाग की पूरबी ने तय कर लिया था वह इसे रोकेंगी , उन्होंने पूरे प्रयास किये , महीनों पहले से जागरूकता अभियान चलाये , कानून का भय भी दिखाया लेकिन अंत दिन कुछ भी काम न आया ,
पांच हजार से अधिक आदिवासी हथियार लेकर जंगल की ओर बढे जा रहे थे , पूरबी महतो ने माहौल भांपते हुए जनजाति के बुजुर्गों से एक भावनात्मक अपील की , वह जमीन पर हाथ जोड़कर बैठ गयीं , और बहुत मार्मिक अपील की , उन्होंने कहा कि अपने हथियार उठाओ और मुझे भी मार दो , लेकिन जब तक मेरी सांस है , मैं आपको आगे नहीं जाने दूँगी
पूरबी महतो की यह भावनात्मक अपील काम कर गई , और बुजुर्गों के निर्णय पर सभी आदिवासी वापस लौट गए , दिल्ली से दूर इस नायिका को बहुत पहचान नहीं मिली , 29 मार्च के टेलीग्राफ अखवार में मुझे यह छोटी सी खबर दिखी तो मुझे लगा कि पूरबी महतो का यह कार्य एक महानायिका का कार्य है , आईये हम सब मिलकर उनको सलाम भेजें और इतना भेजें की उन तक पहुँच जाये
इस महानायिका पूरबी महतो को मेरा सलाम....Read News
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कबाड़ गाड़ी को नमो एम्बुलेंस बनाकर सरकारी पैसा भजा लिया, और भ्रष्टाचार उजागर करने वाले के घर Income Tax....