@IndiaPostOffice मेरा Artile EF525395838IN अभी तक डिलीवर नहीं हुआ है ?
6201764035 इस नंबर से सुबह कॉल आया था। अभी जब हमने इनसे पोस्टमैन का नंबर मांगा तो इन्होंने नहीं दिया। कृप्या अर्जेंट डिलीवरी करें।
मुझे ऐसा महसूस हो रहा है इस वक़्त OBC SC ST समाज के लिए दो सबसे अहम मुद्दे हैं.
1) UP में 69,000 शिक्षकों की भर्ती में घोटाला जहां 18500 से आरक्षित सीटे हैं, लेकिन आरक्षण केवल 2,637 सीटों पर दिया गया. बाकी 90% आरक्षित सीटों पर जनरल कैटेगरी को बिठा दिया गया.
2) बौद्धगया के महाबोधि बौद्ध विहारा परिसर के भीतर Encroachment का मुद्दा. बौद्ध धर्म स्थल के परिसर में भजन कीर्तन, पिंडदान आदि की इजाजत कैसे दी जा सकती है.
मित्रों, इन दोनों मुद्दों को उठाइए. 15000 से अधिक OBC SC ST शिक्षक बनने से वंचित कर दिए गए. बौद्ध धर्म स्थलों पर कब्ज़ा करने का षड्यंत्र रुकना चाहिए.
मैंने अभी मथुरा के पीड़ित परिवार से बात की।
दोनों बहनें बार-बार बेहोश हो जा रही हैं। मां व्याकुल है। बाप के सिर की पगड़ी उछाल दी गई है। लठैतों की वजह से आज खुशी की बजाए घर में मातम छाया है।
हमलावर यादव समाज से हैं। बस इसीलिए सब मौन हैं। दलितों का दमन करो, यही PDA की असलियत है।
मथुरा में लठैतों का आतंक!⛔️⚠️
ब्यूटी पार्लर से घर लौट रही दुल्हन बनीं 2 सगी दलित बहनों के साथ मार-पीटकर छेड़खानी की, उनके जीजा पर हमला किया, दूल्हे के पिता का सिर फोड़ दिया..
दोनों दुल्हन बहनों की शादी टूट गई। वे अब विलख रही हैं। इन लठैतों पर NSA के तहद कार्रवाई होनी चाहिए।
देश के हर धार्मिक विवाद में ब्राह्मण एक पक्ष अवश्य है ब्राह्मणों को चाहिए कि आधुनिक युग के हिसाब से सभ्य बनें और सभी धर्मों कोउनके अनुयायियों को आजादी से जीने दें।
बौद्ध धर्म के मठों को खाली करें!!
@KraantiKumar@anarkaliofara@priyanka2bharti
@Priyanka_Bodh17
@SocialistRavi
बिहार के दलित कब तक सामाजिक न्याय के नाम पर मूर्ख बनते रहेंगे। 15 साल यादव और 20 साल कुर्मी की सत्ता रही दलितों को क्या मिला ? लालू के राज में दलितों का नरसंहार हुआ तो नीतीश के राज में दोषी अपराधियों को रिहा किया गया। दलित अपनी प्रतिनिधित्व दलित मुख्यमंत्री की माँग करें।
देश में ऐसे हजारो मंदिर है जहां बुद्ध को शृंगार करके माता बनाकर ब्राह्मणों ने कब्जा किया है।सबसे पहले महाबोधि को ब्राह्मणों के क़ब्ज़े से मुक्त करवाना है फिर धीरे-धीरे सभी बौद्ध मंदिरों पर कब्जा किया जाएगा।
#Repeal_BTact1949#महाबोधि_मुक्ति_आंदोलन#MahaBodhiMuktiAndolan
1990 में दलित समाज से आने वाले रामसुंदर दास लालू यादव के ख़िलाफ़ मुख्यमंत्री के दावेदार थे। जिनको लालू और नीतीश ने जातिवाद करके मुख्यमंत्री नहीं बनने दिया। वरना बिहार में दलितों की हालात बेहतर होती। दलितों को अपनी हालात सुधारनी है तो बिहार में दलित मुख्यमंत्री की माँग करें।