आपकी मम्मी को किसी ने कुछ इंटरनेट पे टैग करके बोल दिया तो रोना आ रहा है, और देश के प्रधानमंत्री की मम्मी जो जीवित भी नहीं है, बेवजह गन्दी गलियां दे रहे हो तो वो "एंटरटेनमेंट" है? क्या बात है। पाकिस्तानी चैनल @BBCHindi ने ये सवाल नहीं पूछा?
@ShyamMeeraSingh केतकी एक्ट्रेस को महाराष्ट्र में आपके शरद पवार ने जेल में डाला था ak coment करने पर और आप लोग एक लड़की ने माफी मांग ली तो रण्डी रोना मचाया हुआ हे
झारखंड आंदोलन की कुछ प्रमुख बातें
समस्याएं
•बच्चों द्वारा शुरु किये गये इस आंदोलन कोई भी मीडिया सपोर्ट, इन्फ्लुएंसर द्वारा कोई क्रिएटिव सपोर्ट नहीं
•लेफ्ट, सेंटर लेफ्ट, सेंटर, सो कॉल्ड लिबरल मीडिया इस पर बिल्कुल मौन व्रत धारण किए हुए है, जिन्होंने बात करना चालू किया वो दबी जुबान से धीरे-धीरे बोल रहे,
•दरअसल बच्चे एक परीक्षा के खिलाफ नहीं कई परीक्षाओं के खिलाफ लड़ रहे,
•पिछले कई सालों में एक परीक्षा ठीक से, ईमानदारी से नहीं हुई है, इसलिए हेमंत सोरेन का इस्तीफा जरूरी है,
•मीडिया बहुत देर से पहुंचा, लेकिन लल्लनटॉप चैनल से विकास सबसे पहले पहुँचे
•बच्चों के पास बैठने के लिए और रात रुकने के लिए कोई टेंट नहीं था, उसकी व्यावस्था बहुत मुश्किल से हुई
•बच्चों द्वारा शुरू किए गए इस मूवमेंट को JKLM कब्जा करने की पूरी कोशिश कर रही
•JMM और झारखंड प्रसाशन मुक़दमे और FIR की धमकियाँ और नोटिस भेज रहा, जिससे झारखंड के सीधे साधे बच्चों के मन में डर है कि कहीं जीवन न खराब हो जाये
सफलताएँ
•जब मीडिया कवर नहीं कर रहा था तो छात्रों ने खुद वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालना चालू किया, आज पूरा देश देख रहा
•धीरे धीरे मीडिया ने और बड़े पत्रकारों ने इसपर चर्चा चालू की है
•लोग बच्चों के लिए खाना और स्नैक्स भेज रहे
•बच्चे बिना गाली दिए नारे और राष्ट्रगान को अपना हथियार बना रहे ,
•अब एक NGO बच्चों के लिए खाना लेकर पहुंचा है
•बच्चों ने खुद को jklm और अन्य पार्टियों से अलग कर लिया है,
आप सभी से अनुरोध है कि बच्चों को अच्छे अच्छे स्लोगन और नारे लिख कर blinkit या zepto करवा दीजिए, नहीं भेज सकते तो कमेन्ट सेक्शन भर दीजिए क्रिएटिव नारों से हम उनको भिजवा देंगे
एक गरीब के लिए सरकारी नौकरी अपने परिवार को गरीबी से निकालने का सबसे उपर्युक्त रास्ता होता है,
लेकिन आज पेपर लीक माफियाओं की वज़ह से सरकारी नौकरियां भी अमीरों की जेब में जा रही,
जिस तरह हजारों की संख्या में छात्र अपनी वाजिब मांगों को लेकर रांची में डटे हुए हैं, यह इस आंदोलन की ताकत को दिखाता है। यह आंदोलन जरूर कामयाब होगा।
छात्रों की मांग है कि JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं की CBI जांच कराई जाए, भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए और गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
इस आंदोलन में शामिल हजारों छात्र ही इसकी सबसे बड़ी ताकत और चेहरा हैं। धीरे-धीरे @khurpenchh , @TheLallantop अन्य स्थानीय मीडिया की वजह से इस आंदोलन की चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर भी होने लगी है।
कम से कम दिल्ली में हुए आंदोलन से सीख लेते हुए झारखंड सरकार को समय रहते पहल करनी चाहिए।