अन्दर तक हिला कर रख दिया इस विडियो ने 😳
"मैं BJP नेता का बेटा हूँ लेकिन बच्चों की मौत पर ख़ामोश नहीं रहूँगा।"
घर छोड़कर जंतर-मंतर पहुँचे युवक का भावुक बयान "अगर 30 बच्चों की मौत तुम्हें नहीं झकझोरती, तो 31वाँ मेरा नाम समझ लेना।"
एक ब्यान जिसने राजनीति से ज़्यादा इंसानियत पर सवाल खड़े कर दिए।
20 दिनों से जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक जी को आज सुबह दिल्ली पुलिस जबरन उठाकर अस्पताल ले गई.
इस डरपोक और बेशर्म सरकार ने एक बार फिर से अपनी कायरता साबित कर दी.
सोनम वांगचुक जी को आज सुबह कपड़े की आड़ में छिपाकर दिल्ली पुलिस जंतर-मंतर से जबरन उठा ले गई।
करीब एक महीने से देश के युवाओं के भविष्य और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर शांतिपूर्ण सत्याग्रह चल रहा था। इतने दिनों तक सरकार का कोई प्रतिनिधि संवाद के लिए नहीं आया, लेकिन आज संविधान की भावना के विपरीत और तानाशाही रवैया अपनाते हुए आंदोलन को बलपूर्वक समाप्त करने का प्रयास किया गया।
सबसे दुखद बात यह है कि पेपर लीक कर लाखों युवाओं का भविष्य बर्बाद करने वालों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, लेकिन न्याय और जवाबदेही की मांग कर रहे शांतिपूर्ण सत्याग्रहियों पर पुलिस कार्रवाई होती है।
भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में यह एक काला दिन है।
पर्दे लगाकर ये कर रही थी दिल्ली पुलिस।
20 दिन से अनशन पर बैठे इंसान को स्ट्रेचर पर नहीं घसीट कर ले जाया गया।
मोदी जी इस पाप के लिए ये देश आपको कभी माफ नहीं करेगा।
VIDEO | Delhi: On Sonam Wangchuk being shifted to Safdarjung Hospital from Jantar Mantar protest site, CPI(M) leader Brinda Karat says, "What happened this morning with Sonam Wangchuk was an act of bulldozing democratic and constitutional values. This is done directly under the direction of Home Minister Amit Shah. This is a sign of dictatorship."
#SonamWangchuck
#SonamWangchuck
Sonam Wangchuk was detained forcefully by the Delhi Police, From the stage of his hunger strike.
Such is the condition of the State which understands nothing but just brute force.
The white sheets to hide the heinous activity,shows everything.
Delhi Police द्वारा सोनम वांगचुक को जबरन सफदरजंग अस्पताल में भर्ती किये जाने के बाद Jantar Mantar से CJP की कांफ्रेंस 🚨👇🏻
"दिल्ली पुलिस जो कर रही है है वह contempt of court है। वह दिल्ली हाईकोर्ट के ऑर्डर को गलत तरीके से इस्तेमाल कर रही है"
- Sourabh Das, Spokesperson (CJP)
"ये प्रदर्शन खत्म नहीं हुआ है और तब-तक नहीं होगा, जब-तक..."
◆ सोनम वांगचुक के साथ 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठीं AISA की अध्यक्षा नेहा ने कहा
◆ 20 दिनों से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को अस्पताल ले गई पुलिस
SonamWangchuk | Sonam Wangchuk | दिल्ली पुलिस | Delhi Police | #Neha | #AISA
पेपर लीक के खिलाफ चल रहे Sonam Wangchuk जी के शांतिपूर्ण अनशन को खत्म करने के लिए सरकार ने बातचीत का रास्ता नहीं चुना, बल्कि जबरदस्ती और गुंडागर्दी का सहारा लिया।
यह साफ दिखाता है कि सरकार छात्रों की आवाज़ से डर गई है।
लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध और अपनी बात रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है।
और इस तरीके से चादर से Cover करके ताकि कोई वीडियो ना बना सके उठा कर ले जाना उस शख़्स को जो देश के तमाम बच्चो के भविष्य के लिए अनशन पर है कहा तक उचित है ?
क्या सही तरीका ये नहीं कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफ़ा करवा देते , या आप सरकार के किसी मंत्री के द्वारा बातचीत करके उनका अनशन तुड़वाने की कोशिश करते लेकिन जबरदस्ती इस तरीके से अनशन तुड़वाना ये अनशन और देश का अपमान है
लोकतंत्र की हत्या है ! ......
दमन हर चीज का हुआ है ! तो दमन सत्ता के गलियारों में घर कर गया उस घमंड का भी होगा जिसके सामने आम नागरिकों की आवाज नहीं सुनाई दे रही !......
सोनम वांगचुक जी को जबरन हटाना सिर्फ एक कार्रवाई नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान को कुचलना है।
भाजपा सरकार को अब शांतिपूर्ण विरोध भी बर्दाश्त नहीं - यह तानाशाही है।