कुछ दोस्त थें जो लगता था आजीवन साथ रहेंगे परन्तु उन्होंने भी अपनी राह तय कर ली...कोई प्रेमिका में व्यस्त है, किसी को नए दोस्त मिल गए, कोई मिलना नहीं चाहता और कोई नजरअंदाज करता है...ख़ैर, ये भी हो सकता है की मैं ही दोस्ती के लायक नहीं हूँ। मैं ही गलत हूँ। मैं ही स्वार्थी हूँ।
रेल मंत्रालय से आग्रह है कि कमेटी की रिपोर्ट का बिना इंतजार किए रेलवे ग्रुप- डी की मात्र एक परीक्षा और NTPC के लिए 3.5 लाख अतिरिक्त रिजल्ट की घोषणा करें।