@spacegrey22 Imo.. it was his parents who forced him to suicide .. he might have other dreams , might be reluctant to study eng. Parents forced coaching .. reservation got him into iit . There he could not focus on studies. Due to parents pressure to get marks. He committed last act.
@semeerc सर जी अब मोदी रहे या न रहे कोई फर्क नहीं पड़ता , rss और भाजपा का देश और समाज विभाजन का जो उद्देश्य था वो पूरा हो चुका है । IIT बंबई जैसे बहुत कांड होने है निकट भविष्य में और पत्रकार इसी चिंता में रहेंगे कि मोदी बनेंगे या अमित शाह। माँ भारती की भगवान इस दैत्यों से रक्षा करें ।
@RahulDewanV2@RSSorg@BJP4India Those who are taghing BJP and RSS in hope that they will correct the mistake , are themselves in la la land. This all caste divide BJP and RSS want to be in country. It's their creation and they fuel it.
No minister has come out in support of IIT Bombay professor.
Tells you how much they care about the education system. They can even sell the country for a few votes.
An absolute bunch of shameless people!
@semeerc@VinodAgnihotri7 अभी भाजपा और संघ का मुस्लिम प्रयोग आना बाकी है।स्कॉर्च्ड अर्थ नीति के तहत,भाजपा और संघ हिंदुत्व की जमीन में हींग भरकर जाएंगे। जैसे केजरीवाल के कारण अब भ्रष्टाचार पर कोई आंदोलन संभव नहीं वैसे ही संघ और भाजपा ये सुनिश्चित कर दिया है कि उनके बाद कोई हिंदुत्व की नाव पर सवार न हो सके।
@Crystal_x_Clear आरक्षित सीटों पर सिर्फ आरक्षित ही अकेले वोट नहीं करते, और भी वर्ग के वोटर होते हैं। सभी सवर्णों को सभी आरक्षित सीटों पर उस आरक्षित उम्मीदवार को वोट करना चाहिये जो आरक्षण हटाने की बात करे। कोई भी आरक्षित उम्मीदवार सवर्णों का इस मुद्दे पर वोट समेट कर जीत की संभावना बढ़ा सकता है।
@semeerc चाहे गोली निकले या गोला। राजा तक तो खबर पहुंच गई है कि हम किला जीत गए और आने वाले जन्मदिन में प्रजा को घर घर दिया जलाने की मुनादी भी कर दी है। देव तुल्य राजा को और क्या चाहिए ।
@RamaKRoy राहुलजी कुंठित अतिपुरुष हैं। इनकी हर प्रवृत्ति में अति है। ये इतने अतिपुरुष हैं कि पुरुषत्व के क्षितिज को लांघकर न जाने किस अंतरिक्षीय कूप में भटक रहे हैं जहाँ इन्हें लगता है कि जो ये हैं वही संसार भी है। उस कूप में ये निहारी और व्हिस्की के साथ गांधी को पढ़कर गांधीत्व को जीते हैं