मणिपुर में दो आदिवासी महिलाओं के साथ हुई क्रूरतापूर्ण दरिंदगी के खिलाफ राज्य के आदिवासी बारिश में भीगते हुए पीड़िताओं को न्याय के लिए मार्च निकाल रहे है। राज्य में तात्कालिक शांति के लिए बीरेन सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग कर रहे है। क्या सरकार सुनेगी?
चलो राष्ट्रपति भवन...
देश की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी स्वयम एक आदिवासी महिला हैं, #मणिपुर की हमारी बेटियों के साथ जो कुछ हो रहा है वह उन्हें भी बिल्कुल स्वीकार नहीं हो सकता - आदरणीय @rashtrapatibhvn जी से मिलकर न्याय की गुहार लगानी होगी. उम्मीद करते हैं राष्ट्रपति जी हम सब से जरूर मिलेगी और हमें सुनेंगी.
हमें आपके संदेश का इंतजार रहेगा. उम्मीद मत टूटने दीजियेगा.. 🙏.
#SaveManipur #BetiBachao #ManipurBurnPMMum
#INDIA Stands with #Manipur
आज हमारे icf के साथियों ने रेलवे बोर्ड की तरफ से #सीधीभर्ती का आदेश ना निकालने के विरोध में रोष प्रदर्शन के रूप में इक्कठे हुए जल्दी ही पूरे भारत के #रेलअप्रेंटिस भी सड़को पर उतरने वाले है इसलिए जल्दी आदेेश जारी करे।
@AshwiniVaishnaw@annamalai_k
सभी देशवासी जिन्होंने अब तक साथ दिया उनका दिल से आभार। हमारा आंदोलन अभी ख़त्म नहीं हुआ है। इंसाफ़ की लड़ाई में हार मानने वाले नहीं हैं। जल्द आंदोलन का अगला प्लान आपको बताएँगे।
दरिया अब तेरी ख़ैर नहीं,
बूँदो ने बग़ावत कर ली है
नादां ना समझ रे बुज़दिल,
लहरों ने बग़ावत कर ली है,
हम परवाने हैं मौत समाँ,
मरने का किसको ख़ौफ़ यहाँ
रे तलवार तुझे झुकना होगा,
गर्दन ने बग़ावत कर ली है॥
जहां नई संसद के उद्घाटन के ज़रिये भारत के मज़बूत लोकतंत्र का संदेश दिया जा रहा है वहीं किसान नेताओं और शांतिपूर्ण आंदोलनकारियों की देर रात से पकड़ पकड़के गिरफ़्तारी की जा रही है। क्या ये लोकतंत्र का अपमान नहीं है ?