"तेरा इक़बाल कायम रहें
ऐ ! जन-नायक
ऐ !भूमि पुत्र
महा-नायक को शुभकामनाएं" आपसे अनुरोध है तृतीय श्रेणी के पिडितो को मोदीजी की गारंटी योजना में शामिल 100 दिनों की कार्य योजना तबादला नीति का लाभ कब मिलेगा यहां सब सत्ता सुख में मदहोश हो गये हैं हुकम @Rajendra4BJP@sanjayyadavij
एक वर्ष में शिक्षा विभाग ओर आम जनता के लिए कुछ भी नहीं किया चुनाव में सिर्फ झूठे वादें किए गए थे मोदी की 100दिनों की गारंटी योजना मे शामिल तबादला नीति फैल कर दी गई सत्ता सुख प्राप्त कर रहे है पिडितो को न्याय किसी भी सरकार से नहीं मिलता है @sanjayyadavij@BJP4Rajasthan@PMOIndia
भाजपा सरकार ने डेढ साल में शिक्षा व्यवस्था का बेड़ागर्क करके रख दिया है, विभाग की निष्क्रियता ने बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है।
शिक्षा में नवाचार, विभागीय कार्यों और योजनाओं की क्रियान्वित की बजाय इनके म��त्रियों का काम सिर्फ ओछी बयानबाजी, टीका-टिप्पणी और पूर्ववर्ती सरकार पर दोषारोपण करने ��ा रह गया।
हालात ये हैं कि शिक्षा सत्र 2024-25 समाप्त हो गया लेकिन खोखले दावों के सिवा धरातल पर एक भी काम नहीं हुआ।
- पूरा सत्र निकल गया लेकिन एक विद्यार्थी को यूनिफॉर्म और बैग की राशि नहीं मिली। जबकि 56 लाख विद्यार्थियों को नि:शुल्क यूनिफॉर्म और स्कूल बैग मिलना था।
- पूरा सत्र निकल गया लेकिन समग्र शिक्षा के तहत 1382 पदों पर 7 महीने पहले हुए ऑनलाइन इंटरव्यू का अब तक परिणाम जारी नहीं हुआ।
- पूरा सत्र न��कल गया लेकिन महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में रिक्त पड़े 17 हजार से अधिक पदों में से एक पद नहीं भरा। विभागीय कार्मिकों की परीक्षा भी हुई, लेकिन 8 महीने बाद भी चयनित शिक्षकों को नियुक्ति नहीं मिली।
- पूरा सत्र निकल गया लेकिन महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की समीक्षा के लिए बनी कमेटी कोई निर्णय नहीं कर पाई। सरकार की गफलत और मंत्री द्वारा बार-बार अंग्रेजी स्कूलों को बंद करने क�� बयानबाजी से स्कूलों का नामां��न घट गया। राजकीय विद्यालयों का कुल नामांकन भी कम हो रहा है।
- पूरा सत्र निकल गया लेकिन 20 हजार से अधिक पदोन्नत व्याख्याताओं, उपप्राचार्यों, प्राचार्यों, जिला शिक्षा अधिकारियों का पदस्थापन नहीं हुआ।
- पूरा सत्र निकल गया लेकिन नए स्कूल खोलने एवं इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने की जगह 1 साल में 450 से अधिक स्कूलों को बंद कर दिया।
- पूरा सत्र निकल गया लेकिन शिक्षकों की भर्ती को लेकर सरकार पूरी तरह फिसड्ड�� रही।
- पूरा सत्र निकल गया लेकिन अब तक 2023-24 का RTE का अनुदान भी जारी नहीं हुआ।
- पूरा सत्र निकल गया लेकिन क्रमोन्नत विद्यालयों के न्यूनतम आवश्यक पदों का आवंटन नहीं हो सका।
- पूरा सत्र निकल गया लेकिन नामांकन के आधार पर स्टाफिंग पैटर्न नहीं हो सका।
- पूरा सत्र निकल गया लेकिन विभाग कोई सकारात्मक नवाचार नहीं कर सका।
- पूरा सत्र निकल गया लेकिन विभागीय योजनाओं के केवल नाम परिवर्तन किया गया।
- पूरा सत्र निकल गया लेकिन विद्यालय संचालन की न्यूनतम आवश्यकताओं हेतु विद्यालयों को प्राप्त होने वाली स्कूल कंपोजिट ग्रांट प्राप्त नहीं हुई।
- पूरा सत्र निकल गया लेकिन एक भी सरकारी योजना का ठीक से क्रियान्वयन नहीं हुआ, विभाग हर मोर्चे पर फेल रहा है।
ग्रामीणों, गरीबों और पिछड़ों के बच्चों से भाजपा को इतनी नफ़रत क्यों ?
राजस्थान सरकार द्वारा अंग्रेजी माध्यम स्कूलों को ���िंदी में बदलने का फैसला यह दर्शाता है कि ��ाजपा सरकार गरीब, शोषित, वंचित और ग्रामीण बच्चों के भविष्य को लेकर कितनी संकीर्ण सोच रखती है।
प्रदेश के गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों के लिए महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूल एकमात्र विकल्प थे, जिन्हें कांग्रेस सरकार ने खोला था। अमीरों के बच्चे तो महंगे प्राइवेट और अंतरराष्ट्रीय स्कूलों में पढ़ सकते हैं, लेकिन भाजपा सरकार अब गरीब और ग्रामीण बच्चों से भी यह अवसर छीनने पर तुली हुई है।
भाजपा की हमेशा से यही मंशा रही है कि गरीब और ग्रामीण परिवारों के बच्चों को अच्छी शिक्षा से वंचित रखा जाए। आज जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और वैश्विक प्रतिस्पर्धा का दौर है, तब अंग्रेजी शिक्षा और भी ज़रूरी हो गई है। उच्च शिक्षा, नौकरियां और व्यापार – हर क्षेत्र में अंग्रेजी का महत्व बढ़ रहा है। ऐसे में यह फैसला राजस्थान के छात्रों को देश-दुनिया में पिछाड़ देगा।
मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को ���ह स्पष्ट करना चाहिए कि गरीब, मध्यम वर्ग और ग्रामीण बच्चों को अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा से क्यों वंचित किया जा रहा है ?
हम इस तानाशाही फैसले का विरोध करते हैं और मांग करते हैं कि इसे तुरंत वापस लिया जाए!
#शिक्षाविरोधी #बच्चोंकाभविष्य #अंग्रेजीमाध्यम #शिक्षानीति #राजस्थान
नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार देश के सरकारी विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की अंग्रेजी कमजोर है जिससे उन्हें रोजगार पाने में परेशानी आ रही है।
विद्यार्थियों को स्कूल के लेवल पर ही अपनी मातृभाषा के साथ अंग्रेजी का भी अच्छा ज्ञान हो, इसे ध्यान में रखकर हमारी सरकार ने महात्मा गांधी अंग्रेजी मीडियम स्कूल खोले थे जिससे गरीब एवं मध्यम वर्गीय परिवारों के ब���्चे भी अंग्रेजी शिक्षा पा सकें। परन्तु नई सरकार इन स्कूलों को बन्द करने का इरादा रखती है। इन्हें इंग्लिश मीडियम स्कूलों पर अपनी नीति स्पष्ट करनी चाहिए।
श्रीमती वसुंधरा राजे ने अपने कार्यकाल के दौरान केवल जिला मुख्यालयों पर विवेकानन्द मॉडल इंग्लिश मीडियम स्कूल खोले थे। हमारी सरकार ने आकर इन स्कूलों को बन्द नहीं किया बल्कि इन्हें अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर एवं स्टाफ उपलब्ध करवाने के लिए उ���ित फंड दिया। इंग्लिश मीडियम शिक्षा को और बढ़ावा देने के लिए महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल भी खोले।
दो दिन पहले परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जयपुर के मानसरोवर स्थित महात्मा गांधी अंग्रेजी मीडियम स्कूल गए थे। मुझे लगता है उस विद्यालय के शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर एवं बच्चों की नॉलेज देखकर वो अब अंग्रेजी मीडियम स्कूलों को बढ़ावा देने का मन बना चुके होंगे।
महात्मा गांधी विद्यालय चयन परीक्षा का परिणाम शीघ्र जारी करे , जिससे बच्चों को पढ़ाने हेतु शिक्षक मिल सके - विपिन प्रकाश शर्मा,
प्रदेश अध्यक्ष
राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक ��ंघ
@hlnagar sir hamare gaav me itani bijali katoti kyu ho rhi h rat me 10 baje se lekar rat 2 baje tk bijali aati hi nhi h
Vill.- Indokali
Post -Roon
District -Nagaur
@BhajanlalBjp@BJP4Rajasthan