राजस्थान लोक सेवा आयोग ने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में SC/ST वर्ग के आरक्षण में भारी घोटाला किया है।
88 सीट SC वर्ग को दी जबकि 147 सीट बनती है।
55 सीट ST वर्ग को दी जबकि 110 सीट बनती है।
176 सीट EWS को दी जबकि 92 सीट बनती है।
178 सीट OBC को दी जबकि 193 सीट बनती है।
113 सीट MBC को दी जबकि 46 सीट बनती है।
Note:- SC/ST वर्ग की कुल आरक्षित 257 सीट में 114 सीट पर सीधा डाका डाला गया है।
EWS वर्ग को 84 सीट ज्यादा दी गई।
MBC वर्ग को 67 सीट ज्यादा दी गई।
@DrPremBairwa@DrKirodilalBJP@TikaRamJullyINC@VinodJakharIN@RPSC1
कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हुई लापरवाही अक्षम्य है। प्रसूताएं रात भर तड़पती रहीं, परंतु किसी ने ध्यान नहीं दिया। इस लापरवाही के कारण एक प्रसूता की मौत हो गई एवं 5 की किडनी फेल बताई जा रही है।
सिस्टम के इतने बड़े फेलियर के बावजूद मुख्यमंत्री स्तर पर पूरी तरह से चुप्पी बेहद असंवेदनशीलता की परिचायक है। मुख्यमंत्री जी को तुरंत स्थिति की समीक्षा करनी चाहिए और जिम्मेदारों के खिलाफ अविलंब कार्रवाई होनी ही चाहिए। ये लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
भाजपा ने युवाओं को भटकाने, धोखा देने और लॉलीपॉप थमाने के सिवाय किया क्या है?
एक बात तय है.. भाजपा सरकार में युवाओं के नाम पर कोई पर्ची नहीं निकलेगी। मित्र उद्योगपतियों और गुजरात के ठेकेदारों के साथ मिलकर प्रदेश को लूटने के अलावा भाजपा के पास कोई उपलब्धि नहीं है।
धरातल पर भाजपा सरकार की योजनाओं का बुरा हाल जनता के सामने हैं। बिजली, पानी, स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर स्वरोजगार तक हर योजना में जनता को सिर्फ निराशा ही हाथ लग रही है।
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना का हाल देखिए.. प्रदेश के करीब 90 हजार युवाओं ने स्वरोजगार की चाह में योजना के अंतर्गत आवेदन किए, लेकिन युवाओं के सपनों को पंख देने की बजाय ये सरकार उन्हें फाइलों और जटिल प्रक्रियाओं में उलझाकर गुमराह करने का काम कर रही है।
मुख्यमंत्री जी.. प्रदेश का युवा भर्तियां चाहता है, नौकरी चाहता है, उद्योग चाहता है, संबल चाहता है। लेकिन आप.. न भर्तियां निकाल पा रहे हैं, न स्वरोजगार दे पा रहे हैं, न ही संबल और भत्ता दे पा रहे हैं... प्रधानमंत्री की गारंटी और आपके वादे जुमले बनकर रह गए हैं।
जातिवाद और गुंडागर्दी की ये तस्वीर भयावह है ... छतरपुर में एक दलित परिवार से पटेल परिवार के लोग मंदिर के लिये चंदा मांगने आए, 2 क्विंटल गेंहू मांगा ... दलित परिवार ने 1 क्विंटल देकर असमर्थता जताई ... थोड़ी बहस हुई फिर पिटाई!
शायद यह वीडियो वायरल नहीं होता, तो राष्ट्रीय मानव का दर्जा प्राप्त बैगा आदिवासी के साथ एक माह पूर्व हुई बर्बरता मोदी जी के विकसित भारत की यात्रा में कहीं गुम हो जाती।
यह वीडियो मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के निगाही परियोजना क्षेत्र का है। एक माह पहले बैगा आदिवासी अपनी पत्नी के साथ जंगल में जड़ी-बूटी व लकड़ी लेने के लिए गया हुआ था। उक्त परियोजना क्षेत्र में सरकार द्वारा नियुक्त प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी के सुरक्षाकर्मियों ने नजदीकी जंगल में अपनी आजीविका के लिए घूम रहे बैगा आदिवासी को बुरी तरह से पीटकर अधमरा कर दिया।
बैगा आदिवासी के साथ हुई बर्बरता की न तो किसी ने पीड़ा सुनी और न ही कोई कार्यवाही हुई। जब यह एक माह बाद वीडियो वायरल हुआ, तो पुलिस हरकत में आई और प्रकरण दर्ज कर कार्यवाही की खानापूर्ति की।
अब सवाल यह है कि क्या अगर वीडियो वायरल नहीं होता, तो इस राष्ट्रीय मानव बैगा आदिवासी के साथ बर्बरता करने वाले कायर सुरक्षाकर्मियों पर मुकदमा दर्ज होता ?
सवाल यह भी है कि इस तरह देश में कितने आदिवासियों और दलितों के साथ प्रतिदिन बर्बरता होती होगी ? लेकिन शायद उनके वीडियो वायरल नहीं होते होंग
मुख्यमंत्री @DrMohanYadav51 भाषणों व होर्डिंग्स में ही आदिवासी और दलितों के विकास व न्याय की बात करने से काम नहीं चलेगा। जिन जंगलों को उद्योगपतियों के हवाले कर आदिवासियों को विस्थापित करने का काम किया जा रहा है, उन जंगलों को आदिवासियों ने अपना घर समझकर संभाला है।
गृह मंत्री @AmitShah जी, शायद आपने नक्सलवाद मुक्त होने का दावा नहीं किया होता, तो ये प्राइवेट गुंडे इस आदिवासी को भी मारकर नक्सलवादी घोषित कर देते ?
प्रधानमंत्री @narendramodi जी, उक्त घटना के साथ-साथ पूरे देश में आदिवासियों को जंगलों में इस तरह प्रताड़ित किया जाता है, उन सभी पर अंकुश लगाया जाए।
महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी, बैगा आदिवासी को राष्ट्रीय मानव का दर्जा प्राप्त है। आप एक सर्वोच्च पद पर होने के साथ ही आदिवासी समुदाय से आती हैं। आदिवासी क्षेत्रों में असंवैधानिक रूप से आने वाली समस्त परियोजनाओं पर रोक लगाकर आदिवासियों को संरक्षण प्रदान करें।
@rashtrapatibhvn@Bap12MP@MlaDKamleshwar@komal_dhopiya@ndtv@TheQuint@TOIIndiaNews@News18MP@mpbreakingnews@patrika_mp@MpDainik
आईपीएस किशन सहाय जी के विरुद्ध लगाए गए आरोप संदिग्ध और आधारहीन प्रतीत हो रहे हैं.! हमें किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले निष्पक्ष जांच का इंतज़ार करना चाहिए.! न्याय प्रक्रिया पर भरोसा रखना ही लोकतांत्रिक मूल्यों की पहचान है.!
इस कठिन समय में समाज का दायित्व है कि वे उनके साथ खड़ा रहे और नैतिक समर्थन दे, क्योंकि वे वैज्ञानिक सोच और जागरूकता को बढ़ावा देने का कार्य कर रहे हैं.! सत्य की जीत होगी.!
MP : सिंगरौली में आदिवासी युवक से मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल
◆ मामले में नवानगर थाना में सिक्योरिटी इंचार्ज के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है
◆ पुलिस ने पीड़ित युवक की तलाश शुरू कर दी है
◆ सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में कथित तौर पर सिक्योरिटी इंचार्ज हॉकी स्टिक से बैग समुदाय के युवक अन्ने लाल बैग को पीटते हुए दिखाई दे रहे हैं
Madhya Pradesh | Singrauli
राजस्थान –
जयपुर में सीनियर IPS ऑफिसर किशन सहाय मीणा पर रेप की FIR दर्ज हुई है। महिला का आरोप है कि ऑफिसर ने शादी का झांसा देकर सरकारी आवास पर उसके साथ जबरदस्ती की।
2 साल पहले IPS किशन सहाय ने बयान दिया था– "ईश्वर, अल्लाह, गॉड जैसी कोई भी शक्ति न कभी थी, न होती है। धर्म ग्रंथों में जिनका भी वर्णन है, वह कल्पना मात्र है"
किशन सहाय इस वक्त राजस्थान में IG ह्यूमन राइट हैं।
मध्यप्रदेश में आदिवासी समाज के साथ लगातार हो रहे अन्याय, भूमि अधिकारों पर हमले, वर्षों की मेहनत से बने घरों को तोड़े जाने और बढ़ते अत्याचार की घटनाएँ बेहद चिंताजनक हैं। यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों पर सीधा आघात है।
जब प्रदेश के मूलनिवासी और वंचित समाज खुद को असुरक्षित महसूस करें, तो सरकार की जवाबदेही तय होना स्वाभाविक है। मुख्यमंत्री जी को स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर प्रदेश में कैसी कानून व्यवस्था चल रही है? गृह विभाग ऐसे असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई करने में असफल क्यों साबित हो रहा है?
जनता जवाब चाहती है, और आदिवासी समाज को न्याय मिलना ही चाहिए।
📍#पुलिस_मुख्यालय जयपुर जिनके #आईजी_ऑफिस के मेंन गेट के बाहर नोटिस बोर्ड पर स्पष्ट लिखा हो आगंतुक #चप्पल_जूते बाहर नहीं खोले। ओर जिनके ऑफिस में #एंट्री के लिए किसी की परमिशन की जरूरत नहीं हो। हर जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता के लिए हमेशा #तत्पर रहने वाले वो इंसान है
#किशन_सहाय_जी हीरे की चमक तो दूर से हि दिखाई देती है। ओर कालिख लगाने से उसकी चमक कम नहीं होती और #BJP के @RajCMO के इशारे पर, एक 53 वर्ष की महिला द्वारा डाक से शिकायत भेजने पर #FIR हो गई। और यहां लोग धरना दे दे कर मर जाए,
तो कोई FIR नहीं होती। बहुत बड़ी सोची समझी रणनीति है पाखण्डवादियो की लेकिन जल्दी खुलाशा होगा, सोचनीय विषय है #पाखण्डवाद का रोज खदेड़ा हुदेड़ रहे है आदरणीय आईजी सहाब @KishanSahay6 जी इसलिए इनको पच नहीं रहा।
राजस्थान के भाजपा राज में भाजपा विधायक द्वारा दलित अधिकारी के साथ मारपीट करना दिखाता है की प्रदेश में दलित कितने सुरक्षित है!
विधायक ने अपने समर्थकों के साथ मिलकर अधिकारी जगन लाल बैरवा को बेरहमी से पीटा। हालात इतने बिगड़ गए कि अधिकारी के कपड़े फट गए, सफेद शर्ट खून से लाल हो गई और आँखें तक सूज गईं। इसके बाद सच्चाई छुपाने के लिए उन्हें दूसरा शर्ट पहनाया गया और उल्टा पुलिस बुलाकर उन्हें ही गिरफ्तार करवा दिया गया।
ये घटना न सिर्फ सत्ता के दुरुपयोग को दर्शाती है, बल्कि ये भी सवाल खड़ा करती है कि ऐसे जनप्रतिनिधि जनता की सेवा क्या करेंगे, जो कानून और इंसानियत दोनों को कुचलने में लगे हैं।
जब अधिकारी इस तरह प्रताड़ित है तो आम दलित प्रदेश में किस तरह की प्रताड़ना झेल रहे होंगे अंदाजा लगाया जा सकता है I
मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी आपके विधायक पर कार्यवाही होगी? या पर्ची का इंतजार रहेगा?
तस्वीर 1: भाजपा राज की
तस्वीर 2: कांग्रेस राज की
करते रहो सत्ता पक्ष और विपक्ष
जब तक तीसरा दल मजबूत नहीं होगा तब तक राजस्थान में यहीं हालात बनते रहेंगे।
@manphoolsaran7
मध्यप्रदेश के सिंगरौली में एक असहाय आदिवासी आदमी को भद्दी भद्दी गालियाँ देकर बुरी तरह से पीटने का यह वीडियो मानवता को शर्मसार करता है
आदिवासियों की ज़मीन छीनने के साथ ही साथ उनके साथ खुलेआम जानवरों से भी बदतर व्यवहार हो रहा है
डबल इंजन सरकार में यह बर्बरता हो रही है और BJP में सुई टपक सन्नाटा है
इन दरिंदों को पुलिस, प्रशासन, सरकार किसी का डर क्यों नहीं है?
कितना दुखद है कि आदिवासियों के साथ हमारे देश में यह अराजकता तब हो रही है जब हमारी महामहिम राष्ट्रपति स्वयं आदिवासी समाज से हैं - लेकिन दुर्भाग्य से वह बिल्कुल मौन हैं
📍 सिंगरौली, मप्र