Delhi Police drags citizens on the streets of the capital!
History will remember you Delhi Police and whose side you were on, who you were trying to save and who you attacked!
भारत की अधिकतर आबादी नरेंद्र मोदी को वोट नहीं करती तो फिर चुनाव में जीत कैसे मिलती हैं ।
सब ज्ञानेश कुमार का खेल है । गिरफ्तारी होनी चाहिए । जाँच होनी चाहिए ।
▪️June 2026: An economic Tsunami is coming.
Rahul Gandhi, Leader of Opposition
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▪️September 2026 : Energy, food, fertiliser and financial crises are here.
S Jaishankar, Minister of External Affairs
नेहा बोरा ने सीधे तौर पर अल्टीमेटम दे दिया है। जितनी ताक़त लगानी है, लगा लीजिए। वोटिंग राइट बचाने के लिए 2 अक्टूबर को आज़ादी के संग्राम की तरह सड़कें आबाद करेंगे।
जब BJP के भ्रष्टाचार को Gen Z ने कैमरे पर expose किया, PWD मंत्री प्रवेश वर्मा ने Gen Z को ही थप्पड़ जड़ दिया।
इस थप्पड़बाज़ गुंडे को अभी गिरफ्तार किया जाए।
सरकार आपकी है साहब, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि जनता के सवालों के जवाब में थप्पड़ मार दोगे ,
सड़क की Quality पर सवाल उठे, कैमरा चल रहा था और बात इतनी क्या बढ़ गई कि मंत्री साहब ने युवक को थप्पड़ मार दिया।
कुछ दिन पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया साहब बोल रहे थे जनता से की निवेदन करो
अगर जनता के सवाल इतने ही चुभते हैं तो काम इतना अच्छा करके दिखाइए कि सवाल ही न उठें।
क्या कमाल की लड़की है नेहा बोरा,
प्रदर्शन स्थल से पुलिस ने नेहा बोरा को हिरासत में लिया और बैन में ले जाते हुए नेहा पुलिस को समझा रही हैं कि ज्ञानेश कुमार ने क्या क्या कारनामे किए हैं,
और हम उनके इस्तीफ़े की मांग क्यों कर रहे है,
BREAKING NEWS 🔥
EVM के खिलाफ दिल्ली की सड़कों पर निकले हजारों वकील...
जैसा कि पहले ये तय था आज वकील चुनाव आयोग को ज्ञापन सौंपने जा रहे थे लेकिन पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक लिया।
इस वक्त सुप्रीम कोर्ट के पास माहौल पूरी तरह गरमाया हुआ है। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि "टैंक तो नहीं लाई पुलिस, अगर टैंक भी ले आएगी तो भी हम पीछे नहीं हटेंगे"
मौके पर "वोट चोर, गद्दी छोड़!", "ईवीएम हटाओ, बैलेट पेपर लाओ!" और "हम अपना अधिकार मांगते, किसी से भीख मांगते नहीं!" के नारे गूंज रहे हैं।
यह पूरा प्रोटेस्ट EVM हटाकर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग को लेकर हो रहा है।
लेकिन हमेशा की ही तरह जब-जब सरकार लोकतांत्रिक आवाजों से डरती है, पुलिस को आगे कर देती है, वही आज भी किया।
लोकतंत्र की मूल भावना और जनता के मताधिकार की पवित्रता की रक्षा के लिए EVM पर गहरी आशंकाओं को दूर करना बेहद जरूरी है, क्योंकि एक पारदर्शी चुनावी प्रक्रिया ही स्वस्थ लोकतंत्र का मुख्य आधार होती है।
सरकार को आज नहीं तो कल EVM को हटाना ही पड़ेगा।