लाइव डिबेट में BJP के लिए मोये मोये 🤣🤣
-BJP प्रवक्ता: भारत के पहले शिक्षा मंत्री अनपढ़ थे
-INC प्रवक्ता: बस एक बार भारत में अनपढ़ शिक्षा मंत्री थीं (स्मृति ईरानी) 🗿🔥
BJP प्रवक्ता को कुछ समझ नहीं आया। उसे देखो 😭
इस छोटी-सी चिड़िया ने आज फिर से प्रकृति का एक खूबसूरत राज़ खोल दिया 🤯🐦
शेर की आँख के अंदर एक जिंदा कीड़ा चला गया था उसकी आँखे खुल नहीं पा रही थी
शेर की आँख से चिड़िया ने उसे खींच निकाला लेकिन असली हैरानी तो तब हुई, जब शेर ने आँखें खोली... Read news
बालाघाट में आकर ऐसा लगा- जैसे हिंदुस्तान के बीच में ही हिंदुस्तान की सरकार नहीं है।
यहां बहुत सारे बच्चों की मृत्यु कुपोषण और अन्य बीमारियों के कारण हुई है, लेकिन सरकार की तरफ से लोगों को कोई सपोर्ट नहीं मिल रहा है।
यहां पर लोगों की जमीन से जुड़े मुद्दे हैं, वन अधिकार अधिनियम से जुड़ा मुद्दा है और मनरेगा का भी मुद्दा है। कई परिवारों ने अपने बच्चे खो दिए, लेकिन अभी तक आधे लोगों को मुआवजा नहीं दिया गया है।
मैं सरकार से कहना चाहता हूं कि वो अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
बालाघाट में लोगों को स्कूल, अस्पताल की सुविधा दीजिए और इन्हें इनका हक दीजिए। BJP सरकार 24 घंटा विकास की बात करती है, लेकिन जिम्मेदारी निभाने के वक़्त गायब हो जाती है।
अगर सरकार प्रदेश में दो योजनाएं चला रही है तो इन्हें दोनों का फायदा मिलना चाहिए, लेकिन इन्हें एक योजना का फायदा देकर, दूसरे से नाम इनका काट दिया जाता है।
मुझे यहां की स्थिति देखकर काफी दुख हुआ। हमने इनसे कहा है कि हम सरकार में आते ही इनकी मदद करेंगे।
हम इन्हें वनवासी नहीं, आदिवासी कहते हैं और ये हिंदुस्तान के पहले मालिक हैं, इसलिए इन्हें देश में जगह और सुविधाएं मिलनी चाहिए।
मध्य प्रदेश में हर तरफ हालात खराब हैं और ये पूरी तरह से मध्य प्रदेश सरकार का Failure है।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
📍 बालाघाट, मध्य प्रदेश
बालाघाट में आकर ऐसा लगा- जैसे हिंदुस्तान के बीच में ही हिंदुस्तान की सरकार नहीं है।
यहां बहुत सारे बच्चों की मृत्यु कुपोषण और अन्य बीमारियों के कारण हुई है, लेकिन सरकार की तरफ से लोगों को कोई सपोर्ट नहीं मिल रहा है।
यहां पर लोगों की जमीन से जुड़े मुद्दे हैं, वन अधिकार अधिनियम से जुड़ा मुद्दा है और मनरेगा का भी मुद्दा है। कई परिवारों ने अपने बच्चे खो दिए, लेकिन अभी तक आधे लोगों को मुआवजा नहीं दिया गया है।
मैं सरकार से कहना चाहता हूं कि वो अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
बालाघाट में लोगों को स्कूल, अस्पताल की सुविधा दीजिए और इन्हें इनका हक दीजिए। BJP सरकार 24 घंटा विकास की बात करती है, लेकिन जिम्मेदारी निभाने के वक़्त गायब हो जाती है।
अगर सरकार प्रदेश में दो योजनाएं चला रही है तो इन्हें दोनों का फायदा मिलना चाहिए, लेकिन इन्हें एक योजना का फायदा देकर, दूसरे से नाम इनका काट दिया जाता है।
मुझे यहां की स्थिति देखकर काफी दुख हुआ। हमने इनसे कहा है कि हम सरकार में आते ही इनकी मदद करेंगे।
हम इन्हें वनवासी नहीं, आदिवासी कहते हैं और ये हिंदुस्तान के पहले मालिक हैं, इसलिए इन्हें देश में जगह और सुविधाएं मिलनी चाहिए।
मध्य प्रदेश में हर तरफ हालात खराब हैं और ये पूरी तरह से मध्य प्रदेश सरकार का Failure है।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
📍 बालाघाट, मध्य प्रदेश
"प्रधान सेवक।" "गरीबों का मसीहा।" यह सब खोखला paid PR है।
मोदी के भारत की हकीकत यह है कि आज भी एक दलित महिला को अस्पताल में इलाज से मना किया जा सकता है और उसे सड़क किनारे बच्चे को जन्म देने पर मजबूर होना पड़ सकता है।
और यह भदोही है - वाराणसी का पड़ोसी संसदीय क्षेत्र, वही सीट जिसे मोदी ने 2024 में ज़बरदस्ती जीता।
नारे भले ही बड़े-बड़े हों, पर गरीबों की हकीकत उनसे बिल्कुल उलट है।
"प्रधान सेवक।" "गरीबों का मसीहा।" यह सब खोखला paid PR है।
मोदी के भारत की हकीकत यह है कि आज भी एक दलित महिला को अस्पताल में इलाज से मना किया जा सकता है और उसे सड़क किनारे बच्चे को जन्म देने पर मजबूर होना पड़ सकता है।
और यह भदोही है - वाराणसी का पड़ोसी संसदीय क्षेत्र, वही सीट जिसे मोदी ने 2024 में ज़बरदस्ती जीता।
नारे भले ही बड़े-बड़े हों, पर गरीबों की हकीकत उनसे बिल्कुल उलट है।
Cockroach Abhijit Dipke's fan following right in front of Shah Rukh Khan's house Mannat. 🔥🔥😂
Aura dekh rahe ho cockroaches ka.. 😂
Sirf 4 mahine purane log hai.. 🔥
मैं आज बालाघाट आ रहा हूं।
उन आदिवासी परिवारों से मिलने, जिन्होंने बीमारी और BJP सरकार की उपेक्षा के कारण अपने मासूम बच्चों को खोया है। उनके साथ वक्त बिताकर उन्हें बताना चाहता हूं कि इस दुख में वो अकेले नहीं हैं - मैं उनके साथ हूं।
कुछ दिनों पहले केन-बेतवा आंदोलन के आदिवासी भाई-बहनों से भी मिला था। परियोजना के कारण आज उनके गांव डूब रहे हैं, मगर सरकार से उन्हें न पुनर्वास मिला न मुआवज़ा - मिला है तो प्रताड़ना, सरकारी दमन और हिंसा।
इंदौर में ‘छात्रों की गूँज’ के दौरान भी आदिवासी छात्रों ने बताया - स्कूल नहीं हैं, कॉलेज बदहाल हैं, हॉस्टल और खाना नर्क जैसा, परीक्षाओं में धांधली और उनके आरक्षण के अधिकार से खिलवाड़ हो रहा है।
मध्यप्रदेश के आदिवासियों की ये तकलीफें BJP-RSS की उस सोच का हिस्सा हैं जो उन्हें भारत के पहले मालिक नहीं, वनवासी मानती है। जल, जंगल, जमीन के साथ शिक्षा, रोजगार और सम्मान भी छीन लेना चाहती है और अहंकार में वो कुछ सुनना नहीं चाहती।
आदिवासी भाई-बहनों को आश्वस्त करता हूं कि मैं आपके साथ हर संघर्ष में खड़ा हूं - आपकी आवाज़ बुलंद करना मेरी ज़िम्मेदारी है और मैं इस बहरी सरकार को वो पूरी शक्ति के साथ सुनाऊंगा।
2 अक्टूबर को CEC ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ और लोकतंत्र को बचाने के लिए इतनी बड़ी तादाद में सड़कों पर उतरेंगे कि यह तानाशाही सरकार भी हमें रोक नहीं पाएगी।
-प्रशांत भूषण, सुप्रीम कोर्ट वकील