@ShayarImran क्या ये तथाकथित 600 साल पुरानी मस्जिद 600 साल पहले उतनी ही बड़ी थी जितना आज है? और क्या पूरी मस्जिद को गिराया जा रहा था या सिर्फ एक हिस्से को ?आप लोग सियासी लोग है सच्चाई बताया कीजिये सिर्फ मजहबी प्रोपेगेंडा नहीं।
एसपी का कहना है कि सीआईए कर्मी ड्यूटी ऑफ कर घर जा रहा था और उसके पास कोई हथियार नहीं था। लेकिन नीचे दी गई तस्वीरें उनके प्रेस नोट की बातों को खुद ही झुठलाती हैं:
1. दावा: रास्ता नहीं रोका गया
तस्वीर: साफ दिख रहा है कि पवन रास्ता रोककर, हथियार दिखाते हुए आगे बढ़ रहा है।
2. दावा: ड्यूटी ऑफ कर घर जा रहा था
तस्वीर: वही पवन सिटी थाने के बैरिकेड के पीछे मौजूद दिखाई दे रहा है—क्या इसे “ऑफ ड्यूटी” कहा जाएगा?
3. दावा: सीआईए स्टाफ के पास कोई हथियार नहीं था
तस्वीर: एसपी ऑफिस में सीआईए स्टाफ के पास AK-47 साफ नजर आ रही है।
4. हकीकत: एक वाहन जिसमें अवैध नंबर प्लेट, काले शीशे, प्राइवेट गाड़ी का उपयोग, और डेढ़ साल से टेम्पररी नंबर प्लेट—इसी गाड़ी से हमारा रास्ता रोका गया।
तस्वीरें साफ संकेत देती हैं कि आधिकारिक बयान और ज़मीनी सच्चाई में बड़ा अंतर है।
@WasimAkramTyagi तुम तो कुछ बोलो ही नहीं तुम्हारा ग्रैंड मुफ्ती पर ट्वीट पढ़ा उसमें कुछ मुशरिक और मुशरिफ का आंकड़ा दे रहे थे। उसके हिसाब से वो ग्रैंड मुफ्ती नहीं होना चाहिए। तुम पहले एक मुस्लिम बनो फिर बात करो।