राष्ट्र सर्वोपरि || विजय निश्चित है ।। जय मां करणी || Love singing || 6th June || frequent Traveller || Moody || foody || Fun loving || || Gym freak ||
धीरे धीरे सब भीड़ लगने लगती है, किनारे पे अकेले बैठना अच्छा लगता है , सुकून वही है। भीड़ तो बस शोर का दौर है जो किनारे पे पहुंचने ही नहीं देती , सुकून भी नहीं देती । में अब सुकून से किनारे पे हूं।
#saturdaymorning