एक बड़ा सवाल @UPGovt से
गांवों को डिजिटल बनाने की बात हो रही है। पंचायतों को ऑनलाइन किया जा रहा है। सरकारी योजनाओं को पोर्टल के माध्यम से संचालित किया जा रहा है।
लेकिन इस पूरी व्यवस्था को ग्राम स्तर पर संभालने वाले पंचायत सहायकों की स्थिति पर गंभीरता से कब विचार होगा?
डिजिटल पंचायत सिर्फ पोर्टल और इंटरनेट से नहीं बनती, उसे चलाने वाले कर्मचारियों को भी मजबूत करना पड़ता है।
सम्मानजनक मानदेय, आवश्यक संसाधन, स्पष्ट कार्यक्षेत्र और सुरक्षित भविष्य—
यही मजबूत पंचायत की वास्तविक नींव है।
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@CMOfficeUP@myogiadityanath@kpmaurya1@OfficeOfKPM@uppanchayatiraj@oprajbhar@BhimArmyChief@yugantar2311@pssanghup
@oprajbhar जी,
57,000 पंचायत सहायकों को ₹6,000 मानदेय पर काम कराना और फिर उनकी मानदेय वृद्धि के सवाल पर चुप रहना आखिर यह चुप्पी कब टूटेगी?
पंचायत सहायकों से लगातार ऑनलाइन और डिजिटल काम लिए जा रहे हैं, जिम्मेदारियाँ बढ़ रही हैं, लेकिन मानदेय आज भी ₹6,000 पर अटका है। कमीशन ग्राम पंचायत को दीजिए या विभाग के पास रखिए नहीं चाहिए कमीशन मानदेय वृद्धि करिए ।
मंत्री जी,
बढ़ोतरी कब होगी?
तारीख बताइए। निर्णय बताइए।
57,000 पंचायत सहायक अब आश्वासन नहीं चाहते।
स्थाईकरण और सम्मानजनक वेतनमान चाहते हैं।
अगर अपने ही विभाग के 57,000 पंचायत सहायकों के जायज़ सवालों का जवाब नहीं दे सकते, तो फिर
पंचायती राज मंत्री पद से इस्तीफा दीजिए।
57,000 आवाज़ें पूछ रही हैं
मंत्री जी, हमारी बारी कब आएगी?
@uppanchayatiraj@CMOfficeUP
#57000_पंचायत_सहायक #मानदेय_बढ़ाओ #स्थाईकरण_और_वेतनमान #OPRajbhar
@oprajbhar जी,
57,000 पंचायत सहायकों के भविष्य पर लगातार चुप्पी क्यों?
₹6,000 के मानदेय में काम, जिम्मेदारियाँ बढ़ती जा रही हैं, लेकिन स्थाईकरण और सम्मानजनक वेतनमान पर ठोस फैसला कब?
अगर 57,000 पंचायत सहायकों की आवाज़ आपके विभाग में भी नहीं सुनी जा रही, तो फिर सवाल सीधा है...?
जब जिम्मेदारी निभाने में असफल हैं, तो पंचायती राज मंत्री पद से इस्तीफा दीजिए।
57,000 पंचायत सहायक अब सिर्फ आश्वासन नहीं, जवाब और निर्णय चाहते हैं।
मंत्री जी, जवाब दीजिए या इस्तीफा दीजिए।
@uppanchayatiraj
#पंचायती_राज_मंत्री_इस्तीफा_दो
#57000_पंचायत_सहायक #इस्तीफा_दीजिए #स्थाईकरण_और_वेतनमान
पंचायत सहायकों का डिजिटल शोषण बंद हो:
हमारी मांग ₹18,000 न्यूनतम वेतन! 🚨
उत्तर प्रदेश की ७० प्रतिशत से अधिक ग्रामीण आबादी को डिजिटल सेवाओं और सरकारी योजनाओं से जोड़ने वाले पंचायत सहायक आज खुद आर्थिक बदहाली की कगार पर हैं।
💸 मात्र ₹६००० में शोषण:
इस कमरतोड़ महंगाई के दौर में मात्र ६००० रुपये के मानदेय पर दिन-रात काम लिया जा रहा है,
जो कुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी से भी आधा है! ऊपर से यह मामूली रकम भी महीनों तक बकाया रहती है।
🖥️ डिजिटल भारत की कड़वी सच्चाई: गांव-गांव को डिजिटल बनाने वाले रीढ़ की हड्डी जैसे इन युवाओं के श्रम का यह कैसा सम्मान है?
आखिर इस डिजिटल शोषण का जिम्मेदार कौन है?
⚖️ न्याय की गुहार: हम सरकार और पंचायती राज विभाग से पुरजोर मांग करते हैं कि इस शोषण को तुरंत बंद किया जाए और पंचायत सहायकों का न्यूनतम मासिक वेतन ₹18,000 तय किया जाए!
📌 संबंधित से सीधे सवाल:@uppanchayatiraj | @rajbhar | #DirectorUPPR @CMOfficeUP
उत्तर प्रदेश की 16 करोड़ से अधिक ग्रामीण आबादी से सीधे जुड़े पंचायत सहायक वर्ग की समस्याओं पर अब तत्काल ध्यान देना होगा।
चाहे सत्ता पक्ष हो या विपक्ष पंचायत सहायकों की आवाज़ को लोकतंत्र के इस महापर्व में अनसुना नहीं किया जा सकता।
पंचायत सहायकों को लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी बात रखने, अपने अधिकारों और सम्मानजनक भविष्य की मांग रखने का पूरा अवसर मिलना चाहिए।
क्योंकि यह केवल 57,000 पंचायत सहायकों का मुद्दा नहीं है यह ग्राम सचिवालयों से जुड़ी 16 करोड़ से अधिक ग्रामीण जनता की सरकारी सेवाओं और सुशासन का सवाल है।
#न्यनूतम_वेतन_18000_लागू_करो
सरकार और विभाग लगातार पंचायत सहायकों की उपेक्षा और अनदेखी कर रहे हैं। अब PSKU उत्तर प्रदेश द्वारा अनिश्चितकालीन महाधरना प्रदर्शन किया जाएगा।
अब पंचायत सहायकों को नजरअंदाज करना बंद करो, वरना लखनऊ में ऐसा महासैलाब उमड़ेगा जिसकी गूंज पूरे प्रदेश में सुनाई देगी। @myogiadityanath
📢 10–11 अगस्त | पंचायत सहायकों का महासंग्राम 📢
⚡ विशाल धरना प्रदर्शन से पहले एक बार फिर बुलंद होगी पंचायत सहायकों की आवाज़!
✊ अब सिर्फ आश्वासन नहीं, ठोस निर्णय चाहिए!
हमारी प्रमुख मांगें—
🔹 ₹18,000–₹25,000 वेतनमान निर्धारित किया जाए।
🔹 स्थायीकरण एवं सेवा नियमावली लागू की जाए।
🔹 महिला पंचायत सहायकों के लिए स्थानांतरण/समायोजन की व्यवस्था हो।
🔹 भर्ती में वरीयता एवं उचित आरक्षण दिया जाए।
🔹 आवश्यक संसाधन एवं मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
📅 10 एवं 11 अगस्त 2026
🐦 ट्विटर/X महासंग्राम
⚠️ मांगों पर ठोस निर्णय नहीं हुआ तो पंचायत सहायक पूर्ण कार्य बहिष्कार कर अनिश्चितकालीन धरने के लिए बाध्य होंगे।
🔥 अबकी बार—निर्णायक संघर्ष!
✊ एक आवाज़ नहीं, हजारों पंचायत सहायकों की आवाज़!
#पंचायत_सहायको_को_न्यूनतम_वेतनमान_दो
#पंचायत_सहायको_की_मांग_पूरी_करो
@PSKS_UP
एकता • संघर्ष • अधिकार ✊🔥
उत्तर प्रदेश के लाखों पंचायत सहायकों का एक ही सुर, एक ही हुंकार! 🇮🇳
ग्राम पंचायत भवनों को चालू रखने से लेकर हर सरकारी योजना को गाँव के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने में पंचायत सहायकों ने दिन-रात एक किया है। डिजिटल उत्तर प्रदेश का सपना बिना पंचायत सहायकों की दिन-रात की मेहनत के अधूरा है।
लेकिन अब वक्त आ गया है कि हमारी निष्ठा और मेहनत को केवल जिम्मेदारियों से नहीं, बल्कि सम्मान और स्थायित्व से तोला जाए।
📌 हमारी दो मुख्य न्यायसंगत माँगें:
1️⃣ मानदेय ₹18,000 प्रति माह किया जाए:
आज की महँगाई के दौर में वर्तमान मानदेय में परिवार चलाना अत्यंत कठिन हो गया है। एक कुशल कंप्यूटर ऑपरेटर और प्रशासनिक कर्मी के रूप में काम करने वाले युवाओं को जीवन-यापन के लिए सम्मानजनक मानदेय मिलना ही चाहिए।
2️⃣ आगामी पंचायत सचिव भर्ती में 50% आरक्षण / प्राथमिकता:
वर्षों से ग्राम पंचायत के प्रशासनिक कार्यों, ऑनलाइन पोर्टल, पेंशन, राशन, आयुष्मान कार्ड, सर्वे और डेटा एंट्री का जमीनी अनुभव रखने वाले पंचायत सहायकों को आगामी 'ग्राम पंचायत विकास अधिकारी / पंचायत सचिव' भर्ती में 50% आरक्षण या विशेष भारांक (Weightage) दिया जाए।
हमने गाँव-गाँव जाकर सेवा दी है, शासन की योजनाओं को धरातल पर उतारा है। अब शासन को हमारे भविष्य की चिंता करनी होगी।
घंटों काम, अनगिनत जिम्मेदारियाँ... तो फिर हक़ आधा क्यों?
मेहनत हमारी, सम्मान हमारा, अधिकार हमारा!
माननीय मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी एवं पंचायती राज विभाग से विनम्र अपील है कि उत्तर प्रदेश के ऊर्जावान युवाओं की इन जायज़ माँगों पर जल्द से जल्द सहानुभूतिपूर्वक विचार करें। 🙏
#UPPanchayatSahayak #18Kमानदेय #PanchayatSachiv #50PercentReservation #मानदेय_बढ़ाओ #UttarPradesh #GramPanchayat #YogiAdityanath #UPGovt
@oprajbhar@DirectorUPPR
ग्राम पंचायत की हर जिम्मेदारी निभाई,
अब हमारी मांग भी सुनिए!
📌 पंचायत सहायकों का मानदेय कम से कम ₹18,000 किया जाए।
📌 आगामी ग्राम पंचायत सचिव भर्ती में 50% आरक्षण दिया जाए।
सम्मान नहीं, तो व्यवस्था अधूरी है।
हक़ मिलेगा, तभी न्याय मिलेगा।
@myogiadityanath@oprajbhar@kpmaurya1
📌 हमारी दो मुख्य न्यायसंगत माँगें:
1️⃣ मानदेय ₹18,000 प्रति माह किया जाए:
एक कुशल कंप्यूटर ऑपरेटर और प्रशासनिक कर्मी के रूप में काम करने वाले युवाओं को जीवन-यापन के लिए सम्मानजनक मानदेय मिलना ही चाहिए।
2️⃣ आगामी पंचायत सचिव भर्ती में 50% आरक्षण / प्राथमिकता:
@myogiadityanath
अकुशल: ₹12,356
अर्द्धकुशल: ₹13,591
कुशल: ₹15,224
पंचायत सहायक: सिर्फ़ ₹6,000!
क्या ग्राम पंचायतों की डिजिटल व्यवस्था संभालने वालों को इतना कम मानदेय उचित है?
कम से कम ₹18,000 मानदेय दिया जाए।
#18K_मानदेय_दो#PanchayatSahayak#UPPanchayat
माननीय मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी से विनम्र निवेदन
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पंचायती राज विभाग के माध्यम से ग्राम सचिवालयों एवं ग्राम पंचायतों के विकास के लिए करोड़ों रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। यह प्रदेश के ग्रामीण विकास के लिए अत्यंत सराहनीय और स्वागतयोग्य कदम है।
किन्तु एक गंभीर प्रश्न आज भी पंचायत सहायकों के मन में है। जिन ग्राम सचिवालयों को सशक्त बनाने की बात की जा रही है, जिन योजनाओं के सफल क्रियान्वयन पर सरकार का विशेष ध्यान है, उन सभी योजनाओं को धरातल पर लागू करने का सबसे महत्वपूर्ण दायित्व पंचायत सहायकों के कंधों पर ही है। शासन से लेकर विभाग स्तर तक आने वाली अधिकांश ऑनलाइन एवं ऑफलाइन कार्य योजनाओं का निष्पादन पंचायत सहायक ही करते हैं।
इसके बावजूद पंचायत सहायकों का मात्र ₹6,000 प्रतिमाह मानदेय आज के समय में अत्यंत अपर्याप्त है। इतनी कम राशि में किसी परिवार का भरण-पोषण करना, दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति करना और पूरी निष्ठा के साथ सरकारी दायित्वों का निर्वहन करना अत्यंत कठिन है।
हमारा विनम्र अनुरोध है कि योजनाओं के साथ-साथ उन कर्मियों पर भी ध्यान दिया जाए, जो इन योजनाओं को सफल बनाने में दिन-रात मेहनत करते हैं। पंचायत सहायक ग्राम पंचायत व्यवस्था की रीढ़ हैं। यदि उनका सम्मान, आर्थिक सुरक्षा और उचित मानदेय सुनिश्चित होगा, तभी सरकार की योजनाओं का प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन संभव हो सकेगा।
अतः माननीय मुख्यमंत्री जी से आग्रह है कि पंचायत सहायकों के मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि, सेवा सुरक्षा तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर लाखों पंचायत सहायकों और उनके परिवारों को राहत प्रदान करें।
"योजनाएँ तभी सफल होंगी, जब उन्हें सफल बनाने वाले पंचायत सहायकों का भी सम्मान और भविष्य सुरक्षित होगा।"
#पंचायत_सहायक #panchayatsahayak
#पंचायतीराज
@CMOfficeUP माननीय मुख्यमंत्री जी समस्त आउटसोर्स कर्मियों पर न्यूनतम 16000 मानदेय लागू किया जा रहा वही आपकी सरकार में नियुक्त हुए पंचायत सहायकों से आज पंचायत सचिवों के समकक्ष कार्य लेकर मात्र 6000 रुपए मानदेय ग्राम निधि से दिया जाता जो कि विभिन्न कारणों से.. 5 , 5 महीने बाद प्राप्त होता..!
किसी अधिकारी का एक महीने वेतन रुक जाए तो वो अपने छोटे कर्मियों को दिनरात एक करके काम पर लगा देते..!
लेकिन उत्तर प्रदेश के पंचायत सहायक मात्र 6000 मानदेय के 5 ,5 महीने इंतजार करते है...!गुहार लगाते प्रताड़ना सहते राजनीति का शिकार होते तब जाकर कही एक दो माह लगता एक बार में ...हमारी कौन सुनेगा।।
कम से कम इतना उद्धार कीजिए न्यूनतम 18000 लागू करते हुए सीधा नियमित भुगतान खाते में हो ...जिससे पंचायत सहायक भी सम्मानजनक जीवन निर्वाह कर सके..!
पंचायत सहायकों में 60 प्रतिशत महिलाएं है कम से कम आप अपने कर्मचारी का तो ख्याल करिए माननीय..!
@myogioffice@myogiadityanath@uppanchayatiraj@DirectorUPPR@ChiefSecyUP@CLCMOLE@oprajbhar
#57000PanchayatSahayak
🚨 पंचायत सहायकों की मेहनत को सम्मान कब?
ग्राम पंचायतों में डिजिटल कार्य, योजनाओं का संचालन, जनसेवा और रिकॉर्ड प्रबंधन की जिम्मेदारी निभाने वाले पंचायत सहायकों को सम्मानजनक मानदेय और बेहतर भविष्य मिलना चाहिए।
✅ न्यूनतम ₹18,000 मानदेय
✅ सचिव भर्ती में 50% आरक्षण
@CMOfficeUP