भावुक अपील😥🙏
साथियों प्राइमरी शिक्षक भर्ती का धरना खतरे में है🙏
आज रात में प्रशासन कुछ छात्रों को गिरफ्तार करके धरना खत्म करने के विचार में है ऐसी सूचना मिली है।
जो भी छात्र प्रयागराज में है वो जल्दी से जल्दी धरना स्थल "शिक्षा सेवा चयन आयोग एलनगंज" पहुंचे 🙏
मै आ रहा हूं कल धरने में
सभी जिलों के जिलाध्यक्ष, मेरे डीएलएड परिवार के भाई बहन कल धरने में पहुंचे ज्यादा से ज्यादा संख्या में नया शिक्षा सेवा चयन आयोग प्रयागराज💪
एक हो जाओ सभी,
डीएलएड एकता जिंदाबाद✌️
आपका भाई~विशु यादव
प्रयागराज में परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में एक लाख सहायक अध्यापकों की भर्ती की मांग को लेकर प्रशिक्षित अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के बाहर बेमियादी धरने पर बैठे हुए हैं।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, 2018 के बाद अब तक कोई नई शिक्षक भर्ती क्यों नहीं हुई?
यह तब है जब स्वयं उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में 51,112 पद रिक्त होने की बात मानी है!
एक आरटीआई के अनुसार 1.73 लाख पद खाली हैं, और 2020 में संसद में तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल जी ने स्वीकार किया था कि उत्तर प्रदेश में प्राथमिक शिक्षकों के 2,17,481 पद रिक्त हैं।
क्या सरकार नहीं देख रही कि बेसिक शिक्षा में गिरावट का सबसे बड़ा कारण शिक्षकों की भारी कमी है?
जब से बीटीसी का नाम बदलकर डीएलएड किया गया तब से डीएलएड 2017, 18 व 19 बैच के लगभग पांच लाख योग्य अभ्यर्थियों को एक बार भी शिक्षक भर्ती का मौका नहीं मिला
हम @UPGovt से मांग करते हैं कि तत्काल 51112 पदों में 68500 प्राथमिक शिक्षक भर्ती के शेष पदों एवं हर वर्ष रिटायर हो रहे 10 से 15 हजार शिक्षकों के पदों को जोड़कर जल्द से जल्द एक लाख पदों पर प्राथमिक शिक्षक भर्ती का विज्ञापन जारी करें।
हम इन अभ्यर्थियों की संवैधानिक और न्यायोचित मांग का पूर्ण समर्थन करते हैं।
सरकार से यह भी आग्रह है कि केवल मौखिक नहीं, लिखित आश्वासन दे और भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए।
#Prayagraj #TeacherVacancy #StudentProtest
पिछले 7 वर्षों से नई प्राथमिक शिक्षक भर्ती नहीं आई, किसी तरह योगी सरकार की अंतरात्मा जागी तो नई प्राथमिक शिक्षक भर्ती का ट्वीट किया और कुछ ही घंटों में ट्वीट डिलीट करके भाग खड़े हुए।
प्रयागराज में डीएलएड/बीटीसी प्रशिक्षित अभ्यर्थी प्राथमिक शिक्षक भर्ती न निकालने को लेकर सरकार के खिलाफ 'महाधरना' दे रहे हैं।
योगी सरकार को अभ्यर्थियों के इन दो सवालों का जवाब देना चाहिए
👉 ऐसी कौन सी मजबूरी है, जिसके कारण योगी सरकार को ट्वीट डिलीट करना पड़ा?
👉 योगी सरकार नई प्राथमिक शिक्षक भर्ती कब निकालेगी?
सरकार के पास इन दोनों ही सवालों के जवाब नहीं होंगे क्योंकि जो निजीकरण करके नौकरियां छीनने में लगे हुए हैं, नौकरियां देना उनके एजेंडे में कैसे हो सकता है?
प्राथमिक शिक्षक भर्ती का आश्वासन नहीं, विज्ञापन दो।
जब तक विज्ञापन नहीं, तब तक समापन नहीं।
भाजपा सरकार ने संपूर्ण उप्र के भावी प्राथमिक शिक्षकों को मायूस करके, उन्हें प्रयागराज में नयी प्राथमिक शिक्षक भर्ती निकालने के लिए ‘महाधरना’ देने पर मजबूर कर दिया है। 7 सालों से डीएलएड की भर्ती न निकालकर भाजपा सरकार ने साबित कर दिया है कि प्राथमिक शिक्षा उसकी प्राथमिकता ही नहीं है। सच्चाई तो ये है कि नौकरी भाजपा के एजेंडे में है ही नहीं। भाजपा शिक्षा, स्वास्थ्य, नौकरी-रोज़गार जैसे बुनियादी मोर्चों पर पूरी तरह फ़ेल साबित हुई है । कुल मिलाकर भाजपा एक नाकामयाब सरकार है।
हम शिक्षा संबंधित हर बात और हर तरह की शिक्षक भर्ती के सभी अभ्यर्थियों की माँगों के साथ मजबूती से साथ खड़े हैं।
#97000_प्राथमिक_शिक्षक_भर्ती
#डीएलएड
#डीएलएड_शिक्षक_भर्ती
#69000
#सहायक_शिक्षक_भर्ती
#शिक्षामित्र