आप जो भी काम करते हैं, उसे गंभीरता से और पूर्णता से करें। इसे कभी भी अधूरा नहीं छोड़ें, तब तक स्वयं को संतुष्ट न समझें जब तक कि आप इसमें अपना सर्वश्रेष्ठ नहीं दे दें।
- श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी
People often ask what makes Nagaland unique..
For me, it's never just the mountains. It's the people, the tribes, and the stories they continue to carry.
Awesomely clicked by : @love_skydeep
@ram_street@nagalandtourism@escappa.official
बकरीद पर सूर्या चौहान की निर्मम हत्या पर राहुल-प्रियंका-अखिलेश के मुंह पर ताला क्यों लगा है?
क्योंकि सूर्या ‘हिंदू’ है??
अगर पीड़ित मुसलमान होता,
तो ट्वीट छोड़िए… ये तीनों अब तक पुलिस को धक्का देकर वहां छाती पीटने पहुंच गए होते!
इस घिनौने दोगलेपन का अंत कब होगा?
@Radhika_Khera भाजपा प्रवक्ता
कुछ लोगों के अनुसार मैं देश धर्म की सेवा करने वाले मोदी की प्रशंसा करने का अधर्म करता हूँ।
और पूज्य महाभाग इटली वाली बाई सोनिया को सुवर्णा कहकर राष्ट्र की पुत्रवधू बताने का पुण्य कर रहे हैं।
आज भारतीय जनता पार्टी के 47वें स्थापना दिवस के अवसर पर भोपाल स्थित निवास पर भाजपा के गौरवशाली ध्वज फहराया एवं उसके साथ सेल्फी लेकर उस महान विचारधारा को नमन किया, जिसने राष्ट्रसेवा और जनकल्याण को अपना ध्येय बनाया।
यह ध्वज करोड़ों कार्यकर्ताओं के त्याग, तपस्या और अंत्योदय के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता का परिचायक है।
#BJPSthapanaDiwas
#47YearsOfNationFirst #BJPFoundationDay
भाजपा जो गलत करे उसका विरोध करो।
गलत को सही हम करवाएँगे और भाजपा वाले सही करेंगे।
पर विरोध में भाजपा का ही बहिष्कार किया तो फिर जो दूसरे सत्ता में आएँगे उनके द्वारा गलत ही गलत झेलना पड़ेगा,,फिर उसे सही नहीं करवा सकते।
विश्वास न हो तो पश्चिम बंगाल के हिन्दुओं से पूछ लो।
नेताजी सुभ���ष चंद्र बोस का जीवन हमें बताता है कि वीरता और शौर्य के मायने क्या होते हैं। पराक्रम दिवस हमें इसी का स्मरण कराता है।
एतदेव परं शौर्यं यत् पर��्राणरक्षणम्।
नहि प्राणहरः शूरः शूरः प्राणप्रदोऽर्थिनाम्॥
संगठन बढ़े चलो !!!
@BJP4India के यशस्वी राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर माननीय श्री @NitinNabin जी के निर्वाचित होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं...
आपके ऊर्जावान, युवा एवं दूरदर्शी नेतृत्व में भाजपा विजयी से अजेय भाजपा की ओर और अधिक सशक्त कदम बढ़ाएगी।
राष्ट्रसेवा, ��ंगठन विस्तार एवं जनकल्याण के संकल्प के साथ आपका कार्यकाल ऐतिहासिक सिद्ध होगा, ऐसा पूर्ण विश्वास है।
आपके सफल, प्रभावी एवं प्रेरणादायी कार्यकाल हेतु अनंत शुभकामनाएं।
जय भारत
जय भाजपा
आज नॉर्थ ईस्ट के तीन राज्य मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा अपना स्���ापना दिवस मना रहे हैं। इस अवसर पर यहां के अपने सभी भाई-बहनों को मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएं। अपने प्रयासों से जीवन के हर क्षेत्र में उन्हें सफलता मिले, यही कामना है।
चरैवेति चरैवेति चरन्वै मधु विन्दति।
सूर्यास्य पश्य श्रेमाणं न मामार न जीर्यति॥
लोग बड़े चिन्तित हैं कि योगी सरकार में शंकराचार्य का अपमान हुआ है।
आश्चर्य की बात ये है कि सर्वाधिक चिन्तित वे हैं जिन्होंने उन्हें और उनके समर्थकों को लाठियों से कूटा था।
पर एक बात कोई नहीं बता रहा कि जिस बात की चिन्ता व्यक्त की जा रही है कि शंकराचार्य का अपमान हुआ तो इतना तो बता दो कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती जी को शंकराचार्य बनाया किसने?
क्या उनके पूज्य गुरुदेव उन्हें शंकराचार्य पद पर बिठा कर या घोषणा करके गए थे? उत्तर है नहीं
क्या अखाड़ा परिषद्, सन्त समिति, विद्वत् परिषद् ने उन्हें शंकराचार्य बनाया? उत्तर है नहीं
क्या ज्योतिष्पीठ में उनका पट्टाभिषेक हुआ? उत्तर है नहीं
फिर उन्हें शंकराचार्य किसने और क्यों प्रचलित किया?
किसी जे कहा कि श्रृंगेरी के शंकराचार्य महाभाग ने उनका पट्टाभिषेक किया,,,
क्या श्रृंगेरी के शंकराचार्य महाभाग ने उनका पट्टाभिषेक ज्योतिष्पीठ में किया? उत्तर है नहीं
क्या उत्तराखण्ड का कोई व्यक्ति कर्नाटक में जाकर मुख्यमन्त्री की शपथ लेकर स्वयं को उत्तराखण्ड का मुख्यमन्त्री घोषित कर दे तो क्या वो वहाँ का मुख्यमन्त्री मान्य होगा?
जैसे मुख्यमन्त्री के चयन की एक वैधानिक व्यवस्था है ठीक उसी प्रकार से मान्य पीठों के शंकराचार्य नियुक्ति की भी एक परम्परा है।
मनमाने ढंग से कोई महामंडलेश्वर घोषित कर देता है तो भी वो मान्य नहीं होता ये तब पता चलता है जब कुम्भ में अमृत स्नान (शाही स्नान) के लिए अखाड़े महामंडलेश्वरों को आदर के साथ लेकर जाते हैं रब नकली महामण्डलेश्वर उस यात्रा में प्रवेश नहीं कर सकते।
इसी तरह मनमाने ढंग से घोषित शंकराचार्य बनकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती जी भोले भाले लोगों और मीडिया को भ्रमित कर सकते हैं, पर ऐसा करने से सच नहीं बदल जाता।
और सच यही है कि वे कोई शंकराचार��य नहीं हैं। वे मोदी-योगी विरोधी नेताओं का समर्थन करने वाले एक एजेंडाधारी हैं और कुछ नहीं।
विचित्र ये भी है कि वे अतीक अहमद जैसे आतंकी का समर्थन करें तो भी जिन्हें आपत्ति नहीं होती उन्हें मेरे से इसलिए आपत्ति है क्योंकि मैं भव्य श्रीराम मन्दिर बनाने वाले मोदी-योगी का समर्थन करता हूँ।