भाजपा सरकार में ‘न्याय की उम्मीद’ करना भी गुनाह है!
कमज़ोरों और वंचितों के खिलाफ गंभीर से गंभीर घटनाओं में भी जिनकी प्राथमिकता न्याय नहीं अपराध छिपाना हो, उनसे कोई क्या ही उम्मीद करे?
फ़र्रुख़ाबाद में हुई घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, पीड़ित परिवार के साथ प्रशासन का ऐसा रवैया किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
आखिर यह सब कब तक सहन किया जा सकता है? एक समाज के रूप में हमारे सामने ये बहुत बड़ा सवाल है!
सुरक्षा भारत की हर बेटी का अधिकार है और न्याय हर पीड़ित परिवार का हक़।
इतनी भयावह घटना के बाद एक पिता को ये सवाल क्यों उठाने पड़ रहे हैं? क्या एक पीड़ित पिता का ये भी हक नहीं कि उसे अपनी बेटी के साथ हुए सुलूक का सच पता चल सके? आखिर प्रशासन बच्चियों के शवों को जलाने की जल्दबाजी क्यों दिखा रहा है?
फर्रुखाबाद में दो दलित लड़कियों के साथ घटी घटना पर प्रशासन का रवैया कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है।
हाथरस हो, उन्नाव हो या फर्रुखाबाद - सब जगह वही क्रूर कहानी दोहराई जाती है। तो क्या अब दलित, पिछड़े, वंचित, गरीब, महिलाएं, या जो भी कमजोर हैं, वे न्याय की आशा छोड़ दें?
हे बिहार के मुख्यमंत्री और NDA के कर्णधारों!
बिहार की भ्रष्टाचार युक्त इस टेक्नोलॉजी का पेटेंट करवा लीजिए, क्या पता आपके इन्हीं अनोखे अविष्कारों से बिहार का पिछड़ापन दूर हो जाए? क्या बिहार में नाला, बाँध, तटबंध टूटने तथा पुल गिरने की वजह यही तकनीक नहीं है? #TejashwiYadav#RJD #Bihar #trending
प्रधानमंत्री जी ने पिछले साल सिंधुदुर्ग, महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का अनावरण किया जो महज 8 महीने में ढह गई। अयोध्या में भगवान का मंदिर, उज्जैन महाकाल लोक में सप्तर्षियों की मूर्तियां, नई संसद, हाईवे, पुल, सड़क, सुरंग - जो भी बनाया, सबमें आए दिन खामी दिख जाती है।
पंडित नेहरू जी के समय भाखड़ा नांगल और हीराकुंड जैसे एक दर्जन से ज्यादा बांध बने, IIT, IIM, AIIMS, विश्वविद्यालय और तमाम अन्य संस्थान बने, सब के सब सलामत हैं और देश के विकास में अपना योगदान दे रहे हैं।
भाजपा को हमारी आस्था, हमारे महापुरुषों और देश के नाम पर किए गए हर भ्रष्टाचार का जवाब देना होगा।
हम बाँट रहे हैं दाने, गाओ हमारे गाने
जेल तुम्हारा घर है, अगर हुए बेगाने!
यही है उप्र की भाजपा सरकार की नयी सोशल मीडिया पॉलिसी का सच।
ये तरफ़दारी के लिए दी जाने वाली भाजपाई घूस है। भाजपा अपनी करतूतों पर परदा डालने के लिए सरकार के चरणों में पड़े रहनेवाले, नये ज़माने के चारण पैदा करना चाह रही है।
भाजपा भ्रष्टाचार की थाली में झूठ परोस रही है। जनता के टैक्स के पैसे से आत्म प्रचार एक नये तरीक़े का भ्रष्टाचार है।
निंदनीय!
इस किसान की बेटी के दर्द को अवश्य सुनिए। हम नेताओं से कहीं अधिक प्रभावशाली ढंग से इसने सोयाबीन के किसानों के दर्द को व्यक्त किया है। @PMOIndia@ChouhanShivraj सोयाबीन की MSP ₹ ६०००/- प्रति क्विंटल भाव तत्काल घोषित करें। @INCIndia@INCMP@CMMadhyaPradesh
कटनी की वीभत्स घटना से पूरा मध्य प्रदेश स्तब्ध है। एक दलित माँ - बेटे को भाजपा के वर्दी वाले गुंडों ने बंद कमरे में लाठी से पिट पिट कर अर्धमृत कर दिया है। भाजपा के कुशासन में मध्य प्रदेश के दलित भयावह जीवन जीने को मजबूर हैं। अगर मुख्यमंत्री अपने प्रदेश के लोगों की सुरक्षा नहीं कर सकते तो उन्हे तुरंत इस्तीफ़ा दे देना चाहिए।
सागर, सतना, नरसिंहपुर, अशोकनगर और अब कटनी की घटना लगातार मोहन यादव की क्षमता और नियत पर सवाल खड़े करती है। क्या हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री किसी भी दलित परिवार को सुरक्षा दे सकते हैं?
मैं और पूरी कांग्रेस पार्टी इस असहनीय दुख और दर्द में पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं और इन्हें न्याय और सुरक्षा दिलाने के लिए हर लड़ाई लड़ने का आश्वासन देते हैं।
#MPDalitMatters
"मैं राजनीति में पापा के अधूरे सपने, देश के वो काम जो उन्हें करने से रोका गया, उनको पूरा करने के लिए हूं। मेरा हर प्रयास उसी दिशा में है!" : @RahulGandhi
Watch Full Video Here:
https://t.co/2XsEHsmI83
उप्र के फ़र्रूख़ाबाद में जन्माष्टमी उत्सव देखने निकली दो बच्चियों की लाशें पेड़ पर लटकी मिलना, एक बेहद संवेदनशील घटना है।
भाजपा सरकार इस मामले में तत्काल निष्पक्ष जाँच करे और हत्या के इस संदिग्ध मामले में अपनी आख्या प्रस्तुत करे। ऐसी घटनाओं से समाज में एक भयावह वातावरण बनता है, जो नारी समाज को मानसिक रूप से बहुत गहरा आघात पहुँचाता है।
‘महिला सुरक्षा’ को राजनीति से ऊपर उठकर एक गंभीर मुद्दे के रूप में उठाने का अपरिहार्य समय आ गया है।
मोदी सरकार ने बैंकों को बनाया जन-धन की लूट का साधन !
हमारे तीन सवाल -
1⃣क्या ये सच नहीं कि 10 करोड़ से ज़्यादा जन-धन बैंक खाते बंद हो चुके हैं, जिनमें क़रीब 50% बैंक खाते महिलाओं के हैं? इनमें दिसंबर 2023 तक ₹12,779 करोड़ जमा थे ! कुल जन-धन खातों में से 20% खाते बंद होने का ज़िम्मेदार कौन है?
2⃣क्या ये सही नहीं है कि पिछले 9 वर्षों में जनधन खातों में औसत बैलेंस 5000 रुपये से कम यानी सिर्फ 4,352 रुपये है? इतने से पैसों में, भाजपाई कमरतोड़ महंगाई के बीच, एक गरीब व्यक्ति कैसे अपना जीवन यापन कर सकता है?
3⃣ये सच नहीं है कि आम खातों और जन-धन खातों को जोड़कर, मोदी सरकार ने 2018 से 2024 तक कम से कम ₹43,500 करोड़ केवल Minimum Balance न होने पर, अतिरिक्त ATM Transactions, SMS Charges पर वसूली करने से लूटे हैं? (संसद में दिए उत्तरों के अनुसार)
आज कांग्रेस-UPA की No frills accounts योजना जिसके तहत मार्च 2014 तक 24.3 करोड़ ग़रीबों के लिए बैंक खाते खोले गए थे, उसके नाम बदलने की 10वीं वर्षगाँठ है।
मोदी सरकार जिसका ढिंढ़ोरा आज पीट रही है, उसकी असलियत समझें -
🔹2005 में, कांग्रेस-UPA सरकार ने बैंकों को "No Frills Accounts" खोलने का निर्देश दिया।
🔹2010 में, RBI ने बैंकों को 2010 से 2013 तक Financial Inclusion Plan तैयार करने और लागू करने के लिए कहा।
🔹2011 में कांग्रेस-UPA सरकार ने Major Financial Inclusion Initiative ‘Swabhimaan' (स्वाभिमान) लाँच की।
🔹2012 में, "No Frills Accounts" को सरकारी नाम मिला - Basic Savings Bank Deposit Account (BSBDA)
🔹2013 में, बैंकों को Financial Inclusion Plan को 2016 तक बढ़ाने का निर्देश दिया गया था। इसी का नाम बदलकर मोदी सरकार ने जन-धन योजना रखा।
🔹2013 में ही कांग्रेस-UPA ने Direct Benefit Transfer (DBT) scheme और इसे 291 ज़िलों में LPG सब्सिडी देने के लिए AADHAAR से जोड़ा। उस वक्त विपक्ष में रही भाजपा शासित राज्यों ने इस "पहल" योजना का विरोध किया। मोदी जी ने AADHAAR का भी विरोध किया था।
आज उन्हीं योजनाओं का इस्तेमाल कर के मोदी जी विज्ञापनबाज़ी में लीन हैं।