धन्यवाद बिहार!
बिहार के देवतुल्य मतदाताओं के जनमत का हम सम्मान करते हैं! परिणाम चाहे जो हों, जनता का सम्मान सर्वोपरि है।
हम बिहार के विकास, सामाजिक न्याय और अधिकारों की लड़ाई को पहले से भी अधिक मजबूती के साथ जारी रखेंगे। आपके विश्वास, समर्थन और संवाद ने हमें और भी प्रतिबद्ध बनाया है।
बिहार के हर घर, हर आवाज और हर सपने के साथ खड़े रहने का हमारा संकल्प अटूट है।
बिहार में जो खेल SIRने किया है वो बंगाल, तमिलनाडू, यूपी और बाकी जगह पर अब नहीं हो पायेगा"
◆ बिहार चुनाव के नतीजों पर सपा सांसद और प्रमुख अखिलेश यादव ने X पर ट्वीट कर कहा
@yadavakhilesh | #BiharElection2025 | Bihar Election 2025 | #ElectionUpdates
1990 के दशक में लालू यादव ने सामाजिक न्याय करके सबसे बड़ी भूल की थी।
क्योंकि बिहारियों के DNA में गुलामी थी तुमने आजादी के लिए 15 साल बर्बाद कर दिए।
इससे अच्छा रोड रोज़गार 5kg राशन में इनको भटकाए रखते और सत्ता पर काबिज रहते।😎
#BiharElection2025#BiharPolitics
देश ने जिसका नमक खाया हो, उस इंसान को हमने खो दिया। शानदार जीवन के बाद दुनिया से टाटा।
क्या हम सब अपने प्रधानमंत्री जी से देश के असली रत्न ‘रतन टाटा’ जी के लिए आज भारत रत्न की माँग नहीं कर सकते हैं ?
भारत के महान उद्योगपति और प्रेरणादायक व्यक्तित्व श्री रतन टाटा जी का निधन राष्ट्र और वैश्विक समुदाय के लिए एक अपूरणीय क्षति हैं।
आपकी सादगी, नेतृत्व और दूरदर्शिता सदैव हमारी प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दे!
ॐ शांति!
कल साबरमती पर JNUSU द्वारा प्रस्तावित योगी सरकार के पुतला दहन में समाजवादी छात्र सभा JNU की तरफ से संगठन का पक्ष रखा।
हम सभी समाजवादी साथी अपने नेता आदरणीय @yadavakhilesh जी से प्रेरणा लेते हुए व अपने बहुजन नायकों के पदचिन्हों पर चलते हुए देश के किसी भी कोने में हो रहे बहुजनों पर अत्याचारों के विरोध में खड़े हैं। हम तब तक संघर्षरत रहेंगे जब तक समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को उसका अधिकार नहीं मिल जाता।
अयोध्या में हुई दलित बच्ची के साथ बलात्कार की घटना दिल दहला देने वाली है मगर अफसोस कि जब हम योगी सरकार का पुतला दहन कर रहे थे तभी एक खबर आती है कि बिहार में दलितों के घर जला दिये गये।
यह खबरें TV, मीडिया पर बहुत ही सामान्य तरीके से परोसी जायेंगी लेकिन हमें अपना काम करना है, बहुजनों पर हो रहे अत्याचारों को उजागर करना है और साथ ही साथ जातिवादी और सामंती सरकारों का पुतला फूंकते हुए उनकी खराब नीतियों व जातिवादी स्वभाव को सबके सामने लाना है। आखिर कब तक ये मुखौटा ओढ़कर अपना काम करते रहेंगे हमें और आपको NFS करते रहेंगे। आखिर कभी वो उम्मीद की सुबह आयेगी जब इन जातिवादियों का खात्मा होगा और जगदेव बाबू के शब्दों में हम उनकी तीसरी पीढ़ियां मसनद पर बिठाई जायेंगी।
उप्र पुलिस भर्ती परीक्षा में लगभग 1/3 अभ्यर्थियों ने परीक्षा ही नहीं दी, सरल भाषा में कहा जाए तो हर 3 में से 1 अभ्यर्थी ने परीक्षा नहीं दी इसका कारण भाजपा राज में परीक्षाव्यवस्था से उठ चुका भरोसा है या भाजपा सरकार से नाउम्मीदगी है या इसका कारण कुछ और है ये गहरे अध्ययन का विषय है