सोचिए, ऐसा क्या गुनाह किया था इन बच्चों ने कि इन्हें गोली मार दी गई?
इन्होंने सरकार से सिर्फ़ तीन चीज़ें माँगी थीं - शिक्षा, रोज़गार, और जवाबदेही।
एक छात्र के पैर की हड्डी AK 47 की गोली से टूट गई। सेना में जाकर देश की सेवा करने का उसका सपना भी उसी के साथ चला गया। दो और छात्रों के कंधों को गोली चीरती हुई निकल गई।
ये अपराधी नहीं थे। ये ग़रीब घरों के वो बच्चे थे जो अपने परिवार के सपने लेकर पढ़ने निकले थे - किसी को अच्छी नौकरी चाहिए थी, किसी को अपने घर के हालात बदलने थे।
गोली के घाव भर जाएंगे - पर जो डर इन बच्चों के भीतर बैठ गया है, उसका इलाज किस अस्पताल में होता है?
प्रधानमंत्री जी, मुख्यमंत्री जी - इनकी टूटी हड्डी तो जुड़ जाएगी। क्या इनका टूटा हुआ सपना आप लौटा सकते हैं?
प्रधानमंत्री मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं - इतने युवा विरोधी कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी नहीं ले सकते।
152 पेपर लीक। 7.5 करोड़ छात्र पीड़ित। और सज़ा एक दोषी को भी नहीं। सजा किसे मिली? मेहनती युवाओं को।
और जब इन बच्चों ने शिक्षा के जायज़ सवाल उठाए - तो जवाब में मिली लाठी और हिरासत। लीक करने वाले अपराधी आज़ाद - और वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्र घसीटे जाते हैं, पीटे जाते हैं।
यह सरकार सिर्फ़ युवाओं को नाकाम नहीं कर रही - उनपर टूट पड़ी है।
कल नोएडा की सड़कों पर जो हुआ, वो इस देश के श्रमिकों की आख़िरी चीख़ थी - जिसकी हर आवाज़ को अनसुना किया गया, जो मांगते-मांगते थक गया।
नोएडा में काम करने वाले एक मज़दूर की ₹12,000 महीने की तनख्वाह,₹4,000-7,000 किराया। जब तक ₹300 की सालाना बढ़ोतरी मिलती है, मकान मालिक ₹500 सालाना किराया बढ़ा देता है।
तनख्वाह बढ़ने तक ये बेलगाम महंगाई ज़िंदगी का गला घोंट देती है, कर्ज़ की गहराई में डुबा देती है - यही है “विकसित भारत” का सच।
एक महिला मज़दूर ने कहा - “गैस के दाम बढ़ते हैं, पर हमारी तनख्वाह नहीं।” इन लोगों ने शायद इस गैस संकट के दौरान अपने घर का चूल्हा जलाने के लिए ₹5000 का भी सिलेंडर खरीदा होगा।
यह सिर्फ़ नोएडा की बात नहीं है। और यह सिर्फ़ भारत की भी बात नहीं है। दुनियाभर में ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं - पश्चिम एशिया में युद्ध की वजह से सप्लाई चेन टूट गई है।
मगर, अमेरिका के टैरिफ़ वॉर, वैश्विक महंगाई, टूटती सप्लाई चेन - इसका बोझ Modi जी के “मित्र” उद्योगपतियों पर नहीं पड़ा। इसकी सबसे बड़ी मार पड़ी है उस मज़दूर पर जो दिहाड़ी कमाता है, तभी रोज़ खाता है।
वो मज़दूर, जो किसी युद्ध का हिस्सा नहीं, जिसने कोई नीति नहीं बनाई - जिसने बस काम किया। चुपचाप। बिना शिकायत। और उसके बदले अपना हक मांगने पर उन्हें मिलता क्या है? दबाव और अत्याचार।
एक और ज़रूरी मुद्दा - मोदी सरकार ने 4 लेबर कोड जल्दबाज़ी में बिना संवाद नवंबर, 2025 से लागू कर, काम का समय 12 घंटे तक बढ़ा दिया।
जो मज़दूर हर रोज़ 12-12 घंटे खड़े होकर काम करता है फिर भी बच्चों की स्कूल फ़ीस क़र्ज़ लेकर भरता है - क्या उसकी मांग ग़ैरवाजिब है? और जो उसका हक़ हर रोज़ मार रहा है - वो “विकास” कर रहा है?
नोएडा का मज़दूर ₹20,000 माँग रहा है। यह कोई लालच नहीं - यह उसका अधिकार, उसकी जिंदगी का एकमात्र आधार है।
मैं हर उस मज़दूर के साथ हूं - जो इस देश की रीढ़ है और जिसे इस सरकार ने बोझ समझ लिया है।
यूपी वालों के लिए राहत की खबर ✨
• अब बिजली वाले स्मार्ट मीटर में प्रीपेड व्यवस्था लेना अनिवार्य नहीं है. इसका आदेश आ गया है.
• आपकी इच्छा पर है कि आपको प्रीपेड व्यवस्था लेनी है या नहीं. कोई जोर जबरदस्ती नहीं हो पाएगी.
यूपी में जनता प्रीपेड मीटर से घनघोर परेशान है. बिल्कुल मोबाइल के डाटा की तरह हो गया है, कभी भी खत्म हो जाता है और लाइट कट जाती है.
क्या कोई इस बिटिया के परिवार के किसी व्यक्ति का नॉ दिला सकता है जिसके माध्यम से बिटिया को सुविधा सुलभ कराई जा सके ? @TheVishwastrust या @OfficeOfDKV के संदेश बॉक्स में मुहैया कराएँ 🙏
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री श्री अजित पवार जी और उनके सहयात्रियों की आज हवाई जहाज दुर्घटना में निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है।
इस शोक के पल में महाराष्ट्र की जनता के साथ हूं। समस्त पवार परिवार और प्रियजनों को इस दुख की घड़ी में अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं।
दो टके के ट्रोलों
मुझे अनाप-शनाप बोल कर और माँ बहन की ग़ाली देकर अगर इंटरनेशनल नैरेटिव जीतने में मदद मिलती है तो ऐसा कर लो। मैं देश की ख़ातिर सब सहने को तैयार हूँ। मैं तो वो लिखूँगा और दिखाऊँगा जो जिस रूप में सामने आ रहा है। टिप्पणी भी करूँगा। दो ही रास्ते हैं। या तो दिन में आँख मूँद कर बैठ जाओ, कहो रात हो गई और सो जाओ। सोते सोते भी मुझे ग़ाली दो। या फिर समय रहते चुनौतियों से तार्किक तरीक़े से निपटने की सलाह के महत्व को समझो। ये तुमसे हो न पाएगा। इसलिए लगे रहो 😘
मैंने संसद में कहा था कि जिस तरह एकलव्य का अंगूठा कटवाया गया था उसी तरह पेपर लीक करवाकर युवाओं का अंगूठा काटा जाता है।
इसका ताज़ा उदाहरण बिहार है। BPSC अभ्यार्थी पेपर लीक के ख़िलाफ़ आवाज़ उठा रहे हैं और एग्जाम को रद्द करने की मांग कर रहे हैं।
लेकिन NDA की सरकार अपनी नाकामी को छुपाने के लिए उल्टा छात्रों पर ही लाठी चार्ज करवा रही है।
यह बेहद शर्मनाक और निंदनीय है। छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम उनके साथ हैं और उन्हें न्याय दिलाने के लिए लड़ेंगे।
After my article, many play-fair businesses are telling me that a senior Minister has been calling and forcing them to say good things on social media about PM Modi and the govt's programs.
Proves my point exactly!
इंदिरा गांधी सिर्फ कांग्रेस की नेता नहीं थीं, इस देश की प्रधानमंत्री थीं
राजीव गांधी सिर्फ़ कांग्रेसी नहीं थे, इस देश के पूर्व प्रधानमंत्री थे
दोनों ने आतंकवाद और हिंसा के ख़िलाफ़ लड़ने की क़ीमत अपने प्राणों की आहुति देकर चुकाई
इससे सर्वोच्च बलिदान दूसरा नहीं
महात्मा गांधी को भी गोडसे ने इसलिए मारा क्योंकि वह नफ़रत और हिंसा का विरोध कर रहे थे
और आज BJP का एक घटिया नफ़रती चिंटू कहता है कि कांग्रेस के नेताओं की हत्या उनके राजनीतिक निर्णयों की वजह से हुई
तो क्या BJP अब राजनीतिक निर्णयों के चलते हुई हिंसा और रक्तरंजन को सही ठहरा रही है, क्या BJP हत्या को ठीक ठहरा रही है, क्या BJP यह कह रही है कि शहीदों का शहीद होना ठीक है?
क्योंकि इस लॉजिक से तो अपने राजनीतिक निर्णयों के कारण भगत सिंह से राजगुरु, अशफ़ाक़ुल्लाह ख़ान, चंद्रशेखर आज़ाद शहीद हुए. क्या यह सही था?
क्या हो गया है BJP को? कितना गिरेंगे?
BJP और उस ट्रोल नफ़रती चिंटू से नैतिकता की उम्मीद तो बेमानी है, लेकिन @IndiaToday ग्रूप के News Director @rahulkanwal जिनके मुँह से 4 मिनट 54 सेकंड एक शब्द नहीं फूटा, एक विरोध का वाक्य नहीं निकला वो यह ट्वीट करते हैं 👇
एक नफ़रती चिंटू बैठ कर ज़हर उगल रहा था और चैनल बिना रोके टोके उसको यह करने दे रहा था
Shame on BJP, it’s sick ideology — but most of all India Today — you must introspect.
आपसे ज़्यादा झूठ बोलने वाला पीएम इस देश में आज तक नहीं हुआ है .
गिनाऊँ क्या आपके झूठ ?
झूठ बोलना तो आपकी फ़ितरत है सर ..
दूसरे भी बोलते होंगे झूठ लेकिन पीएम के पद पर रहकर आपसे ज़्यादा झूठ किसी ने 75 सालों में नहीं बोला .
यहाँ संतों की तरह बात कर रहे हैं . इंटरव्यू के नाम पर प्रवचन दे रहे हैं .
मोदी सरकार ‘देश के भविष्य’ की दुश्मन बन गई है!
कहीं भर्ती के लिए तरसते छात्र, कहीं पेपर लीक से हताश छात्र, कहीं नियुक्ति के लिए कोर्ट का चक्कर काटते छात्र तो कहीं आवाज़ उठाने पर लाठियों की मार सहते छात्र।
RO-ARO से लेकर पुलिस भर्ती तक और रेलवे से लेकर सेना तक एक भी परीक्षा न्यायपूर्ण ढंग से करा पाने में नाकाम भाजपा सरकार अपना गुस्सा युवाओं पर निकाल रही है।
नौकरी पैदा करने वाले संस्थान अपने मित्रों को बेच कर युवाओं को ठेके पर रखना, मोदी की पॉलिसी है और शोषण मोदी की गारंटी।
मोदी सरकार छात्रों और उनके परिवारों के सपनों पर लगा ग्रहण है जिसने उनसे उम्मीदों की रौशनी छीनी है।
इस अपराध के लिए इतिहास नरेंद्र मोदी को कभी माफ नहीं करेगा।
#YuvaNYAY
ये एक बेहद दुखद ख़बर है कि बेरोज़गारी की त्रासदी से निराश होकर कन्नौज में एक युवा बृजेश पाल ने फांसी लगाकर जान दे दी और और ऐसा करने से पहले उसने अपनी सारी डिग्रियां जला डाली।
जीवन देना कोई समाधान नहीं होता, संघर्ष ही समाधान का रास्ता निकालता है। भाजपा सरकार में नौकरी की उम्मीद बेमानी है।
जो भाजपा अपनी सरकार बनाने के लिए हर हथकंडा अपनाती है, वो नौकरी देने के नाम पर क्यों मुकर जाती है।
अपना ‘राजनीतिक बाज़ार’ सजाने के लिए भाजपा द्वारा की गई ‘नफरत की खेती’ का ज़हर समाज में फैल चुका है।
इस ज़हर से अंधे हो चुके लोग न किसान देख रहे हैं, न जवान और न ही खाकी का सम्मान।
देश IPS जसप्रीत सिंह के साथ है।
डरो मत मोदी जी, कांग्रेस धन की ताकत का नहीं, जन की ताकत का नाम है।
हम तानाशाही के सामने न कभी झुके हैं, न झुकेंगे।
भारत के लोकतंत्र की रक्षा के लिए हर कांग्रेस कार्यकर्ता जी जान से लड़ेगा।
#DemocracyUnderAttack
चुनावी मंच हो या संसद, प्रधानमंत्री का हर भाषण सिर्फ ‘झूठ का अंबार’ होता है।
वह अपने झूठ, अपनी तालियों और अपनी मीडिया के बीच इतने मग्न हो गए हैं कि जनता से जुड़ा हर सवाल उन्हें क्रोधित कर देता है।
क्रोध विकास की नहीं, विनाश की गारंटी है।