आज नई दिल्ली स्थित 10, जनपथ पर इंडियन नेशनल कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता श्रीमती @priyankagandhi से आत्मीय मुलाक़ात हुई।
लगभग 30-40 मिनट तक चली इस सुखद एवं सार्थक मुलाक़ात में राजस्थान से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा हुई।
रक्षाबंधन पर अब बाईजी का दुलार, उनका आशीर्वाद और वह वात्सल्य भरा आँचल बहुत याद आता है। बाईजी हम भाई-बहनों में सबसे बड़ी थीं।
रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर निवास पर पधारे एक आगंतुक बाईजी के साथ मेरी पेंटिंग लेकर आए। यह पेंटिंग जिस तस्वीर से बनी है वह कुछ वर्षों पूर्व के रक्षाबंधन के अवसर की ही तस्वीर थी।
इस भेंट ने बाईजी के साथ बिताए उन आत्मीय पलों की अनगिनत यादें ताज़ा कर दीं।
सभी को पवित्र श्रावण मास के तृतीय सोमवार की हार्दिक शुभकामनाएँ।
भगवान शिव से सभी के उत्तम स्वास्थ्य, समृद्धि और सुख-शांति की कामना करता हूँ। हर हर महादेव!
As India celebrates its Independence Day, I extend my heartfelt greetings to every citizen of our great nation.
Let us carry forward the legacy of our forefathers by strengthening our unity, upholding our democratic values and contributing towards a peaceful, developed and self-
हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष आदरणीय श्री मल्लिकार्जुन खरगे जी के संबोधन के बाद उसी मंच का BJP -RSS के लोगों द्वारा ‘शुद्धिकरण’ किया जाना बेहद शर्मनाक, घृणित और निंदनीय है।
यह BJP-RSS की उस संकीर्ण और भेदभावपूर्ण सोच का प्रदर्शन है, जो आज भी गरीबों, दलितों, पीड़ितों से नफ़रत करती है l एक केवल एक व्यक्ति का नहीं इस देश के गरीबों, दलितों, शोषितों, वंचितों और पीड़ितों का अपमान है l
देश बाबा साहेब के संविधान से चलेगा, BJP-RSS की मानसिकता और सोच से नहीं।
ऐसी ओछी मानसिकता के खिलाफ हमारी लड़ाई सड़क से सदन तक पूरी मजबूती से जारी रहेगी।
निंदनीय
@INCIndia@kharge@INCRajasthan
मेरी मांग है:
हल्द्वानी में जिन लोगों ने स्टेज का शुद्धिकरण किया, उन पर Untouchability Act के तहत केस दर्ज हो और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए।
: कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री @kharge
हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष श्री @kharge जी के भाषण के स्टेज का शुद्धिकरण करना BJP-RSS की गिरी हुई मानसिकता का प्रदर्शन है।
PM मोदी को इसका खंडन कर माफी मांगनी चाहिए।
- कांग्रेस महासचिव एवं सांसद श्रीमती @priyankagandhi जी
दलितों के सबसे बड़े नेता, कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खरगे जी के साथ हल्द्वानी में जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह बेहद शर्मनाक और निंदनीय है।
एक ऐसे व्यक्ति जिन्होंने दंगों में अपना पूरा परिवार खो दिया, मजदूरी करते हुए पढ़ाई की, वकालत की और अपने संघर्ष के दम पर देश की राजनीति में इतना लंबा सफर तय किया, उनके साथ ऐसी हरकत किसी भी सभ्य समाज को स्वीकार नहीं होनी चाहिए।
श्री @kharge जी का जीवन संघर्ष, मेहनत और सामाजिक न्याय की लड़ाई का प्रतीक है। 9 बार विधायक, 2 बार लोकसभा सांसद और 2 बार राज्यसभा सांसद रहे खरगे जी आज कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता हैं। उनके प्रति नफ़रत और अपमान की राजनीति संविधान और लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ़ है।
मंत्री जी कलेक्टर को हटवाना चाहते हैं भजनलाल जी अगली सूची जो आने वाली हैं उसमे कलेक्टर का तबादला अवश्य करे मंत्री साहब की दिल की बात तो यही प्रतीत होती हैं @BhajanlalBjp@RajCMO
डोटासरा ने मेवाराम जैन के लिए कर दी भविष्यवाणी, 4 बार के विधायक
जयपुर में PCC चीफ गोविंदसिंह डोटासरा ने बाड़मेर के पूर्व विधायक मेवाराम जैन को 4 बार का विधायक बता दिया। इस पर कार्यकर्ता बोले ; 3 बार। डोटासरा ने कहा कि "मैं एक बार ज्यादा बता रहा हूं तो आपको कोई दिक्कत है क्या ?
डोटासरा ने कार्यकर्ताओं ने कहा कि आप लोगों ने कांग्रेस के लिए मेहनत की है, आपकी भावना मैं समझता हूं। जो परिस्थितियां निर्मित हुई, उन परिस्थितियों के बाद में पार्टी हाईकमान खड़गे साहब ने, राहुल गांधी जी ने हमारी अभिशंसा पर मेवाराम जी को वापस कांग्रेस ज्वॉइन करवाई। इसलिए, आपको और मेवाराम जी को कभी भी कोई दिक्कत नहीं आएगी।
एक तरफ किरोड़ी लाल जी हजारों लोगों के साथ विश्व आदिवासी दिवस मना रहे हैं, वसुंधरा राजे जी बधाई दे रही हैं, और दूसरी तरफ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ जी इसे नकार रहे हैं, "भेड़चाल" बता रहे हैं।
अगर आदिवासी दिवस मनाना भेड़चाल है, तो मदन राठौड़ जी को आदिवासियों के अपमान पर माफी मांगनी चाहिए।
ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदिवासी दिवस की खिल्ली उड़ाते हैं, तो भाजपा सरकार के मंत्री मदन दिलावर जी आदिवासियों के DNA पर सवाल उठाते हैं। संसद में मोदी सरकार मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक बनाने से इनकार करती हैं।
जिन आदिवासियों ने मानगढ़ की धरती पर देश के लिए शहादत दी, उनके इतिहास और बलिदान का इससे बड़ा अपमान क्या होगा?