CRPF जवान का बेटा पिछले कई महीनों से लापता है। आप सभी से विनम्र अनुरोध है कि इस वीडियो को अधिक से अधिक शेयर करें और देश के हर कोने तक पहुँचाएँ। आपकी एक शेयर किसी परिवार को उसकी सबसे बड़ी खुशी लौटा सकती है।
माँ के पेट से कोई महान पैदा नहीं होता, हमारे काम ही हमें बेहतर इंसान बनाते हैं।
चीन में 1.5 करोड़ बच्चे एक साथ पेपर देते हैं, लेकिन कोई पेपर कभी लीक नहीं होता।
हमारी सरकार बड़ी आबादी का रोना रोती है, जबकि चीन के 'गाओ काओ' एग्जाम में 1.5 करोड़ बच्चे एक साथ बैठते हैं और आज तक कोई गड़बड़ी नहीं हुई।
चीन में शिक्षा मुफ्त है, जबकि हमारे यहाँ बच्चों की पढ़ाई में परिवार कंगाल हो जाते हैं। हमारे यहाँ सरकारों ने शिक्षा को व्यापार की वस्तु बना दिया है।
हम चीन या जापान से सीख क्यों नहीं लेते?
हमारी राजनीति का मूल मानवीय संवेदना पर नहीं, बल्कि बेईमानी पर टिका है। आधे ब्यूरोक्रेट्स, प्रोफेसर्स, डॉक्टर्स और जज तक भाई-भतीजावाद, सिफारिश और भ्रष्टाचार के दम पर बने हुए हैं।
हमारे यहाँ इच्छाशक्ति नहीं, बल्कि नीयत और व्यवहार की कमी है।
जनता भी अश्लील और भोंडे विषयों के पीछे दौड़ लगाती है।
राष्ट्रभक्त वही है जो समाज को उन्नत और पारदर्शी बनाए, बाकी सब चोर और अय्याशी की मानसिकता है।
#Education #IndiaVsChina
ये एक वीडियो मोदी को समझने के लिए काफी है।
अब समझ सकते हैं कि प्रधानमंत्री जैसे पद के लिए उनमें कितनी योग्यताएं हैं या बतौर मुख्यमंत्री भी वे कैसे काम करते रहे होंगे। नौकरशाह उन्हें कैसे मूर्ख बनाते रहे होंगे और वे खुशी-खुशी बनते रहे होंगे।
कमाल ये है कि बंदा बड़ी-बड़ी फेंके जा रहा है। मैं तो स्केन कर लेता हूँ, पढ़ता नहीं हूँ, बगैरा बगैरा।
शायद वे मधु किश्वर को इम्प्रेस करने के लिए नॉन बायोलॉजिकल रूप दिखा रहे थे। या फिर मधु उस समय उनकी भक्त थीं, इसलिए वे झोंक में बोल गए। उन्होंने सोचा नहीं कि बाद में ये इंटरव्यू उनकी फ़ज़ीहत करवा सकता है।
कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए कि भारत गर्त में क्यों जा रहा है, सरकार का हर फ़ैसला क्यों ग़लत साबित हो रहा है।
एक बात इसमें वे जोड़ना भूल गए या फिर मधु किश्वर पूछना भूल गईं कि क्या उनकी पूरी ऊर्जा चुनाव जीतने, सत्ता में बने रहने और हिंदू-मुसलमान करने की तरकीबें लगाने में खर्च होती है।
1 डॉलर = 95.75 रुपये
"ये ऐसे नहीं होता मितरों! मैं शासन में बैठा हूं, मुझे मालूम है। नेताओं का रुपया नहीं गिरता... क्या कारण है हिंदुस्तान का रुपया पतला होता जा रहा है। देश जवाब मांग रहा है।"
“बहुत बड़ा झटका आने वाला है।”
उदय कोटक की साफ़ warning 🔥
2 महीने तक मिडिल ईस्ट युद्ध का असर छुपाया गया,
अब पेट्रोल, गैस और महंगाई जनता पर टूटने वाले हैं।
अब कौन सा बहाना चलेगा?
ईरान? युद्ध?
या फिर वही पुराना “सब चंगा सी”? 😌
#UdayKotak#Economy#Inflation
बड़ा भ्रष्टाचार बेनकाब 🚨
₹30,000 की रिश्वत से शुरू हुई जांच में एक माइनिंग अधिकारी के घर से ₹4 करोड़ से ज़्यादा नकद बरामद हुआ।
ये सिर्फ एक अधिकारी की कहानी नहीं, बल्कि उस सिस्टम का आईना है जहाँ लालच देश को अंदर से खोखला कर रहा है।
भारत के लोगों को समझना होगा —
रिश्वत देकर काम करवाना “जुगाड़” नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार को ताकत देना है।
जब तक जनता खुद रिश्वत देना बंद नहीं करेगी, तब तक ऐसे करोड़ों के खेल चलते रहेंगे।
नमस्ते
आज मैं बड़ी उम्मीद के साथ यह कहना चाहता हूँ कि UPSC को अपनी पूरी ज़िंदगी मत बना दीजिए।
यदि आपकी शैक्षणिक नींव मज़बूत नहीं है, तो पहले खुद को तैयार कीजिए, फिर इस परीक्षा में उतरिए।
हिन्दी माध्यम की वर्तमान स्थिति चिंताजनक है, लेकिन इसका पूरा दोष परीक्षा प्रणाली या UPSC पर डालना उचित नहीं।
पाठ्यक्रम, नियम और अवसर सभी के लिए समान हैं। सच यह है कि हिन्दी माध्यम के अधिकांश उम्मीदवार प्रारम्भिक परीक्षा में ही संघर्ष कर रहे हैं और यह बात आयोग के आँकड़े भी बताते हैं।
प्रारम्भिक परीक्षा में भाषा नहीं, सही विकल्प चुनने की क्षमता मायने रखती है। हाँ, हिन्दी अनुवाद में कठिनाई हो सकती है, लेकिन यह ऐसी बाधा नहीं जिसे मेहनत और सही रणनीति से पार न किया जा सके।
इतिहास, भूगोल,राजव्यवस्था और अर्थव्यवस्था जैसे विषय हमेशा हिन्दी माध्यम की ताकत रहे हैं, पर अपने मज़बूत पक्ष का सही उपयोग न कर पाना सबसे बड़ी कमजोरी बन गया है।
हर असफलता का दोष सिस्टम पर डालने के बजाय आत्ममंथन कीजिए।
और सबसे ज़रूरी कोचिंग संस्थानों की चमक-दमक से दूरी बनाइए, क्योंकि तैयारी अंततः आपको खुद ही करनी है।
#awareness
सुनो बच्चों, NEET का एग्जाम बाद में भी हो सकता है लेकिन तुम्हारे मम्मी-पापा ने जो शेर पाला है वो दोबारा नहीं मिलेगा.
शेर अभी तुम्हारे एग्ज़ाम्स खा रहा है, कल करियर खायेगा और परसों पूरा फ्यूचर खा जाएगा…तो क्या शेर पालना छोड़ दोगे?
ये वीडियो गंगा एक्सप्रेसवे वे के उद्घाटन का है जब पीएम मोदी की सभा में भीड़ दिखाने के लिए करीब 4000 सरकारी बसों को काम पर लगाया गया था
तब इन्हें डीजल पैट्रोल की चिंता नहीं हुई
बनारस में नगर निगम और प्रशासन द्वारा चुन चुन कर यादवों को निशाना बनाया जा रहा है।
जिस जमीन पर यादव लगभग 150 सालों से अधिक समय से रह रहे है उसको सरकारी बताकर तोड़ा जा रहा है। बिहार के बाद आप यूपी के यादव निशाने पर है।
युवक चिल्ला चिल्ला कर कह रहा है 7 पीढ़ी से अधिक समय से यहां रह रहे हैं क्यों अन्याय हो रहा है हमारे साथ यादव है इसलिए?