हालिया आतंकी हमलों ओर ब्लास्ट के बाद भी आप अगर कठमुल्लों से भाईचारे ओर देशप्रेम की अपेक्षा "भटके हुए नौजवान" व "शिक्षा से बदलाव" जैसे शब्दों को सुनकर करते है तो
आप या तो नेता है या आप को गांd मरवाने की आदत है, इसे सेक्युलरिज्म, टॉलरेंस, या लिबरलिज्म जैसे फेंसी नाम दे सकते है