वो पहली-सी अब दिल में चाहत नहीं रही,
तेरे बिना भी जीने की आदत नहीं रही।
जो बात तेरी आँखों में पढ़ लेते थे कभी,
अब आँखों में वो पहले-सी शरारत नहीं रही।
हमने भी छोड़ दी है तेरा इंतज़ार अब,
दिल में किसी के लौटने की हसरत नहीं रही।
@SunnyShreegaud#बज़्म
तेरी एक झलक ने दिल में उजाला कर दिया,
सूने से हर ख़्वाब को फिर से हरा कर दिया।
पल भर का साथ था, मगर ऐसा असर हुआ,
बीते हुए लम्हों को भी फिर से जगा दिया।
अब हर दुआ में बस तेरा ही नाम है,
एक झलक ने ज़िंदगी का रंग बदल दिया।
@SunnyShreegaud#बज़्म
लत ऐसी लगाई तुमने अपने हर ख्वाइश को सुला दिया,
तुम्हारी आंखों के मयखाने में अपने गम को भुला लिया,!
शिकवा क्या मैं करूं जिन्दगी से आखिरी चाहत हो तुम,
मेरा हाथ पकड़ लो तब मैं समझूंगा तुमनें भी वफ़ा किया,!
@SunnyShreegaud#बज़्म
पतझड़ ने फिर शाख़ का श्रृंगार ले लिया,
मौसम ने हँसते फूलों का प्यार ले लिया।
गिरते हुए पत्तों ने इतना सिखा दिया,
हर हार ने जीने का अधिकार ले लिया।
सूनी-सी राह में भी उम्मीद चल पड़ी,
बसंत ने दिल में फिर से घर कर लिया।
@SunnyShreegaud#बज़्म