झूठे वाले, जुल्मों की बारात निकालकर संविदा कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया।
कैसा था नियमितीकरण का वादा, कैसे निभा रहे हो। नियमितीकरण संग धोखा की बात याद आ रही हैं।।
वादों की बारात के साथ संविदा कर्मचारियों के सरकार को अन्तिम चेतावनी देते हुए नियमितीकरण का वादा याद दिलाया।।
@bhupeshbaghel Sambida Karamchariyon ke liye kya kiya Rahul ji Aapki sarkar ne.
Wada to Aapne Regular kr e ka kiya tha.
Kya hua tera wada o Kasam o irada???
🚨#BREAKINGNEWS
छत्तीसगढ़ संविदाकर्मियों ने निकली वादों की बारात'
“कहा 2018 के घोषणापत्र में किया वादा पूरा किया जाए। इस बार अगर सरकार अपना वादा पूरा नहीं करती तो 2023 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा”👇
छत्तीसगढ़ में सभी कांग्रेसी संविदा के विषय में मौन????
अन्य राज्यों में जाकर कहतें हैं संविदा नीति एक अभिसाप हैं।
अब हमें बताएं हमारे साथ कौन ??
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की पूर्ण बहुमत की कांग्रेस यदि संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण नहीं कर सकती तो कांग्रेस पर अन्य राज्यों के संविदा कर्मचारी कैसे भरोसा करेंगे ??
जब घोषणा पत्र ही झूठा निकलेगा, तो कौन आपके घोषणा पत्र पर भरोसा करें।
कांग्रेस कैसे बोलेगी भरोसे की सरकार???
बिजली कंपनी में कार्यरत कर्मियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का फायदा मिलेगा। कर्मचारी जारी हेल्थ कार्ड के जरिए इंपैनल हॉस्पिटल्स में इलाज करा पाएंगे। एक अक्टूबर से स्कीम का मिलेगा लाभ।
#CSPDCL#morbijliapp#healthcare#healthcard
यदि छत्तीसगढ़ राज्य सरकार को संविदा कर्मचारीयों के नीयमितिकरण करने में दिक्कत है तो हमसे सलाह मश्वरा ले सकते हैं। हम नीयमितिकरण के लिए एक से बढ़कर एक सलाह देंगे जिससे सरकार को किसी प्रकार की कोई वित्तीय समस्या नहीं आयेगी और सब संविदा कर्मचारीयों का नीयमितिकरण भी हो जायेगा।
अपने जन घोषणा पत्र में अनियमित और संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण का वादा कर सत्ता में आई कांग्रेस द्वारा की गई वादाख़िलाफ़ी के कारण अब संविदा कर्मचारी विरोध में अपने खून से पत्र लिख रहे हैं।
शायद इस असंवेदनशील, अकर्मण्य और अराजक सरकार के कानों में जूं रेंगे।
शासन के समस्त योजनाओं का सही रूप से क्रियान्वयन सिर्फ संविदा कर्मचारी ही करते हैं लेकिन श्रेय मिलता है नियमित कर्मचारी को
कांग्रेस ने जो घोषणा पत्र में वादा किया था, वही मांग संविदा कर्मचारी कर रहें है..
हड़ताल आगे भी जारी रहेगा,@INCChhattisgarh@bhupeshbaghel@TS_SinghDeo
शासन के समस्त योजनाओं का सही रूप से क्रियान्वयन सिर्फ संविदा कर्मचारी ही करते हैं लेकिन श्रेय मिलता है नियमित कर्मचारी को
कांग्रेस ने जो घोषणा पत्र में वादा किया था, वही मांग संविदा कर्मचारी कर रहें है..
हड़ताल आगे भी जारी रहेगा,@INCChhattisgarh@bhupeshbaghel@TS_SinghDeo
अनियमित कर्मचारियों के लगातार संघर्ष का परिणाम है।जो कि पिछले विधानसभा सत्र के अंतिम दिन शुरुआती 11:00 बजे से लगातार 40 मिनट हमारे मुद्दे पर "अविश्वास प्रस्ताव" लाया गया था।
इस बार विधानसभा सत्र के पहले ही दिन "स्थगन प्रस्ताव" आया है।
सभी साथियों को बहुत-बहुत बधाई संघर्ष जारी है।
@GadpaleRavi अनियमित कर्मचारियों के लगातार संघर्ष का परिणाम है।जो कि पिछले विधानसभा सत्र के अंतिम दिन शुरुआती 11:00 बजे से लगातार 40 मिनट हमारे मुद्दे पर "अविश्वास प्रस्ताव" लाया गया था।
इस बार विधानसभा सत्र के पहले ही दिन "स्थगन प्रस्ताव" आया है।
सभी साथियों को बहुत-बहुत बधाई संघर्ष जारी है।