@Ramakan24035578@ChandanSharmaG तो तुम क्या कहना चाहते हो
1971 में भारत के पास खोने के लिये
कुछ नहीं था।
उस समय पूरा विश्व(रूस को छोड़ कर ) पाकिस्तान के साथ था ।
फिर भी इन्दिरा गांधी को कोई फर्क नहीं पड़ा ।
वो सच में iron lady थी।
और उन्होंने पाकिस्तान का दो टुकड़ों में विभाजित किया।
युवाओ की अनदेखी हुई और अब
एक पत्रकार जिसने कभी युवाओ की मांगों और उनके साथ हुए अन्याय के खिलाफ आवाज नही की जो स्वयं नोट में नैनो चिप की नाजायज खोज में महानता ढूंढते रहे आज युवाओ की मेहनत और उनकी skills पर बात कर रहे हैं
बात क्यो नही करते भर्तियों में धांधली,सरकार की विफलताओ पर?