@ansarimransr अच्छा जी रमजान में भी गटर में ही रहना है ।
पहले सोचो फिर बोलो यह है असली सरकार त्यौहार पर सफ़ाई करवा रही है , वरना कई देशों में सफ़ाई तो दूर जीना ही मुश्किल है । यही असली भारत है धर्म निरपेक्ष ।
@Aloksharmaaicc मत रो लूटे पिटे कांग्रेसियों, जनता सब भूल जाती है , एक बार पहले भी एक प्रधान मन्त्री का भयानक अपमान हुआ था मरणोपरांत, नाम याद न हो तो सुनो वे थे पी वी नरसिंहराव ।
@ShivamYadavjii सही कहा , चोरी ही तो हो रही थी , कम लोग होते तो शहीद कर लेते इतनी फोर्स से फटती है ।
ऐसा बिल्कुल ग़लत है
ताना शाही है
सरासर क़ानून का ग़लत इस्त���माल है , धर्म विशेष को चोरी का पूरा हक़ है आख़िर शरीयत मानते हैं ना ।
अपराध हेतु BNS बस ।
@JaikyYadav16 गुकेश ने कहा है कि वह पैसों के लिये नहीं खेलता, खेल उसको आनंदित करता है ।
तो हम आधी रोटी में दाल क्यों खा रहे हैं ।
सरकारी नियम अगर टैक्स काटने का है तो क्या ग़लत है ।
गुकेश ने पैसों के लिए कोई मेहनत नहीं की , खेलने मात्र हेतु की और जीता यही असली विजेता की पहचान है , पैसा नहीं ।
@kunal492001 वैसे तो अंग्रेजों के अंतरंग दोस्त ही तो हमारे “ बापू “ और शासक बने ।
वो क्या रहा होगा , कल्पना करें तो घिन आने लगेगी इन लोगों से।
इसके सामने अंग्रेजों का विरोध कर लड़ने वाला मांफ़ी माँग बाहर आता फिर विरोध करता शायद यही सिलसिला आपकी नज़र में “ देश द्रोह “ है । चरित्र किसका ख़राब ?
@nehafolksinger इनके अंडरवियर या पीठ पर तो लिखा नहीं कुछ भी तो कैसे पता लगा कि ये मजदूर और दलित हैं ?
लगता है ये ब्राह्मण हैं , कुछ ग़लत किया है तो पिट रहे हैं ।
वैसे मानसिकता अगर विरोध की हो तो स�� ठीक है ।
@NazneenAkhtar23 ख़्वाजा का प्रकोप लगता है यह , है ना !
ख़्वाजा ने उन बलात्कारियों को कभी भी कुछ कष्ट नहीं दिया जो क़ानून ��े बच निकलते रहे ,
क्या वह उनके सिद्धांतों के अनुसार के कृत्य थे ।