Know your Cabinet Ministers, @nishikant_dubey 👇
The real face of vindictive, blackmailer ministers.
Former Finance Secretary Subhash Garg called Nishikant Dubey a blackmailer; rattled by the revelation, Nishikant said he would file a defamation suit.
#Deoghar
देश का चुनाव आयोग तीन लोगों से मिलकर बनता है और ये तीनों मिलकर फैसले लेते हैं.
लेकिन इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक 👇🏼
• 10 महीनों तक चुनाव आयुक्त-
सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी- लिखित में बताते रहे कि कई फैसले उनकी जानकारी के बगैर लिए गए
• उन्होंने कुल 14 आपत्तियां दर्ज कराईं
• इनमें से चार आपत्तियां तो एक ही दिन में दर्ज कराईं गईं
• संधू और जोशी ने तो फॉर्म 6 में किए गए बदलावों को गैरकानूनी तक बताया और कहा इन फैसलों के बारे में उन्होंने सहमति नहीं दी- उसके बावजूद बदलाव हुए
• SIR और अन्य प्रक्रियाओं में मनमानी के चलते मामला यहाँ तक पहुंच गया कि चुनाव आयुक्तों ने कैबिनेट सेक्रेटरी तक को शिकायत की
The Election Commission of India is under fire like never before.
The SIR has struck 13 crore names off draft rolls, putting the EC at the centre of intense public debate over its role in deciding who gets to vote — and who doesn’t.
HOWEVER, what nobody knew: through that same period, some of the sharpest questions were being asked from inside.
Out today, after months of work. Our #ExpressInvestigation 🧵
(1/10)
कांग्रेस और सपा के सोशल मीडिया वाइकिंग वॉरियर्स एक बार फिर आमने सामने आ कर वाइकिंग रो कर रहे हैं नॉर्वे की फुटबॉल टीम की तरह। तो सोचा पुराना थ्रेड फिर से याद दिला दूं इमरान मसूदी टाइप बयानों पर हस्तक्षेप के साथ।
कांग्रेस और सपा के बीच गठबंधन होना ही है क्योंकि उसका फैसला राहुल गांधी और अखिलेश यादव को करना है। रही बात इमरान मसूद की तो वो खुद 2014 और 2019 का चुनाव हारे बैठे थे, गठबंधन न होता तो 2024भी हारते, 2014 से पहले बड़बोले बयान से भाजपा को फायदा पहुंचा चुके हैं, इस समय भी वैसी ही बातें बोल रहे जो भाजपा को फायदा पहुंचाने वाली हैं। जिसकी बाइट लेने ANI खड़ा रहता हो रोज उसकी बातें किसे फायदा पहुंचा रही होंगी ये समझना कोई रॉकेट साइंस नहीं।
इमरान मसूद कांग्रेस की समस्या हैं, अभी असम में भी जलवा दिखा कर आए हैं, ऐसी बहुत सी समस्याएं हैं कांग्रेस में और उन समस्याओं के संरक्षक भी। सभी समस्याओं के लिए राहुल गांधी को कोसना अपरिपक्वता है। कांग्रेस पार्टी अपने आप में एक ऐसा चक्रव्यूह है जिसके हर द्वार पर कोई स्वार्थी बैठा है जिसे अपनी पार्टी के हितों से ही कोई लेना देना नहीं।
गठबंधन इसलिए होगा क्योंकि अखिलेश यादव और राहुल गांधी के बीच कोई दीवार नहीं है और दोनों का दिल बड़ा है। दोनों नेता जानते हैं कि अलग अलग लड़ेंगे तो फायदा भाजपा का होगा। इसलिए समर्थकों का आपस में झगड़ना बेमतलब की कवायद है। बाकी के लिए ये थ्रेड पढ़ें👇
@awesh29 अगर आप इतने ही बड़े कांग्रेसी सपोर्टर हैं तो लिखिया की कैसे कांग्रेस और समाजवादी पार्टी मिलकर चुनाव लड़े की उत्तरप्रदेश में सरकार आ जाए ।
लेकिन मुझे लगता है कि आप चाहते ही नहीं हो कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की सरकार बने
आप तो लड़ाई लगाते रहते हो
@awesh29 और आप मुझे बहुत बड़े वाले मर्ख लगाते हैं।
आपका प्रतिदिन एक पोस्ट समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को लेकर रहता है । जिसमें समाजवादी पार्टी को नीचा दिखाया जाता हैं।
@awesh29 और रही बात आपकी तो, आप तो कांग्रेसी की सरकार मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ में भी बनवा रहे थे क्या हुआ।
अगर आपको इतना ही चिंता है कांग्रेस की तो छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में कांग्रेस को अपना प्रदर्शन कैसे अच्छा किया जाए उसपे सोचना चाहिए।न की यहाँ उत्तरप्रदेश में
@awesh29 मुझे नहीं लगता कि आपको राजनीतिक समझ है।
लाेकसभा और विधानसभा के चुनाव में जनता अलग अलग वोट करती है।
उत्तरप्रदेश में समाजवादी पार्टी मज़बूत हैं। और लाेग यहाँ समाजवादी पार्टी को ही वोट करेंगे न की कांग्रेस को ।
अगर आपको लगता है कि कांग्रेस मजबूत है तो अकेले लड़ के देख ले