मध्यप्रदेश में 2 लाख की घूस में आंगनबाड़ी की नौकरी:मेरिट टॉपर ने नहीं दिए रुपए,अफसर ने दूसरे को दे दी नियुक्ति;DPO कैमरे में कैद।
MP भ्रष्टाचार के रोज़ नए कीर्तिमान गढ़ रहा है।
Gudda Guddi नेहा बोरा Khel Band Karo #शिवजी_की_सत_साधना_करो#GalaxyF70Pro5G
भारत में संविधान और आरक्षण की व्यवस्था पर पहला बड़ा संकट 1951 के चंपकम दुरैराजन केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले से उभरा।
इसके बाद, चाहे वह जमींदारी उन्मूलन, इंदिरा साहनी केस, नागराज, क्रीमी लेयर, प्रमोशन में आरक्षण, एससी-एसटी एक्ट, बेसिक स्ट्रक्चर सिद्धांत, कोलेजियम सिस्टम, नीट, या सीबीआई प्रमुख की नियुक्ति हो
प्रमुख मुद्दों पर कोर्ट के फैसलों ने संविधान और आरक्षण के ढांचे को बार-बार प्रभावित किया है।
हमें राजनीतिक दलों की सरकारों को दोष देने की बजाय असल चुनौती को पहचानना होगा।
न्यायपालिका के सामने सरकारें इतनी कमजोर और असहाय हो चुकी हैं कि उनकी स्थिति चिंताजनक है।
विश्व के किसी अन्य देश में ऐसा नहीं देखा जाता कि जज स्वयं जजों की नियुक्ति करें।
यह व्यवस्था लोकतांत्रिक संतुलन पर सवाल उठाती है। एक मजबूत और संतुलित संवैधानिक ढांचे के लिए कॉलेजियम सिस्टम को खत्म करना ही देशहित में होगा
साथ ही न्यायपालिका में आरक्षण लागू हो और जज परीक्षा से चुने जाए।
#AbolishCollegium
आज मैं आपसे दर्द, डाटा और दौलत की बात करने आया हूं।
हिंदुस्तान में 40 करोड़ युवा हैं, जो इस देश की ताकत हैं। इसलिए 21वीं सदी में देश दो चीजों के कारण आगे बढ़ सकता है 👇
1. युवाओं की ताकत
2. युवाओं का डाटा
युवा + डाटा = 21वीं सदी की इकॉनमी
• आपके डाटा के बिना AI का कोई मतलब नहीं है
• डाटा से AI बनाया जा सकता है, लेकिन AI से डाटा नहीं बनाया जा सकता
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
📍 प्रयागराज, यूपी
#ChhatronKiGoonj
भारत में उच्च न्यायपालिका जातिवादियों का गिरोह बन चुकी हैं. वहां आरक्षण लागू होना चाहिए. कोलेजियम सिस्टम खत्म हो. कंपिटिशन एक्जाम से जज चुने जाएं.
कोलेजियम सिस्टम देश के लिए कैंसर है, इसे खत्म करना ही देशहित में है।
#AbolishCollegium
दलित वर्ग से आने पूरन कुमार वेल एजुकेटेड थे, IPS थे, पैसा था, प्रॉपर्टी थी फ़िर भी उनके साथ जातिवाद हुआ और उन्होंने सुसाइड कर लिया,
तो मनु की औलादों तुम्हारा वो कॉन्सेप्ट ही ख़त्म हो जाता है जिसमें तुम कहते हो, IAS IPS और अमीर दलितों के साथ जातिवाद नहीं होता,
आरक्षण का आधार जाति व्यवस्था आधारित सामाजिक भेदभाव है,
EWS आरक्षण असंवैधानिक है, पूरी दुनिया में गरीबी के आधार पर कोई आरक्षण नहीं मिलता, लेकिन भारत में इसे लागू किया गया ताकि बामन बनिया सुवर्ण समुदाय नाराज़ ना हो जाए ।
क्षत्रिय समाज से आने वाली नेहा बोरा
पर स्याही फेंकने वाले व्यक्ति का नाम ब्राह्मण अमरनाथ पांडेय है.....
मेरे आज दिन तक समझ में नहीं आया कि क्षत्रिय समाज के लोग अपनी बहन बेटियों के अपमान पर भी ब्राह्मण समाज के खिलाफ एक शब्द तक क्या नहीं बोलते हैं।
इस पर रिसर्च होनी चाहिए।
EWS रिज़र्वेशन – भारत के इतिहास का सबसे बड़ा स्कैम। 😡
इंडियन एक्सप्रेस ने UPSC 2025 EWS कोटे का पूरी तरह से पर्दाफ़ाश किया है।
यह रिज़र्वेशन गरीबों के नाम पर खास अधिकार वाले ऊंची जातियों के लोगों को टॉप पोस्ट दिलाने का सबसे बड़ा स्कैम है।
असलियत देखिए:
★ EWS कोटे से 104 कैंडिडेट IAS/IPS बने
★ 67 ने ₹2.65 लाख की फीस वाले लग्ज़री कोचिंग इंस्टिट्यूट में पढ़ाई की
★ 46 ने महंगे प्राइवेट स्कूलों (₹45,000 से ₹1.5 लाख सालाना) में पढ़ाई की
★ 28 के पिता बिज़नेसमैन हैं
★ 14 IITian हैं, और कई DU-JNU के खास अधिकार वाले स्टूडेंट हैं
★ 10 पहले MNCs में ज़्यादा सैलरी वाली नौकरियों में काम कर रहे थे
EWS रिज़र्वेशन तुरंत बंद होना चाहिए; यही देश के हित में है।
मिर्ज़ापुर रेलवे स्टेशन पर एक CRPF जवान को बुरी तरह मारा गया ।
अब कोई “वर्दी के सम्मान” के बारे में कुछ नहीं बोलेगा ।
देश में ग़ज़ब गुंडागर्दी और दोगलापन चल रहा है !