बड़ी ख़बर
ब्रेंट क्रूड की क़ीमत $100 प्रति बैरल के निशान से नीचे आ गई है।
आज सुबह ब्रेंट क्रूड अब $98.27 प्रति बैरल पर आ गयी।
दूसरी तरफ़ भारत में तेल कंपनियाँ पेट्रोल डीज़ल के क़ीमत बढ़ाती चली जा रही है! देश में कोई सरकार है कि इसे रोके?
क्या सभी शिक्षक संघ एक साथ मिलकर #ग्रीष्मकालीन_अवकाश कटौती का विरोध करे तो भी कुछ नहीं होगा क्या ?
सभी शिक्षक संघों की मंशा अगर शिक्षक हित है तो एक साथ इस मुद्दे पर अवश्य ध्यान देवे।सभी शिक्षक भी साथ देवे, चाहे रीट्वीट से ही सही।
@Dadarwal7@PRESIDENTBKN2@DrRamprakashSa9
नाम नहीं लूंगा, आप लोग गूगल कर लेना।
ज्यादा पुरानी बात नहीं है-एक युवा राज्यसभा सांसद आम लोगों के मुद्दे उठाने के लिए जाने जाते थे। एयरपोर्ट पर समोसे की कीमत तक को लेकर फिक्रमंद रहते थे।
Gen Z जनता उनसे इंस्टाग्राम पर खूब जुड़ी हुई है।
लेकिन अभी NEET पेपर लीक, जो Gen Z का इतना बड़ा मुद्दा है, उस पर न जाने क्यों चुप हैं। पता नहीं क्या वजह है। उन्हें पता तो होगा ही कि पेपर लीक हो गया है।
वित्त मंत्री से महंगाई नहीं संभल रही,
गृह मंत्री से मणिपुर नहीं संभल रहा…
शिक्षा मंत्री से पेपर लीक नहीं संभला,
पर्यावरण मंत्री से प्रदूषण नहीं संभला…
रेल मंत्री से रेल हादसे नहीं संभलते,
कृषि मंत्री से किसानों की समस्या नहीं संभलती…
स्वास्थ्य मंत्री से अस्पताल नहीं संभलते,
खाद्य विभाग से मिलावट नहीं संभल रही…
और फिर कहा जाता है
देश सही हाथों में है…
#neet2026
प्रधानमंत्री ने विदेशी मुद्रा बचाने और आर्थिक स्थिति को संतुलित करने के लिए देशवासियों से ये 7 अपील की हैं-
>जहां संभव हो, Work From Home को प्राथमिकता दें
>एक साल तक सोना खरीदने से बचें
>पेट्रोल और डीजल की खपत कम करें, मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें
>खाने के तेल के इस्तेमाल में कटौती करें
>रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करें और प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ें
>विदेशी ब्रांडेड उत्पादों का कम इस्तेमाल करें और स्वदेशी अपनाएं
>एक साल तक विदेश यात्रा से बचें
आप देखेंगे कि करीब एक-डेढ़ महीना पहले, युद्ध के शुरुआती दिनों में ही ऑस्ट्रेलिया, यूके और अन्य विकसित देशों के राष्ट्रप्रमुख अपने-अपने देश के नाम संबोधन करके इस तरह की अपील कर चुके हैं।
जिस तरह के वैश्विक हालात बने हुए हैं, यह स्वाभाविक भी है। लेकिन अपने देश में यह अपील एक-डेढ़ महीना पहले इसलिए नहीं हुई क्योंकि पांच राज्यों के चुनाव चल रहे थे।
public health emergency ALERT MODE ON :
मिलावटी दूध, नकली मसाले, जहरीला तेल, केमिकल वाले फल…
आए दिन ऐसी खबरें आँखों के सामने आती हैं।
धीरे-धीरे ज़हर खिलाकर लोगों की सेहत बर्बाद करना
पूरी पीढ़ियों के साथ अपराध है।
क्या व्यापारिक लाभ लोगों की ज़िंदगियों से ऊपर हो गया है?
सड़क पर हेलमेट न पहनें तो तुरंत ऑनलाइन चालान आ जाएगा,
लेकिन लोगों की थाली में ज़हर मिलाने वाले आज भी निडर घूम रहे हैं…
क्योंकि हमारे देश में खाने में मिलावट को आज भी उतना गंभीर अपराध नहीं माना जा रहा, जितना माना जाना चाहिए। @JPNadda
आजकल की सरकारें, जनता से fine वसूलने में बहुत तेज हो रही। सारा सिस्टम लगाकर आपसे फाइन समय से लिया जाएगा। पुलिस गलती से 10 हजार का चालान करेगी, अब आपको 5 हजार भरना ही होगा, भले आप कोर्ट में चैलेंज करें... बढ़िया है।
लेकिन जनता के लिए सर्विस की बारी आती है, तब मुख्यमंत्री, मंत्री, अफसर किसी पर कोई फाइन नहीं। दिल्ली के घर में जहरीला काला पानी आ जाए तब कोई फाइन नहीं। 45 महीने में भी दिल्ली की हवा साफ नहीं होगी, कोई फाइन नहीं होगा।
फायर ट्रक और एंबुलेंस आधे घंटे में भी ना पहुंच पाए तब भी कोई फाइन नहीं। सड़क के गड्ढे 4 महीने में भी ठीक ना हो तब भी कोई फाइन नहीं।
शिक्षकों को छुट्टियां होने पर मानसिक रूप से स्वस्थ रहने में मदद मिलती है जो कि बच्चों को अच्छी शिक्षा प्रदान करने के लिए जरूरी है
शिक्षामंत्री को हठधर्मिता छोड़कर सकारात्मक पहल के साथ ग्रीष्मावकाश पूर्ववत रखने के आदेश जारी करवाने चाहिए।
@madandilawar@BJP4Rajasthan
आदरणीय मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी
राजकीय महाविद्यालयों में ग्रीष्मावकाश 1 मई से 30 जून तक रहेगा।
और स्कूलों में
17.05 से 20.06 तक
क्या छोटे बच्चों पर गर्मी और लू का असर कम होता है?
ऐसे निर्णय आपके शासन में क्या उचित है?
पुर्नविचार करें।
@madandilawar@RajCMO@GovindDotasra
✅ #वायरल_पोस्ट
🌡️🔥जोधपुर में मासूम बच्चों पर भी नजर इनायत करो सरकार!
गर्मी की छुट्टियों को लेकर बड़ा विरोधाभास!
राजकीय कॉलेजों में 1 मई से ही ग्रीष्मावकाश घोषित कर दिया गया, लेकिन स्कूलों में बच्चे 16 मई तक नियमित कक्षाओं में मजबूर। स्कूलों की छुट्टियाँ 17 मई से 20 जून तक, जबकि कॉलेज 30 जून तक बंद।
मौसम विभाग पहले ही मई में 45 डिग्री तापमान की चेतावनी दे चुका है। बड़े विद्यार्थियों को राहत मिल गई, तो मासूम बच्चों को क्यों वंचित रखा जा रहा है?
अभिभावक परेशान, बच्चे गर्मी में तप रहे हैं।
सरकार ध्यान दो! छोटे बच्चों की सेहत भी महत्वपूर्ण है।
#Jodhpur #Rajasthan #SummerVacation #SchoolChildren #GarmiKiChhutti #EducationDepartment #RajasthanGovt
@RajasthanGovt@BhajanLalSharma @DrPremchandBairwa (शिक्षा मंत्री) @MoE_Rajasthan @i_dimplesharma @JodhpurCollector @DIPRJodhpur @rajasthanroyals@pantlp@news18rajasthan@aajtak@ABPNews@satyapalmeena @CollectorJodhpur @me_moharsingh@GajrajSingh9086
#Jodhpur: मासूम बच्चों पर भी नजरें इनायत करो "सरकार" !
गर्मियों की छुट्टियों को लेकर विरोधाभास की स्थिति आ रही नजर, राजकीय कॉलेजों में 1 मई से ही ग्रीष्मावकाश कर...
#RajasthanWithFirstIndia@RajGovOfficial
20 जून से 30 जून के बीच अत्यधिक तापमान, हीटवेव में ऐसा कौनसा गुणवत्तापूर्ण शिक्षण है जो आज से पहले नहीं होता था।
शिक्षण बहुत ही संवेदनशील विषय है और मानसिक रूप से एकदम सुदृढ़ व ऊर्जा के साथ शिक्षण हो तो ज्यादा उचित है, ग्रीष्मावकाश में कटौती उचित नहीं।
@BhajanlalBjp@svoruganti1466
RGHS का नाम सुनकर कर्मचारियों में भरोसा होना चाहिए, न कि निराशा।
महीने-महीने कटौती तो होती है, लेकिन इलाज की गारंटी कहाँ?
अपना हक मांगना कर्मचारियों का अधिकार है।
महोदय, RGHS व्यवस्था को और प्रभावी व मजबूत बनाने की कृपा करें।
#RGHS_कर्मचारियों_का_हक@RajCMO@BhajanlalBjp@JATbera1@ManishKala147
सैलरी से हर माह कटौती, लेकिन बीमारी में दौड़-दौड़ कर अस्पताल!
यह कहाँ की न्याय है? RGHS सिर्फ कागजों पर नहीं, हकीकत में भी काम करना चाहिए।
कर्मचारी अपने हक की आवाज उठा रहे हैं।
RGHS को मजबूत कीजिए।
#RGHS_कर्मचारियों_का_हक@RajCMO@BhajanlalBjp
जो योजना सरकारी कर्मचारियों के लिए " रामबाण और सुरक्षा कवच" का कार्य करती है उस योजना में अनियमितता अच्छी बात नहीं है..!!
सरकार से हाथ जोड़कर विनती 🙏
#RGHS_कर्मचारियों_का_हक
नौकरी लगने पर सबसे बड़ा सहारा RGHS ही है, हर व्यक्ति यही सोचता है कि बीमारी में घर धुपता है कम से कम अब अस्पताल में तो महीने के हजार रुपए की कटौती से सुरक्षित रहेंगे।
#RGHS_कर्मचारियों_का_हक