जितनी मेहनत से फोटो को पुराना साबित किया जा रहा है, अगर उसके 1% से भी इनकी नीचता और कुकर्म के ख़िलाफ़ बोल दिया जाता तो महिला समाज पर बहुत बड़ी कृपा होती…पर कुछ लोगों को महिलाओं की सुरक्षा से दरअसल कोई लेना-देना नहीं है.
@AshwiniVaishnaw लेकिन आप रेल मंत्रालय के सारथि पद से इस्तीफा दे दीजिए।
कल बिजनौर में ट्रेन दो हिस्सों में बंटे थे और आज बिहार के गया में डिब्बे पटरी से उतर गए।
कब तक खिलवाड़ करेंगे यात्रियों के साथ?
#BENGALHORROR
Doctors Strike Continues on 15 Aug!
First Time Doctors in the country will go on strike on #Independence Day!
If you don't get safety at the workplace, where will you get it?
How can anyone send their sister in Night Duty ?
Stand for her 🙏
#JusticeForMoumita
BSNL को मजबूत करने का काम हंसराज मीणा का नहीं नरेंद्र मोदी का था। लेकिन टेलीकॉम कंपनियों द्वारा बढ़ाई गई रीचार्ज दरों के माध्यम से 35 हजार करोड़ की लुट से देश को बचाने के लिए मुझे आगे आना पड़ा। JIO के बहिष्कार से अधिक BSNL को मजबूत बनाना है ताकि लूट का रास्ता बंद हो। #BoycottJio
भाई भाई भाई,
पत्रकार ने तो विजय सिन्हा नंगा कर दिया, बिहार के उप मुख्यमंत्री बकैती कर रहा था, भाग गया। NEET पेपर लीक में तेजस्वी यादव का नाम ले रहा था, मीडिया ने मुँह बंद करा दिया।
देश जाग रहा है, झूठो का खैर नहीं।
अरे झूठा आदमी भाग गया। इसकी आपस बुलाओ…आपस बुलाओ..आपस
#NEET #NEET_परीक्षा #NTA_ही_अपराधी
●पेपर लीक: शिक्षा मंत्री की कोई जवाबदेही नहीं।
●रेलवे दुर्घटना: रेल मंत्री की कोई जवाबदेही नहीं।
●महंगाई बढ़ी: वित्त मंत्री की कोई जवाबदेही नहीं।
सवाल है, इन्हें फिर से मंत्री क्यों बनाया गया हैं?
#अश्विनी_वैष्णव_इस्तीफा_दो
1.रेलवे का बजट घाटे मे है
2. यात्री टॉयलेट मे सफऱ करने को मजबूर है
3. रेल दुर्घटनाए रोक नहीं पा रहे
4. रेलवे मे नौकरी आप दे नहीं रहे
तो काहे रेलवे की छाती पर नाग बनके बैठे हो ताऊ? रेलवे पे तरस खाइये और इस्तीफा देकर कही पोथी पत्री देखने का धंधा करिये
#अश्विनी_वैष्णव_इस्तीफा_दो
मोदी सरकार-2,3 कार्यकाल में नई रेलवे भर्ती और पद:-
●ग्रुप डी- 0
●स्टेशन मास्टर- 0
●क्लर्क- 0
●टीसी- 0
●SSE-0
●RRB JE- 0
●IRMS- 0
●गुड्स गार्ड- 0
रेलवे में 5 साल से कोई नई बड़ी भर्ती नहीं आई। वह भी तब जब रेलवे में 3 लाख से अधिक पद खाली है।
#अश्विनी_वैष्णव_इस्तीफा_दो
Many in our shipping industry are uncomfortable with seafarers raising their voices on open platforms like X.
Believe me, keep raising your concerns here. Everyone is reading them, whether they like it or not, and sometimes actions are being taken or future plans are being made based on your input.