@RahulGandhi@Ad_Tel_210168 At this point, it’s not prediction anymore; he speaks, Modi delivers the proof.
What is dismissed as political exaggeration today often becomes institutional reality tomorrow. Rahul’s warnings on Modi have aged far better than the best French Reds!
लगता नहीं कि सुप्रीम कोर्ट की हैसियत बची है कि वो मीनाक्षी नटराजन के मामले में समय पर न्याय कर देती।
समय पर छोड़िए, संकेत ऐसे हैं कि न्याय कर सकने की भी ताकत नहीं बची है।
वो बस कार्टूनिस्टों को ये ज्ञान देने लायक बचा है कि कैसे कार्टून बनाये जाने चाहिए और कैसे नहीं।
@virsanghvi@ThePrintIndia I completely agree, also I think TMC joining congress is more a PMO agenda being run by Godi Media - if they join they will lose party, symbol n funds to the rebel group immediately
@Saurabh_MLAgk@aa3132@BJP4India governments were waiting to get into power before they could start working, til then they purposely didn’t do anything to clean rivers!!
इतिहास को तोड़ने-मरोड़ने से सच्चाई नहीं बदलती।
भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू थे। सबसे लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री रहने वाले भी वही थे। श्रीमती इंदिरा गांधी दूसरे सबसे लंबे कार्यकाल वाली प्रधानमंत्री रहीं। अब भाजपा को यह साबित करने के लिए नया और हास्यास्पद वर्ग बनाना पड़ रहा है कि “स्वतंत्र भारत के आम चुनावों के बाद सबसे लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री” कौन है!
ज़रा देश को यह भी याद दिलाइए —
सरदार वल्लभभाई पटेल किसके मंत्रिमंडल में उपप्रधानमंत्री थे?
बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर किसके मंत्रिमंडल में कानून मंत्री थे?
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी तक किसके मंत्रिमंडल में मंत्री रहे थे?
12 वर्षों में मोदी सरकार ने केवल नारेबाज़ी के अलावा कुछ नहीं किया, और देश की जनता को महँगाई, बेरोज़गारी और भ्रष्टाचार के जाल में फँसा के रखा।
₹15 लाख, 2 करोड़ नौकरियाँ हर साल, किसानों की आय दोगुनी, 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था, मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, डिजिटल इंडिया, बुलेट ट्रेन 2023 तक, स्मार्ट सिटी, हर घर जल, नमामि गंगे, स्वच्छ भारत, पीएम किसान, उज्ज्वला, आयुष्मान भारत, मुद्रा लोन, आसान व्यापार, विदेशी निवेश, GST, नोटबंदी, अग्निपथ, आवास योजना, शिक्षा नीति, भ्रष्टाचार मुक्त भारत, महंगाई नियंत्रण, बेरोज़गारी कम करना, MSME सुरक्षा, स्वास्थ्य व्यवस्था, कोविड प्रबंधन, प्रवासी मज़दूर संकट, सामाजिक सौहार्द, संघीय ढांचा, संस्थाओं की विश्वसनीयता, पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और अवैध घुसपैठ — हर मोर्चे पर केवल प्रचार, विफलता और जनता के साथ विश्वासघात।
अब “उपलब्धियों” के नाम पर सिर्फ़ Event Management और Manufactured Narrative ही इस सरकार के पास बचा है।