मध्यप्रदेश में साहब ने,
इतने विभाग उठा लिए!
जैसे सत्ता के सारे चाबुक,
खुद हाथों में थाम लिए!
अफ़सर खुश, दलाल मगन,
ठेकेदार भी हुए निहाल!
लगता है भ्रष्टाचार के घर भी,
आ गया है अब स्वर्णिम-काल!
जब सरकारी पद और तबादले बाज़ार में बिकने लगें, तो आम जनता का सिस्टम से भरोसा उठना तय है। इस पूरे स्टिंग मामले की निष्पक्ष और पूरी जाँच होनी चाहिए।
: श्री मुकेश नायक जी, अध्यक्ष - मप्र कांग्रेस मीडिया विभाग.
Re-NEET देने वाले सभी छात्रों को मेरी अनेक शुभकामनाएँ।
पूरे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दीजिए। कुछ भी हो, मैं हमेशा आपके साथ हूं और आपकी रक्षा करता रहूंगा।
सरकार से अपेक्षा है कि इस बार NEET बिना किसी गड़बड़ी के होगी। छात्र पहले ही बहुत तनाव झेल चुके हैं - अब किसी बच्चे की उम्मीद न टूटने पाए।
जनता बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रही है
और सरकार सिर्फ विज्ञापन व इवेंटबाजी में व्यस्त है।
यह सरकार जनता की प्यास और परेशानियों
से पूरी तरह बेपरवाह हो चुकी है!
नॉर्वे में महिला पत्रकार के सवाल से भागते हुए मोदी।
नॉर्वे प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में पहले नंबर पर है। वहां पत्रकार जरूरी मुद्दों पर सवाल करते हैं और सरकार की जवाबदेही तय करते हैं।
भारत के 'गोदी मीडिया' की तरह 'बटुआ रखते हैं या नहीं', 'आम खाते हैं या नहीं', जैसे फर्जी सवाल नहीं किए जाते।
भारत के मीडिया को नॉर्वे के पत्रकारों से सीखना चाहिए और मोदी की जवाबदेही तय करनी चाहिए।
जिस दिन भारत का मीडिया देश के जरूरी मुद्दों पर सवाल करने लगा, उस दिन मोदी सरकार के 'झूठ का गुब्बारा' फूट जाएगा।