दिग्विजय सिंह जी इस प्रदेश के ही नहीं बल्कि इस देश के सम्मानित नेता हैं
हम सब छोटे कार्यकर्ताओं समेत प्रदेश अध्यक्ष, नेता विपक्ष तथा प्रदेश प्रभारी सभी उनका सम्मान करते हैं
वे unanimously हम सबके सम्मानित नेता है
देखिए राज्यसभा चुनाव के विषय में बंसल न्यूज पर चर्चा का अंश
सुबह तक दिग्विजय सिंह को कानून का पाठ पढ़ने वाले इंदौर महापौर को दिग्विजय सिंह ने एक फ़ोन किया तो नतमस्तक हो गए।
जितनी महापौर की उम्र है उससे ज़्यादा राजा साहब को राजनीति में हो गए है, यह बात पुष्यमित्र भार्गव को आज समझ में आई।
Let us unite to ensure justice for our youngsters whose future has been jeopardised by the corrupt and incompetent Modi Regime!
Dharmendra Pradhan must resign!
कल कांग्रेस महासचिवों और प्रभारियों की बैठक में एक बड़ी नेता ने कहा कि..
आप लोग हर मुद्दे को बूथ और ब्लॉक लेवल तक ले जाने की बात तो करते हो। लेकिन बूथ लेवल पर हमारा संगठन है कहां..? हर मुद्दे पर धरना प्रदर्शन की बात करने की बजाय जनता से सीधे जुड़े दो तीन मुद्दों पर फोकस करना चाहिए..
कैसे मान ले हार जब खून में बहता रक्त दिग्विजय सिंह का हो?
जयवर्धन सिंह ने धरने के दौरान कहा: जब तक बहन मीनाक्षी नटराजन को न्याय नहीं मिलता कांग्रेस लड़ाई बंद नहीं करेगी।
भाजपा ने देश में घोषित रूप से तानाशाही लागू कर दी है। हम चुनाव आयोग के पास गए, वहां न्याय नहीं मिला। लेकिन जब तक सुश्री मीनाक्षी नटराजन जी को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा।
: श्री @JVSinghINC जी.
📍दिल्ली.
सीट चोरी में सभी शामिल हैं।न केवल राज्य बल्कि केंद्र भी,चुनाव आयोग भी और माननीय सर्वोच्च न्यायालय भी।यह सब मिली जुली चोरी हैं।
-दिग्विजय सिंह पूर्व मुख्यमंत्री
आज एक हालिया बने भूतपूर्व मुख्यमंत्री के नाम से प्रधानमंत्री जी की तारीफ़ में कसीदे लिखे गए आलेख को एक अंग्रेज़ी दैनिक में छपवाया गया। किसी ने जाकर उनसे कहा कि ऐसा एक आलेख आया है आपके नाम से। उन भूतपूर्व साहब ने पूछा..आयँ आयँ…कब? कहाँ? कैसे हुआ? किसने किया?
ख़ैर जय हिन्द
ऐसा दौर आ गया है कि लोग शक कर रहे हैं कि यह लेख नीतीश कुमार ने ही लिखा है? मैं इस विवाद में जाना ही नहीं चाहता कि खुद लिख रहे हैं या कोई और लिख रहा है, मैं तो चाहता हूँ कि नीतीश कुमार लिखते रहे, उनके नाम से कुछ न कुछ छपता रहे। एक्सप्रेस की टीम को बधाई।एक्सप्रेस ने छापा है तो यकीन करूंगा कि यह लेख नीतीश कुमार ने लिखा है। मेरे इस विश्वास को खुद एक्सप्रेस भी नहीं हिला सकता है। नीतीश कुमार दो साल से मीडिया के सामने नहीं आए हैं। प्रेस से बात नहीं कर रहे हैं। अच्छा लगा कि एक्सप्रेस के लिए लिख रहे हैं। उनका चिंतन पक्ष और लेखक कर्म सक्रिय बना रहे।
मध्य प्रदेश में दिग्विजय सिंह @digvijaya_28 और कमलनाथ @OfficeOfKNath के खिलाफ जो लोग अफवाह फैला रहे हैं दरअसल वो संघ के एजेंट हैं।इनमें से एक बढ़ा हिस्सा उन लोगों का है जिन्हें कांग्रेस ने बनाया और स्थापित किया है।
जहां तक दिग्विजय सिंह का सवाल है इस पूर्व धाकड़ मुख्यमंत्री के लिए राज्यसभा की सीट कोई मायने नहीं रखती। अपने पूरे जीवन में इन्होंने कितनों को मंत्री सांसद बनाया, कितनों को अन्य अवसर दिए।
जहां तक कमलनाथ जी का सवाल है कमलनाथ जी ने अपने व्यवसाय, अपनी महत्वाकांक्षाओं अपने जीवन के सारे अनुष्ठान कांग्रेस में रहते हुए किए। कमलनाथ, अजीत जोगी नहीं है जो अपने ही नेताओं को हरवाने का चक्र रचें। वो आरपीएन सिंह, कैप्टन अमरिंदर भी नहीं है।
यह सारी अफवाह कैलाश विजयवर्गीय, मोहन यादव के कारखासों के द्वारा फैलाई जा रही है। कैलाश वो हैं जो गंगा में डूबते रहें और कहें कि मैं डूब रहा हूं तो मैं नहीं मानूंगा और महंगा डूब जाओ।इस अफवाह पर कम से काम कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेताओं में कोई यकीन कर भी नहीं रहा है न करना चाहिए।
In an age where power is often held tightly, Digvijay Singh ji showed that true leadership lies in knowing when to step aside.
He refused the lure of a Rajya Sabha seat, chose to make way for younger leaders, and placed the party above personal ambition. At a time when the clamor for power can drown out principles, Digvijay ji demonstrated that leadership is not about occupying positions—it is about building institutions, nurturing the next generation, and standing steadfastly with the organization through every triumph and setback.
The greatest leaders do not measure their legacy by the offices they hold, but by the leaders they leave behind.
A lesson in humility. A lesson in selflessness. A lesson in unwavering commitment to the party and its ideals.
@digvijaya_28 we youngsters need to learn a lot from you
पिछले दिनों कांग्रेस के दो नेताओं को सुना और इन्हें सुनकर लगा कि ऐसे ही नेता असली कांग्रेसी हैं और यही राहुल गांधी की ताकत हैं-
पहले हैं दिग्विजय सिहं जो कह रहे हैं कि
मैं 5 बार विधानसभा में जा चुका हूं। 2 बार लोकसभा में जा चुका हूं। 2 बार राज्यसभा में जा चुका हूं...सब कांग्रेस ने दिया है अब नए लोगों को मौका मिलना चाहिए।
दूसरे हैं पंजाब में कांग्रेस के नेता राजा वड़िंग जो कह रहे हैं कि
अगले कुछ दिनों में पंजाब कांग्रेस के सभी नेता चाहे वो चन्नी साहब हों,बाजवा साहब हों, रंधावा साहब हों हम सब एक गड्डी पर बैठकर आपके जिले में आपसे बात करते हुए मिलेंगे।
रही बात मेरी तो “मैं चार चुनाव जीत चुका हूँ तीन बार विधायक का और एक सांसद का। कांग्रेस पार्टी ने मुझे बहुत कुछ दिया है। अगर भविष्य में पार्टी मेरा टिकट भी काट देती है, तब भी मेरा झंडा कांग्रेस का ही बुलंद रहेगा और मैं कांग्रेस के लिए ही काम करता रहूँगा।”
मध्यप्रदेश में कांग्रेस की मीनाक्षी नटराजन का पर्चा रद्द हो गया जबकि झारखंड में बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परीमल नथवानी को आपत्तियों का जवाब देने के लिए कल सुबह 11 बजे तक का समय दिया गया है. नथवानी की उम्मीदवारी के कारण झारखंड में चुनाव फंस गया है. वो रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के डायरेक्टर कॉर्पोरेट अफ़ेयर्स हैं. पहले भी झारखंड और आंध्र प्रदेश से राज्यसभा जा चुके हैं.