As part of Operation "Hard Ball," the FBI and our law enforcement partners throughout California, other U.S. cities and in Canada, India and Europe collaborated to execute dozens of search and arrest warrants targeting 37 members of violent transnational organizations who are charged with engaging in racketeering, targeted killings, shootings, extortion, the trafficking of bulk quantities of narcotics across international borders, and other crimes around the world. #OperationHardBall
चली गई एबीपी न्यूज़ के डिजिटल सेक्शन में कार्यरत इन तीन लोगों की नौकरी, इसमें एक महिला पत्रकार भी!
अंततः नेहा राठौर के ख़िलाफ़ ग़लत खबर चलाने का बड़ा ख़ामियाज़ा तीन मीडियाकर्मियों को उठाना पड़ गया। एबीपी न्यूज़ के डिजिटल सेक्शन से एक महिला पत्रकार समेत तीन लोगों की नौकरी चली गई है। प्रबंधन के सख्त रूख के बाद संपादक द्वारा कराई गई जांच में तीन कर्मियों को दोषी पाया गया। इसमें सर्वप्रथम Abp news videos digital head को जिम्मेदार मानते हुए इन्हें हटाया गया। भड़ास के पास इनका नाम भी है लेकिन इनके भविष्य के करियर को देखते हुए नाम का प्रकाशन नहीं किया जा रहा है। एबीपी न्यूज़ वीडियोज डिजिटल हेड का काम हर वीडियो को पब्लिश करने से पहले ये जानना है कि सब कुछ सही है या नहीं।
इसके बाद बारी आती है Shift incharge digital videos की। इन महोदय द्वारा भारी चूक की गई। इन्होंने ग़लत खबर और फेक वीडियो को पब्लिश होने दिया। इनके द्वारा ओके किए जाने के बाद ही वीडियो पब्लिश हुआ। इनको भी टर्मिनेट कर दिया गया है। इनका भी नाम भड़ास के पास है लेकिन पब्लिश नहीं किया जा रहा है क्योंकि नाम पब्लिश होने से ट्रोलिंग के शिकार होंगे और आगे की जॉब में दिक्कत आएगी।
सबसे बड़ी गलती जिसने की है वो एक महिला है। वह YouTube shorts shift incharge के पद पर कार्यरत है। इस महिला ने ही एक्स पर पोस्ट फ़र्ज़ी न्यूज़ व वीडियो के झाँसे में आकर इसे सही मान बैठी और ख़बर वीडियो को व्यूज़ / हिट्स पाने के चक्कर में बिना कन्फर्म किए बिना क्रॉसचेक किए बिना फैक्ट चेक किए ही चला दिया। इसके ऊपर के दो लोग ये मान बैठे थे कि खबर तैयार है तो सही ही होगी। लड़की ने प्रोपेगंडा न्यूज़ को सच मान गई लेकिन उसके ऊपर के दो लोग भी क्रॉसचेक का जहमत नहीं उठाये।
इस तरह एबीपी न्यूज़ डिजिटल से टॉप टू बॉटम तीन लोगों को प्रबंधन द्वारा टर्मिनेशन ऑर्डर थमाया जा चुका है। उम्मीद करते हैं इस घटना से दूसरे मीडिया हाउस में कार्यरत लोग भी सबक लेंगे और फेक व प्रोपेगंडा न्यूज़ को सच मानकर तुरंत पब्लिश करने से बचेंगे और क्रॉसचेक करके ही आगे बढ़ेंगे।
#abpnewshindi #NehaSinghRathore
@ABPNews@nehafolksinger
Hello @MrsGandhi, That video is from August, When people from Indian and Pakistani Diaspora celebrated Independence Day. Nothing to do with Protest involving @dhruv_rathee in London.
Several right wing accounts are circulating old and AI generated images/videos, passing them off as visuals from the London protest attended by @dhruv_rathee to claim that large numbers of Pakistanis participated.
Here, IT & Social Media National In-charge @MrsGandhi has shared a video from August, showing members of the Indian and Pakistani diaspora celebrating Independence Day, falsely presenting it as footage of the recent London protest.
A right wing account uses an old unrelated (raid of a spa centre) video from 2024 falsely claiming Sex Racket was operating in the hostel where Neha Singh Rathore lived.
The same video with false claim was shared by @ABPNews using @nehafolksinger image.
पहले किसी लड़की को ‘कॉल गर्ल’ और ‘प्रॉस्टिट्यूट’ बोलो, न्यूज़ चलाओ; जब विरोध किया जाये तो ‘सॉरी’ बोल दो! तमाशा बना दिये हो?
तुम्हारी इस ‘फेक न्यूज़’ और बड़ी दलाली पाने की कोशिश ने मेरी क्या मानसिक हालत कर दी है इसका अंदाज़ा है तुमको?
कोर्ट में मुलाक़ात होगी. मुझे न्याय चाहिये माफ़ी नहीं.
@ABPNews
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी इतने न गिरो हैं कि अपने ABP गोदी मीडिया से देश की लड़की नेहा सिंह राठौड़ के सम्बंध में बदनाम करने के लिए सेक्स रैकेट के झूठी खबरें चलवा रहे हैं।
ABP न्यूज़ के रजनीश आहूजा थोड़ी सी शर्म करले तेरे घर में भी बहन बेटी होगी उसे भी कोई चैनल सेक्स रैकेट में रखेगा तो तुझे कैसा लगेगा।
@narendramodi@ABPNews @IamRajnishAhuja
ABP News ये कौन सी पत्रकारिता है?
"नेहा राठौड़ वाले हॉस्टल में S*X रैकेट?
पुलिस ने मारा छापा!"
आपके ही पत्रकारों पर एक महिला वकील को नोएडा के थाने में रात भर टॉर्चर करवाने का गंभीर आरोप लगा था।
आपने ही सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट प्रदीप राय से अपनी भ्रामक खबर के लिए बिना शर्त लिखित माफी मांगी थी।
तो क्या करें?
आगे से आपके चैनल से जुड़ी कोई ख़बर सामने आए,
तो ये लिखें कि महिला वकील के टार्चर में शामिल पत्रकारों वाले चैनल ने ये किया?
सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट से माफी मांगने वाले चैनल ने वो किया?
उस हॉस्टल में S*X रैकेट पर पुलिस के छापे से नेहा सिंह राठौड़ का नाम जोड़ते हुए आपको ज़रा भी शर्म न आई,
एक महिला पर जो बीत रही होगी, उसकी कौन करेगा भरपाई?
@abplive
@ABPNews न्यूज़ वालों…भाजपा की दलाली और नमक का हक़ अदा कर रहे हो या दलाली खाकर तुम्हारा पेट नहीं भरा जो बेटियों का सम्मान खाना चाहते हो? मुझे प्रॉस्टिट्यूsट कहते हो? अब तुम लोग बताओगे कि मैं किस हॉस्टल में रहती थी और कहाँ प्रॉस्टिट्यूsशन करती थी. ये बात यहीं खत्म नहीं होगी.
@NCWIndia@narendramodi@AmitShah
A claim circulating online that Gen Z leader Neha Bora was featured on New York’s iconic Times Square is false. There are no credible reports or verified sources to support this claim.
WHERE IS NEHA?
Delhi Police refuses to meet a delegation of lawyers and civil society members demanding the release of Neha.
Gather NOW in large numbers at Parliament Street Police Station to demand their release!
@DelhiPolice release Neha now!
नरेंद्र मोदी ने सुबह 4 बजे पुलिस भेजकर अंकिता के माता-पिता को गिरफ्तार करवा दिया.
'VIP' दुष्यंत गौतम को बचाने के लिए नरेंद्र मोदी ने हद पार कर दी है.
पहले उसे राज्यपाल बना दिया, अब जब अंकिता के माता-पिता इंसाफ मांग रहे हैं तो उनकी आवाज को कुचला जा रहा है.
शर्मनाक!
सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों के दौरान दिल्ली पुलिस कनॉट प्लेस और जंतर-मंतर से हिरासत में लिए गए कम से कम 50 लोगों, जिनमें नाबालिग भी शामिल थे, को मध्य दिल्ली से लगभग 40 किलोमीटर दूर पंडवालन खुर्द के सामुदायिक केंद्र में ले गई.
@SravastiDasgup2
This is the most horrific detention story you will hear today.
At 8 PM, this bus stopped at a community centre in Pandwalan Khurd (see photo).
Detainees fractured. Four minors present. Everyone barbarically beaten up. No lawyers allowed to enter.
This is how we got here. ⬇️
ये वीडियो सोशल मीडिया से प्राप्त हुई है देखकर थोड़ा विचलित हो गया हूं क्या इतनी सस्ती हो गई है सरकारी वर्दी सवाल उठता है इतनी बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बलों की यूनिफॉर्म किसके लिए जा रही है सवाल है कि प्रोटेस्ट के दौरान ये वर्दी क्यों लाई जा रही है क्या साज़िश है इसके पीछे