Raghav Chadha: 30 day recharge plans are a win for India.
Reality: if the 30 day plan costs more than the 28 day one, you saved zero. TRAI does not control prices. Jio and Airtel do.
12 recharges instead of 13 is not relief. A price cap is.
#TRAI#RaghavChadha#CryptoWala@raghav_chadha
लोग अक्सर गांधी जी के बारे में ज्यादा जाने बिना ही उन्हें गाली देते हैं। उन्हें अपमानित करने से पहले थोड़ा समय निकालकर उनके जीवन, भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनकी भूमिका और सत्य एवं अहिंसा के उनके विचारों के बारे में पढ़ि���।
आप गांधी जी से असहमत हो सकते हैं, उनके फैसलों पर सवाल उठा सकते हैं और उनकी विचारधारा की आलोचना भी कर सकते हैं लेकिन कम से कम उस व्यक्ति के बारे में तो जानिए, जिसकी आप आलोचना कर रहे हैं। 🇮🇳
आम जनता को लूटने का सबसे बड़ा अड्डा है रेलवे, दलाल टिकट सारे बुक कर लेते हैं, टिकट कैंसिल पर भारी भरकम चार्ज लेती है सरकार, मंत्री सिर्फ रील बनाते हैं, 60 दिन पहले टिकट नहीं मि���ता, पोर्टल ओवरलोड कौन न करता है? @RailMinIndia @AshwiniVaishnaw @PMOIndia @narendramodi
#RailTicket
सर्वेश को कौन नहीं जानता है। फोटो पत्रकारिता के लंबे दौर में सर्वेश ने कितने ही चुनाव कवर किए होंगे। उनका नाम भी SIR से कट गया है। दिल्ली में ही पैदा हुईँ। दिल्ली में पढ़ी हैं। सर्वेश चुप रहने वालीं पत्रकार नहीं हैं लेकिन उनके जीवन में फॉर्म भरने का एक काम चुनाव आयोग की वजह से आया। उनका सही क��ना है कि फार्म 6 क्यों भरें जबकि वे इसी दिल्ली की मतदाता रही हैं।
दिल्ली पुलिस का नया मेनिफेस्टो:
चोर हम ढूंढ नहीं पाएंगे, और अगर गलती से तुमने ढूंढ लिया, तो थाने लाकर तुम्हारी ऐसी धुलाई करेंगे कि चोर भूल जाओगे।
वाह रे दिल्ली पुलिस, तुम्हारी कार्यशैली देखकर तो अच्छे-अच्छे स्टैंड-अप कॉमेडियन भी बेरोजगार हो जाएं।
जिस राजधानी में आम आदमी की सुरक्षा का ठेका इन महाशयों के पास है।
वहां एक गरीब ई-रिक्शा चालक समीर ने अपनी रोजी-रोटी छिनने के बाद खुद ही जासूस 'ब्योमकेश बख्शी' बनकर चोर को भी दबोचा और रिक्शा भी ढूंढ निकाला।
मतलब सारा काम उसने खुद कर दिया—खोजी भी वो, म���ंशी भी वो, और गिरफ्तारी वारंट भी उसका अपना।
लेकिन इस पर हमारे 'सुपरकॉप्स' की ईगो इतनी बुरी तरह हर्ट हो गई कि उनका अहंकार बर्दाश्त नहीं कर पाया कि एक गरीब ई-रिक्शा वाला उनकी नाक के नीचे काबिलियत कैसे दिखा गया।
चोर को तो शायद चाय-बिस्किट खिलाकर विदा कर दिया होगा और गरीब समीर को थाने के अंदर ऐसा 'वीआईपी थर्ड-डिग्री ट्रीटमेंट' दिया गया कि बेचारा सोच रहा होगा।
इससे अच्छा तो रिक्शा चोरी ही रहने देता, कम से कम हड्डियां तो सलामत रहतीं!
@ravikishann आपको तो गोबर भी रसमलाई लगता है तो सबको वही थोड़े न लगेगा। मोदिया बिंदु से पीड़ित आँखें हैं आपकी इलाज करवा लीजिए समय रहते नहीं कहीं आपको हिंदुस्तान भी स्पेन न लगने लगे और स्पेनिश मातृभाषा।।
महामहिम राज्यपाल आनंदीबेन पटेल जी का ये वीडियो भी सुन लीजिए भाजपाइयों तुम्हारी आँखें खुल जाएंगी उसी गोरखपुर की जमीनी हकीकत कुछ और ही है। तुम्हें तो मोदी में विष्णु भगवान दिखते हैं चूंकि सुबह शाम गोबर सेवन कर��े हो बाकी देशवासी तो खाना खाते हैं तो उन्हें तो ईश्वर और राक्षस में अंतर समझ आता है और सही गलत में भी फर्क कर लेते हैं उन्हें मोदिया बिंदु नहीं न है।