Despite calling them out ( @TajinderBagga@Mrsinha@UnSubtleDesi ) for sharing clipped video, more than an hour back, None of them have deleted their misleading tweet or apologised for sharing misleading video.
These BJP members and Iat cell trolls have been waiting for a slightest oppertunity to bring in Hindu-Muslim angle to target the Protesting students..
Beware! They did the same during Shaheen bagh protest, They did the same during Farmers Protest. They are trying the same formula even now.
Never forget 15/12/20
Ye video Aaj ki Nhi balki Na Bhulne Jane Wale Past ki hai..
Jismy muslim students ko Gharo se Nikal Nikal kr college Mein ghus ke 💯 se Zyada ko Bedardi se pita gya tha..
Magr aaj police ke lathi charge ke action Mein Students ka reaction dekhne ko mila.
काफिरों के हाथों ज़लील होने वाले नाम निहाद मुसलमानों की बेटियां उन्हीं र@@क्षस जैसी शक्ल वालों के साथ हिजाब पहनकर वादे निभा रही हैं, और तुम कहते हो कि हम इस्लाम की बुनियाद पर सताए जा रहे हैं ? वायरल करिए इस नापाक कमीनी लड़की को,
#bhagwalovetrap#blt#mumbai#hijab#muslimgirl
If you are talking of the brutality of Delhi police, remember it is not taking place in a vaccum. During the 2020 anti-CAA protests, Muslims were beaten to death, made to chant the national anthem while they were dying
CJP प्रोटेस्ट में मुस्लिम एंगल ढूंढ निकाला है इसने, पूरी कोशिश है कि मुसलमानों के कंधे का इस्तेमाल करके अपना उल्लू सीधा किया जाए, यही कारण है कि मुस्लिम युवाओं को थोड़ी दूरी रखने को कहा जा रहा है.
आज यानी 20 जुलाई 2026 को जिस तरह से तलबा पर किए गए लाठीचार्ज को इस मुल्क के नए-नए क्रांतिकारी जम्हूरियत का क़त्ल बता रहे हैं, ये क़त्ल इनके लिए नया हो सकता है, लेकिन भारत में रहने वाले मुसलमानों के लिए ये क़त्ल बिल्कुल नया नहीं है।
आज जो नए-नए क्रांतिकारी पैदा हुए हैं, उनको याद करना चाहिए 15 दिसंबर 2019 की उस ख़ौफ़नाक रात को, जिस रात दिल्ली पुलिस ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया की लाइब्रेरी में घुसकर तलबा पर दहशतगर्दी का अलम लहराया था।
याद करना चाहिए उस दिन को, जब दिल्ली पुलिस ने हिजाब पहने हुए मुस्लिम बच्चियों को निशाना बनाकर लाठियों से उनको ज़ख्मी किया था। याद करिए अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में की गई पुलिस की बर्बरता को।
अगर हो सके तो याद कीजिए 21 दिसंबर 2019 का वो जुमा, जिसमें उत्तर प्रदेश पुलिस ने 22 मुसलमानों के घर के हाल को मातम में तब्दील कर दिया था।
शाहीन बाग़ में बैठी हमारे घरों की ज़ीनत को 500 रुपए में बिकने वाली ख़्वातीन का टैग दिया गया। हमारे ही बच्चों को पीटा गया।
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में तलबा पर दिल्ली पुलिस के सामने आतंकवादी गोपाल ने गोली चलाई।
इससे भी कई ज़्यादा भयानक दिन और रातें हमने देखी हैं।
और इससे भयानक ये कि मुसलमानों के ख़िलाफ़ बहुसंख्यक समाज का एक बहुत बड़ा तबका लाठी-डंडे लेकर सड़कों पर उतरा हुआ था।
मुसलमानों के ख़िलाफ़ कहा गया—‘देश के गद्दारों को गोली मारो सा** को’ या फिर कहा गया—‘दिल्ली पुलिस तुम लाठी बजाओ, हम तुम्हारे साथ हैं।’
और जब सिर्फ़ नारों से सुकून नहीं मिला तो ख़ुद पुलिस की जैकेट और हेलमेट पहनकर गुंडे मुस्लिम बच्चों/बच्चियों पर लाठी चलाने आए।
जबकि आप लोग (तलबा और उनके हामी) हर तरह से इस भयानक अमल से बचे हुए हैं।
आज आप लोग सिर्फ़ एक दिन की बर्बरता को जम्हूरियत का क़त्ल बता रहे हैं।
जबकि मुसलमानों ने अपने हक़ के लिए पुरअमन अंदाज़ में एहतिजाज करते हुए गोलियां खाईं, लाठियां खाईं, जेलों में गए, आज भी जेलों में क़ैद हैं।
अगर आप मुसलमानों पर हुए ज़ुल्म के वक़्त सड़कों का रुख़ कर लेते, तो शायद आज आपको इन लाठियों से ना रौंदा जा रहा होता।
- @ShaanIrfan05
📍 दिल्ली
एक आज़ादी ऐसी भी है…
जहाँ संविधान की हिफ़ाज़त की क़सम खाने वाली पुलिस, मुसलमानों से राष्ट्रगान और ‘वंदे मातरम’ लाठी और बंदूक के दम पर बुलवाती है।
ये वीडियो 2020 के मुस्लिम विरोधी दिल्ली दंगों का है।
तालीम कामयाबी के नाम पर हरामकारी,
भारतीय मुसलमान मज़लूम नही हैं, इनके साथ जो भी हो रहा है इनके आमाल के सबब हो रहा है, एक तरफ लव जिहाद लिंचिंग बुल्डोजर तो दूसरी तरफ नाम निहाद हिजाबी पढ़ाकू लड़कियों की हरामकारिया,
#siwan#bihar#bhagwalovetrap#blt#संसद_मार्च#muslimgirl#hijab
जंतर मंतर पर आज जो हुआ वो ग़लत है, छात्रों पर लाठीचार्ज नहीं होना चाहिए, यही ‘युवा’ देश के भविष्य हैं, ये बात हमने 6 साल पहले भी जामिया के छात्रों के लिए कही थी, तब भी मासूम छात्रों पर जो हुआ वो दर्दनाक था। बस उस वक़्त बहुत से लोग खामोश थे जो आज हैरान दिख रहे हैं।
ये औरत बच्चे को बेरहमी से मार रही है।
उसके ऊपर बैठकर गला दबा रही है।
कहाँ है मानवाधिकार आयोग और बालविकास मंत्रालय ?
कभी इनके लिए भी फोर्स भेजो।
कभी इनके लिए भी बुलडोजर भेजो।
#SonamWangchuck#cjp#jantarmantar#chalosansad
मोहित यादव उर्फ मोनू मानेसर नासिर जुनैद का हत्यारा। 30 महीने जेल में बिताने के बाद जमानत पर बाहर।
आरोपी के साथ फरीदाबाद पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर राजेश दुग्गल खुशनुमा माहौल में फोटो खिंचवा रहे हैं।
और फ़िर यही अपराधी अपने फेसबुक प्रोफाइल से ये फोटो पोस्ट करता है।
आप सोच सकते हैं अगर इसकी जगह अपराधी किसी और धर्म का होता तो क्या इस तरह उसके साथ पेश आता कोई भी पुलिस कर्मी?
📍 ऋषिकेश, उत्तराखंड
भाजपा नेता संजय सिंह चौहान पर आरोप है कि उन्होंने एक मुस्लिम युवक को नमाज़ पढ़ने का आरोप लगाकर सड़क पर रोका, उससे पहचान पत्र (ID) मांगा, बदसलूकी की और धमकाया।
दावा है कि युवक अपनी बीमार दादी से मिलने एम्स ऋषिकेश आया था। वहां से वह अपने चाचा हाफिज़ दानिश के घर फ्रेश होने गया था, जहां से निकलने के दौरान उसके साथ यह कथित घटना हुई।
A Hindutva supporter riding in an e-rickshaw targeted a Muslim woman named Ayesha and asked for her phone number. Ayesha recorded a video of him and protested, prompting him to flee the e-rickshaw.
📍उत्तर प्रदेश
तालाब में मछली पकड़कर अपना पेट भरने की कोशिश कर रहे गरीब बच्चों की कुछ लोगों द्वारा कथित तौर पर बेरहमी से पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
सवाल यह है कि क्या अब गरीब बच्चों का खाना भी भीड़ तय करेगी? कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है।
@Uppolice से मांग है कि वायरल वीडियो की तत्काल जांच कर दोषियों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
https://t.co/EpjaWryiOB