@Jksoni69 प्रधानाचार्य का शीतलन और उप प्रधानाचार्य के मामले में शीतलन समझ में आता है लेकिन द्वितीय श्रेणी से व्याख्याता के पद पर शीतलन का मामला बिल्कुल ही अनैतिक और वैधानिक है सरकार को व्याख्याता पद पर पदोन्नति यूजीपीजी में समान विषय के आधार पर ही करनी चाहिए