विश्व पुस्तक मेले में आयोजित ‘मारवाड़ के डकैत और रॉबिन हुड पदिया मीणा’ के लोकार्पण एवं परिचर्चा में उस इतिहास पर गंभीर विमर्श हुआ, जिसे लंबे समय तक केवल “अपराध” के चश्मे से देखा गया। यह संवाद रजवाड़ों, अंग्रेज़ी सत्ता और सामंती ढाँचों के विरुद्ध आदिवासी समाज के संघर्ष, प्रतिरोध और समानता की लड़ाई को समझने का एक महत्वपूर्ण अवसर बना।
लेखक सुभाष चन्द्र कुशवाहा ने पुस्तक की पृष्ठभूमि साझा करते हुए मीणा राजशाही, डकैत गिरोहों की शुरुआत और उनके सामाजिक संदर्भ को रेखांकित किया। गौहर रज़ा ने इसे किस्सों की किताब नहीं, बल्कि मानवता और भारत के सामाजिक इतिहास का सशक्त दस्तावेज़ बताया, जो समाज में बराबरी और परिवर्तन के प्रश्न उठाता है। डॉ. जितेन्द्र मीणा ने स्पष्ट किया कि आज़ादी का संघर्ष केवल शहरी राजनीति नहीं था, बल्कि जंगलों और रेगिस्तानों में भूख, दमन और शोषण के विरुद्ध लड़ी गई लड़ाई भी था।
#MarwarKeDakait #PadiyaMeena #BookLaunch #VaniSahityaGhar #worldbookfair
आदिवासी इतिहास को जिस तरह से दबाया/छिपाया गया है उसकी खोज बीन का मेरा काम जारी है।
आदिवासी पुरखा टंट्या भील को आम जनमानस में स्थापित करने में भील समाज के नौजवानों और एक्टिविस्टों का बहुत बड़ा योगदान है। लगभग दो दशक की मेहनत के बाद वे आम जन मानस में टंट्या भील स्थापित हुए है।
जैसे रेंगा कोरकू को स्थापित करने के लिए कोरकू समाज के साथी लगे हुए है, गुंडाधुर को स्थापित करने के लिए धुर्वा समाज लगा हुआ है।
बैसे मीणा समाज को पदिया मीणा, गोकुल, भुवना मीणा को स्थापित करने में बहुत मेहनत करनी होगी। उम्मीद है मीणा समाज अपने पुरखों की विरासत को पुनर्स्थापित करेगा। आप पदिया मीणा के योगदान को संक्षिप्त में नीचे फोटो में देख सकते है।
जोहार।
नोट: आदिवासी इतिहास लिखने की तैयारी जारी है।
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मुख्य मांगे :
• पदिया मीणा को राज्य स्तरीय स्वतंत्रता सेनानी का दर्जा दिया जाए।
• राजस्थान के स्कूल-कॉलेज पाठ्यक्रम (राजस्थान अध्ययन) मे उनका इतिहास शामिल किया जाए।
• उनके जन्मस्थान पर स्मारक स्थापित किया जाए।
• राज्य स्तर पर जयंती/स्मृति दिवस मनाकर योगदान को सम्मान दिया जाए।
पदिया मीणा ने शोषित, गरीब और आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा करते हुए अन्याय के खिलाफ संघर्ष किया और अंततः 5 नवम्बर 1887 को जोधपुर में बलिदान दिया था।
राजस्थान सरकार से मांग है कि इस महान जननायक के ऐतिहासिक योगदान को सम्मान देते हुए उन्हें स्वतंत्रता सेनानी का दर्जा दिया जाए।
माननीय राजस्थान के दौसा से सांसद श्री मुरारीलाल मीणा साहब ने मारवाड़ के रॉबिनहुड के नाम से प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी श्री पदिया मीणा को “आदिवासी क्रांतिकारी” के रूप में आधिकारिक मान्यता प्रदान करने की माँग उठाई जो कि सर्वथा उचित है और ऐसे कार्यो के लिए सरकार स्वयं ज़िम्मेदार रहे
आहोर मृतक अशोक मीणा आंदोलन में जब रक्षक ही भक्षक की भूमिका में आ गए या अपनी वर्दी की मर्यादा भूलकर महिला पुलिस कर्मी के सामने अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया, न केवल उस व्यक्ति ने बल्कि उस लोकतंत्र का अपमान किया जिसके दम पर उसे पद पर है।
#JusticeForAshokMeena@DrKirodilalBJP
#आहोर मृतक अशोक मीणा आंदोलन में जब रक्षक ही भक्षक की भूमिका में आ गए या अपनी वर्दी की मर्यादा भूलकर अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया , न केवल उस व्यक्ति ने बल्कि उस लोकतंत्र का अपमान किया जिसके दम पर उसे पद पर है।
आंदोलन लोकतंत्र का हिस्सा हैं।
#भीम_आर्मी#आज़ाद_समाज_पार्टी
#JusticeForAshokMeena
जालौर जिले के आहोर में मजदूर अशोक मीणा जी की संदिग्ध मृत्यु को लेकर न्याय की माँग कर रहे समाज और क्षेत्र के लोगों पर पुलिस द्वारा किया गया बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज अत्यंत निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण हैसरकार और प्रशासन का दायित्व हैकि पीड़ित परिवार को न्याय मिले
#जालौर आहोर अशोक मीणा नामक व्यक्ति की संदिग्ध अवस्था मे मृत्यु होने पर परिजनो एव ग्रामीण द्वारा निष्पक्ष जांच,दोषियों पर कार्यवाही की मांग को लेकर चलरहे धरना प्रदर्शन पर शासन प्रशासन संज्ञान में ले
सड़कों पर उतरना के लिए मजबूर न करें भीम आर्मी को
@RajPoliceHelp@JalorePolice
जालौर जिले के आहोर में मजदूर अशोक मीणा जी की संदिग्ध मृत्यु को लेकर न्याय की माँग कर रहे समाज और क्षेत्र के लोगों पर पुलिस द्वारा किया गया बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज अत्यंत निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है।
लोकतंत्र में किसी भी समस्या का समाधान जोर-जबरदस्ती या लाठियों से नहीं, बल्कि संवाद, संवेदनशीलता और सामंजस्य से निकाला जाता है।
सरकार और प्रशासन का दायित्व है कि वह पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए, न कि आवाज उठाने वालों को दमन के बल पर चुप कराने का प्रयास करे।
मुख्यमंत्री जी से अपेक्षा है कि वे इस पूरे प्रकरण का तत्काल संज्ञान लें, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो और पीड़ित परिवार को न्याय मिले।
@RajGovOfficial@BhajanlalSharma@CMORajasthan@PoliceRajasthan
#JusticeForAshokMeena
जालोर जिले के गोलियांआहोर क्षेत्र में आदिवासी युवक अशोक मीणा की संदेहास्पद मौत पर न्याय सहित मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे परिजनों एवं मीणा समाज बंधुओं पर पुलिस प्रशासन द्वारा बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज की कडी निन्दा करता हूं!
लोकतंत्र में न्याय की मांग एवं धरना प्रदर्शन करना जायज है! @BhajanlalBjp सरकार मामले पर उचित कार्यवाही करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करें!
@RajCMO@JoraramKumawat@madanrrathore@DmJalore@INCRajasthan@INCIndia