ज़िन्दगी में पहली बार जनाज़े को दो कंधे पर देख रही हूं
तस्वीर इलाहा��ाद के जारी बाजार से आई है, जहां कब्रिस्तान जाने के लिए इस पुलिया को पार करना पड़ता है। यह वही इलाहाबाद है जिसका नाम बदलकर प्रयागराज रख दिया है। ऐसा लगा था नाम बदलते ही प्रयागराज स्पेन फ्रांस लंदन सबको पीछे छोड़ और तरक्��ी का परचम बुलंद करेेगा।
इस इलाके के पार्षद, विधायक, सांसद सबने वोट लिया अपना उल्लू सीधा किया और आपको ठेंगा दिया। बाकी इलेक्शन आने वाले हैं । बड़ी-बड़ी तकरीर के लिए तैयार रहिएगा।
जिंदगी में पहली बार चार कंधों पर जाने वाले जनाजे को दो कंधों पर जाते देखना भी मयस्सर हो गया।
ये विडियो कुवैत की है
जहां एक अरबी के घर बच्चा हुआ
जिसकी खुशी में उसने रोड से जाते दो लोगों को रोका
और कहा आज मेरे घर बच्चा हुआ है मैं बहुत खुश हूं।
मैं तुम्हारे साथ अपनी खुशी बांटना चाहता हूं आओ मेरे साथ कहकर इन लोगों को एक एटीएम पर ले जाता है
सबसे बड़ी बात उस अरबी ने ना तो उनका नाम पूछता है और ना ही धर्म जबकी आप देखकर समझ सकते दोनों हिन्दू भाई हैं
एटीएम मशीन में कार्ड और पासवर्ड डालकर कहता है अपनी मर्ज़ी से जितना तुम्हें चाहिए वो डालो रकम इस पर एक शख़्स कहता है 100 दीनार इंडियन 30000, अरबी शख़्स फैसला उस पर छोड़ता है पहला व्यक्ति सौ 100 दीनार निकालकर रख लेता है
इससे दूसरे को यक़ीन हो जाता है सच में उसने पैस��� दे दिए इसलिए वो डबल 200 दीनार यानी तक़रीबन साठ हज़ार 60000 से अधिक डालकर ले लेता है,,और दुआ देता है
इस पर अरबी बोलता है नहीं नहीं रोको अभी आओ मेरे साथ और दोनों को लेकर हाइपर मार्किट जाता है और कहता है जो चाहिए ख़रीद लो चाहे पूरा मार्किट फ़िर दोनों शख़्स खुश होकर वहां शापिंग करते हैं
यही तो अच्छाईयां हैं इस्लाम की और इस्लाम के तालीम की जो सामने आ जातीं हैं ।।
आप किया कहेंगे इस अरबी शख्स को...
मैं हर रोज प्रधानमंत्री को बोल रहा हूं कि आप 'वोट चोर' हैं।
प्रधानमंत्री ��ुप क्यों हैं?
वो बोल क्यों नहीं रहे?
क्योंकि प्रधानमंत्री जानते हैं कि वो वोट चोर हैं और उन्हें पकड़ लिया गया है।
– नेता विपक्ष श्री राहुल गांधी जी
#RahulGandhi #Congress
Telecom Companies ऐसे Recharge Plans offer करती हैं जिनमें ‘Daily Data Limits’ जैसे 1.5GB, 2GB या 3GB per day होती हैं, जो हर 24 hours में reset हो जाती हैं। बचा हुआ data midnight पर expire हो जाता है, जबकि उसके पूरे पैसे पहले ही दिए जा चुके होते हैं।
आपको 2GB के लिए charge किया जाता है। आप 1.5GB use करते हैं। बचा हुआ 0.5GB दिन खत्म होते ही गायब हो जाता है। कोई refund नहीं। कोई rollover नहीं।
मैंने आज यह मुद्दा Parliament में उठाया की जिस data के लिए हमने पूरी payment की है, वो दिन समाप्त होने पर Expire नहीं होना चाहिए।
बचा हुआ data अगले दिन की data limit में carry forward होना चाहिए, ताकि users Data इस्तेमाल कर सकें जिसके लिए उन्होंने पहले ही pay किया है।
संसद में आज मेरी demands हैं -
1.सभी users के लिए Data carry-forward / Data rollover की सुविधा दी जाए��� जो data दिन के अंत तक use नहीं होता, उसे अगले दिन की limit में add किया जाए, न कि validity खत्म होते ही ख़त्म कर दिया जाए।
2.अगले महीने के recharge amount में unused data का adjustment का option दिया जाए। अगर कोई user लगातार अपना data under-utilise करता है, तो अगले monthly recharge में उस value का adjustment या discount मिलना चाहिए। users को बार-बार उस लिमिट के लिए pay नहीं करना चाहिए जो वे use ही नहीं करते।
3.Unused data को relatives और friends को transfer करने का option दिया जाए। Unused data को user की digital property माना जाना चाहिए। उपभोक्ता को अपने daily data limit से unused data दूसरों को transfer करने की permission होनी चाहिए, बिल्कुल उसी तरह जैसे पैसे transfer किए जा सकते हैं।
आज मोबाइल डेटा कोई luxury नहीं, Digital oxygen बन चुका है। टेलीकॉम कंपनियों की ये लूट बंद होनी चाहिए।
महुआ मोइत्रा तुम बेमिसाल हो ,
महुआ मोइत्रा तुम लाजवाब हो,
महुआ मोइत्रा निडर जाँबाज हो,
मुझे विपक्ष में सबसे अच्छी पार्टी, सबसे धुरंदर पार्टी TMC लगती है जो निडर होकर संसद में आवाज उठाती है, रमेश बिधूड़ी को एक बार फिर संसद में आइना दिखा दिया,
मोइत्रा ❤️
आज भारत में Compromised PM के राज में शांतिपूर्ण विरोध करना ही सबसे बड़ा “अपराध” बना दिया गया है।
दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को धीरे-धीरे ऐसी दिशा में धकेला जा रहा है, जहां असहमति को देशद्रोह और सवाल पूछने को साज़िश बताया जाता है।
सोचिए - मुद्दा कोई भी हो, अगर आप सत्ता के खिलाफ संवैधानिक तरीके से आवाज़ उठाते हैं, तो लाठी, मुकदमा और जेल - यह लगभग तय है।
पेपर लीक से त्रस्त युवाओं ने अपने भविष्य के लिए आवाज़ उठाई - जवाब मिला लाठियों से।
देश की गौरवशाली महिला पहलवानों ने BJP के प्रभावशाली नेता पर लगे गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जाँच की मांग की। उनकी पुकार को बदनाम किया गया, आंदोलन को कुचला गया, और उन्हें सड़कों से जबरन हटाया गया।
एक बलात्कार पीड़िता के समर्थन में इंडिया गेट पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन हुआ। न्याय की माँग को व्यवस्था के लिए “असुविधा” मानकर हटा दिया गया।
युवा कांग्रेस ने देश का अहित करने वाले US Trade deal का शांतिपूर्ण विरोध किया तो उन्हें "देशविरोधी" बताकर गिरफ्तार कर लिया।
जब आम लोग जहरीली हवा के खिलाफ खड़े हुए, तो पर्यावरण की चिंता को भी “राजनीति” कहकर दबा दिया गया।
जब किसानों ने अपने अधिकारों के लिए आंदोलन किया, तो उन्हें देशविरोधी करार दिया गया। आँसू गैस, रबर की गोलियाँ, पानी की बौछारें और लाठियाँ - यही संवाद का माध्यम बना।
जब आदिवासी अपने जल, जंगल, जमीन के हक के लिए खड़े हुए, तो उन पर भी शक की नज़र डाली गई - मानो अपने अधिकार माँगना अपराध हो।
यह कैसा लोकतंत्र है, जहां Compromised PM सवालों से डरते है? जहां असहमति को कुचलना शासन का स्वभाव बनता जा रहा है?
शांतिपूर्ण विरोध अपराध नहीं - लोकतंत्र की आत्मा है। सवाल पूछना लोकतंत्र की कमजोरी नहीं - उसकी ताकत है। लोकतंत्र तब मजबूत होता है जब सरकार आलोचना सुनती है, जवाब देती है और जवाबदेह रहती है।
मोदी जी, ये North Korea नहीं, भारत है। जब सत्ता खुद को राष्ट्र समझने लगे और असहमति को दुश्मन - तब लोकतंत्र मर जाता है।
जिस मस्जिद के ईमाम और सदर को ये नहीं पता ना ऐसा कौन सा घर है जिसमें चूल्हा नहीं चलता, ऐसा कौनसा घर है जिसकी छत गिरने वाली है , ऐसा कौन सा घर है जिसमें जवान बेटी बैठी हुई है वो मुसलमान है या गैर मुस्लिम अगर उसे अपने पड़ोसी की खबर नहीं तो उसे इस मस्नत पर बैठने का कोई इख्तियार नहीं है..!
— पंजाब शाही ईमाम मोहम्मद उस्मान लुधियानवी
राघव चड्ढा की बात से सहमत हो तो रीट्वीट करते जाओ, अगर उठाई गई आवाज कानों तक पहुंच गई तो सिम बंद होने की धमकी मिलना बंद हो जाएगी।
बात में इतना दम है ज��� सबकुछ अपना है
रिचार्ज करना है नहीं करना है ये फैसला भी अपना होना चाहिए।
खान सर का हॉस्पिटल जैसे ही open हुआ तो खान सर की सारी जिहादी हकीकत सामने आ गई।
बहुत से लोग खान सर की तारीफ कर रहे ह���ं की खान सर गरीबों के लिए हॉस्पिटालिटी खोल दिया
लेकिन जब सच्चाई सामने आई तो सब दंग रह गए
दर असल जब एक गरीब आदमी खान सर के हॉस्पिटल में गए तो उन्होंने जो खुलासा की किया किया वह सच में कबीले तारीफ थी
गरीब तो खुश होकर खान सर को दुआ दे रहे हैं, वहीं कुछ टीचर्स को ये बात हजम नहीं हो रही। इनकी मां के कहने पर इन्होंने एक इतना बड़ा हॉस्पिटल बना दिया जो आज तक इंडियन गवर्��मेंट ने भी नहीं बनाया होगा।
जैसे ही पटना में खान सर का एक नया अस्पताल खुला और जो पटना में पुराने अस्पताल थे उनकी टेंशन्स बढ़ गईं, क्योंकि पेशेंट्स खान सर के हॉस्पिटल में जाने लग गए जो कि खचाखच भरे हुए हैं।
पुराने अस्पताल वाले गरीबों से मनमानी करके एक बड़ा बिल थमा देते थे, जो कि गरीब दे भी नहीं पाता था। और खान सर ने जो भी बोला था ना, वो बिल्कुल राइट है:
* एक्स-रे: 35 रुपये
* ECG: 25 रुपये
* ब्लड टेस्ट: 7 रुप��े
* अल्ट्रासाउंड: मात्र 300 रुपये
सबसे खास बात ये है कि इस हॉस्पिटल की सभी बीमारियों के रेट इनकी मां ने डिसाइड किए हैं। और शर्म की बात ये है कि इंडिया का कोई भी न्यूज़ चैनल इस टॉपिक को कवर भी नहीं कर रहा। तो आप भी इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर कीजिए ताकि सरकार को भी मुंहतोड़ जवाब मिल सके।"